Anaya Bangar BCCI Statement: अनाया बांगर का बड़ा खुलासा, कहा- 'क्रिकेट वापसी पर बीसीसीआई से नहीं मिला कोई रिस्पॉन्स'
Anaya Bangar BCCI Response: अनाया बांगर ऑस्ट्रेलिया में एलीट वीमन्स क्रिकेट से मैदान पर वापसी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत में बीसीसीआई से उन्हें कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।

- Who is Anaya Bangar: जानिए कौन हैं अनाया बांगर, जिन्होंने बीसीसीआई पर लगाया उपेक्षा का आरोप, ऑस्ट्रेलिया में करेंगी क्रिकेट में वापसी
- Cricket News: 'बीसीसीआई की तरफ से नहीं आया कोई जवाब', अनाया बांगर का छलका दर्द, अब ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट मैदान पर वापसी की तैयारी
- अनाया बांगर का बीसीसीआई पर बड़ा बयान, कहा- 'क्रिकेट में वापसी के लिए नहीं मिला कोई रिस्पॉन्स'
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। 2 सितंबर 2026 को सामने आई खबरों के अनुसार, हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) के बाद क्रिकेट छोड़ने को मजबूर हुईं अनाया अब ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाले एलीट वीमन्स क्रिकेट के जरिए मैदान पर वापसी करने जा रही हैं। अनाया ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि भारत में दोबारा क्रिकेट खेलने और नियमों के तहत अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड से संपर्क किया था, लेकिन बीसीसीआई की ओर से उन्हें कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में कम्यूनिटी और एलीट लेवल पर खेलने की अनुमति मिलने से उनकी उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं।
भारतीय क्रिकेट जगत में एक बेहद भावुक और रणनीतिक मोड़ सामने आया है। जेंडर ट्रांजिशन और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) के बाद महिला के रूप में अपनी नई पहचान बनाने वाली अनाया बांगर ने दोबारा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
अनाया ने सार्वजनिक रूप से बताया है कि जब उन्होंने भारतीय क्रिकेट गवर्निंग बॉडी यानी बीसीसीआई से अपनी महिला क्रिकेट में भागीदारी और भविष्य की संभावनाओं को लेकर संवाद करने की कोशिश की, तो बोर्ड की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। इसके विपरीत, ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट प्रणाली ने उन्हें एलीट वीमन्स क्रिकेट और कम्यूनिटी क्रिकेट में खेलने का मौका दिया है, जिससे उनके क्रिकेट करियर का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
अनाया बांगर, जिन्हें पहले आर्यन बांगर के नाम से जाना जाता था, ने अपने शुरुआती जीवन में मुंबई और इंग्लैंड के क्लब स्तर पर पुरुष वर्ग में क्रिकेट खेला था। हालांकि, अपनी पहचान को स्वीकार करते हुए उन्होंने जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया चुनी और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी ली। इस प्रक्रिया के कारण शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा हाल के वर्षों में ट्रांसजेंडर महिला एथलीटों पर लगाए गए सख्त नियमों के कारण उन्हें प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर होना पड़ा।
क्रिकेट से दूर रहने के बावजूद अनाया का इस खेल के प्रति समर्पण कम नहीं हुआ। उन्होंने दोबारा मैदान पर लौटने के लिए अपनी फिटनेस और कौशल पर लगातार काम किया। उन्होंने बीसीसीआई के अधिकारियों से संपर्क साधा ताकि यह समझा जा सके कि क्या भारतीय घरेलू ढांचे में उनके लिए कोई नीति या स्थान उपलब्ध है। कोई जवाब न मिलने पर, अनाया ने विदेशी अवसरों की तलाश की, जहां ऑस्ट्रेलिया के स्थानीय और एलीट वीमन्स क्रिकेट सर्किट ने उनके आवेदन और स्थिति को स्वीकार किया। ऑस्ट्रेलिया में खेलने की अनुमति मिलना अनाया के लिए एक बड़ी राहत और नई शुरुआत का जरिया बना है।
अपनी वापसी और बीसीसीआई की चुप्पी पर अनाया बांगर ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी अपनी पूरी जिंदगी किसी खेल को देता है, तो वह केवल एक स्पष्ट दिशा की उम्मीद करता है। उन्होंने बताया कि भारत में अपनी स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट नीति या जवाब न मिलना निराशाजनक था, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं खोई। ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट प्रशासन की ओर से मिले सकारात्मक रवैये और खेलने की स्वीकृति ने उनका आत्मविश्वास फिर से बढ़ा दिया है।
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर बीसीसीआई की ओर से फिलहाल कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। क्रिकेट के जानकारों और स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स का मानना है कि आईसीसी (ICC) द्वारा महिला क्रिकेट में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के प्रवेश को लेकर बनाए गए कड़े नियमों के कारण राष्ट्रीय बोर्ड अक्सर ऐसे मामलों पर सीधी टिप्पणी करने से बचते हैं। वहीं, समावेशी खेल के समर्थकों ने ऑस्ट्रेलिया के कदम का स्वागत किया है और खेल प्रशासकों से अधिक पारदर्शी नीतियों की मांग की है।
अनाया बांगर का यह कदम भारतीय क्रिकेट ही नहीं, बल्कि वैश्विक खेल समुदाय में ट्रांसजेंडर एथलीटों की भागीदारी और नीतियों पर नए सिरे से चर्चा छेड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईसीसी और विभिन्न स्पोर्ट्स फेडरेशंस ने जेंडर ट्रांजिशन कराने वाली महिला खिलाड़ियों के महिला वर्ग में खेलने पर कई कड़े मानक तय किए हैं।
अनाया द्वारा ऑस्ट्रेलिया में खेलना यह दर्शाता है कि दुनिया के कुछ हिस्सों में कम्युनिटी और एलीट स्तर पर समावेशिता (Inclusion) को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे अन्य एथलीटों को भी प्रेरणा मिलेगी जो इसी तरह की चुनौतियों से गुजर रहे हैं। साथ ही, यह घटना भारत सहित अन्य देशों के खेल बोर्डों पर ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के भविष्य के लिए स्पष्ट और समावेशी गाइडलाइंस तैयार करने का दबाव बनाएगी।
ऑस्ट्रेलिया में एलीट वीमन्स क्रिकेट में कदम रखने के बाद अनाया बांगर का मुख्य ध्यान अपने प्रदर्शन और लय को वापस हासिल करने पर होगा। वे ऑस्ट्रेलियाई घरेलू और कम्युनिटी क्रिकेट में खुद को एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में स्थापित करने की कोशिश करेंगी।
आगामी महीनों में उनकी परफॉर्मेंस पर दुनिया भर के क्रिकेट विशेषज्ञों की नजर रहेगी। यदि वे वहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं, तो यह वैश्विक क्रिकेट में ट्रांसजेंडर एथलीटों के अधिकारों और नियमों के पुनर्मूल्यांकन के लिए एक मजबूत बहस का आधार बन सकता है।
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