यूपी में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज: नया डिप्टी सीएम बनने की रेस में इस नेता का नाम है सबसे आगे, कई दिग्गज मंत्री पद के दावेदार। 

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक बदलावों के बीच योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं जोरों

Dec 15, 2025 - 12:59
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यूपी में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज: नया डिप्टी सीएम बनने की रेस में इस नेता का नाम है सबसे आगे, कई दिग्गज मंत्री पद के दावेदार। 

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक बदलावों के बीच योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं जोरों पर हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद दिसंबर महीने में ही कैबिनेट विस्तार होने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में राज्य सरकार में 54 मंत्री हैं और अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिससे छह नए चेहरों को शामिल करने की गुंजाइश है। सूत्रों के अनुसार इस विस्तार में कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाया भी जा सकता है। मंत्रिमंडल में नए शामिल होने वालों में सहयोगी दलों राष्ट्रीय लोक दल और अपना दल से भी एक-एक मंत्री बनाए जाने की बात चल रही है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के कुछ बागी विधायकों को भी जगह मिलने की संभावना है।

सबसे बड़ी चर्चा राज्य को नया उपमुख्यमंत्री मिलने को लेकर है। वर्तमान में केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक उपमुख्यमंत्री हैं। नए उपमुख्यमंत्री पद के लिए पूर्व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरा है। साध्वी निरंजन ज्योति को इस पद के लिए सबसे आगे माना जा रहा है। मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखा जाएगा। पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए समीकरण साधने की कोशिश कर रही है। नए मंत्रियों की सूची में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र और नोएडा विधायक पंकज सिंह का नाम भी शामिल है। पंकज सिंह को मंत्री बनाने की चर्चा लंबे समय से चल रही है। इसके अलावा वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 14 दिसंबर को पूरी हुई, जिसमें केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को नया प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। नामांकन प्रक्रिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार की बारी मानी जा रही है। खरमास शुरू होने से पहले 31 दिसंबर तक विस्तार पूरा होने की संभावना है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विस्तार में ओबीसी, दलित और सवर्ण समुदाय के नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सहयोगी दलों को भी उचित प्रतिनिधित्व देने की योजना है।

मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी लंबे समय से चल रही है। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में बदलाव का दौर शुरू होने की बात कही जा रही थी। अब प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद कैबिनेट में नए चेहरों की एंट्री तय मानी जा रही है। कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर भी समीक्षा हुई है, जिसके आधार पर कुछ को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। विस्तार में पूर्व में चर्चा में रहे कई नाम जैसे स्वतंत्र देव सिंह और अन्य ओबीसी नेता भी शामिल हो सकते हैं। पार्टी का फोकस 2027 के चुनाव में मजबूत प्रदर्शन पर है, इसलिए जातीय समीकरणों को मजबूत करने के लिए नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। राज्य में राजनीतिक गलियारों में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर गहमागहमी है। केंद्रीय नेतृत्व से भी इस पर चर्चा हो चुकी है। नए उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति से पार्टी ओबीसी और अन्य backward वर्गों को मजबूत संदेश देने की कोशिश करेगी। साध्वी निरंजन ज्योति का नाम इसलिए मजबूत है क्योंकि वे पार्टी की पुरानी और समर्पित नेता हैं। पंकज सिंह को मंत्री बनाने से राजनाथ सिंह के प्रभाव वाले क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। इसी तरह अन्य नए चेहरों से क्षेत्रीय संतुलन साधा जाएगा। विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा भी महत्वपूर्ण होगा, जिसमें उपमुख्यमंत्रियों को अतिरिक्त विभाग दिए जाने की संभावना है।

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