ऑपरेशन सिंदूर पर बहस, अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस को बताया 'लश्कर-ए-राहुल'।
Political News: नई दिल्ली में 28 जुलाई 2025 को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद अनुराग ठाकुर ...
Political News: नई दिल्ली में 28 जुलाई 2025 को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को 'राहुल-नियंत्रित कांग्रेस' और 'लश्कर-ए-राहुल' करार देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता भारत की खुफिया जानकारी पर सवाल उठाकर पाकिस्तान का पक्ष ले रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के बयान पाकिस्तानी सेना और सरकार अपने हित में इस्तेमाल कर रही है।
ऑपरेशन सिंदूर भारत की सेना द्वारा 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया एक सैन्य अभियान था। इस हमले में आतंकियों ने पर्यटकों की धार्मिक पहचान पूछी, उन्हें कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया, कपड़े उतारे और फिर उनकी हत्या कर दी। इस घटना ने देश में आक्रोश पैदा किया और सरकार ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में इस अभियान की सफलता का ब्यौरा दिया, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सैन्य संरचना को भारी नुकसान पहुंचाया। ठाकुर ने दावा किया कि पाकिस्तान का रहीम खान हवाई अड्डा इस हमले के दो महीने बाद भी काम नहीं कर रहा है।
अनुराग ठाकुर का हमला
लोकसभा में बहस के दौरान अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत ने 'ढाई मोर्चों' पर लड़ाई लड़ी, जिसमें 'आधा मोर्चा' राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पिछले दो महीनों में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना के खिलाफ अपमानजनक कार्टून और टिप्पणियां फैलाईं। ठाकुर ने 2017 में कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने तत्कालीन सेना प्रमुख को 'सड़क का गुंडा' कहा था। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी को देश और सेना से माफी मांगनी चाहिए।
ठाकुर ने कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम के 27 जुलाई 2025 को द क्विंट को दिए साक्षात्कार का हवाला दिया, जिसमें चिदंबरम ने पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के पाकिस्तान से होने का कोई सबूत न होने की बात कही थी। ठाकुर ने इसे कांग्रेस की पाकिस्तान-समर्थक मानसिकता का सबूत बताया और कहा, "पाकिस्तान तो बाद में अपना बचाव करता है, लेकिन कांग्रेस के नेता पहले ही उसके पक्ष में उतर आते हैं।" उन्होंने कांग्रेस को 'इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस' कहकर तंज कसा और दावा किया कि पार्टी के बयान पाकिस्तानी सेना और सरकार अपने प्रचार के लिए इस्तेमाल करती है।
राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला
ठाकुर ने राहुल गांधी को 'पाकिस्तान का प्रचार करने वाला पोस्टर बॉय' करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को दो बार देश की जनता ने विपक्ष के नेता बनने के लिए पर्याप्त वोट नहीं दिए, फिर भी वह भारत और प्रधानमंत्री का विरोध करने में लगे हैं। ठाकुर ने राहुल को 'एलओपी' (लीडर ऑफ ऑपोजिशन) से 'एलओबी' (लीडर ऑफ अपोजिंग भारत) कहकर पुकारा और उनकी राजनीति को देश-विरोधी बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर खुश होने के बजाय यह जानने में ज्यादा रुचि रखते थे कि भारत ने कितने जेट खोए।
विपक्ष की चुप्पी पर सवाल
ठाकुर ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस, की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जब ऑपरेशन सिंदूर की उपलब्धियों का ब्यौरा दे रहे थे, तब विपक्ष की ओर से न तो तालियां बजीं और न ही मेज थपथपाई गई। उन्होंने पूछा कि पहलगाम हमले में आतंकियों द्वारा लोगों की धार्मिक पहचान पूछकर उनकी हत्या करने की बात पर विपक्ष के एक भी सांसद ने क्यों नहीं बोला। ठाकुर ने इसे विपक्ष की असंवेदनशीलता और पाकिस्तान के प्रति नरम रुख का सबूत बताया।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस की ओर से इस बहस में राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने सरकार से ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर सवाल उठाए। हालांकि, ठाकुर ने इसे देश की सेना और खुफिया एजेंसियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाला बताया। दूसरी ओर, शिवसेना-यूबीटी की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने चिदंबरम के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और बिना सबूत के पाकिस्तान पर आरोप लगाना ठीक नहीं है।
संसद में हंगामा
ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान लोकसभा में खूब हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों ने बैनर और पोस्टर लेकर सदन में नारेबाजी की, जिसके कारण लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। स्पीकर ने राहुल गांधी से अपने सांसदों को पोस्टर न दिखाने की सलाह दी और कहा कि सांसदों को संसद में इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए।
यह घटना भारत-पाकिस्तान संबंधों और आतंकवाद के खिलाफ देश की नीति पर गहन बहस का कारण बनी। ठाकुर ने कहा कि भारत अब आतंकियों के खिलाफ सबूत नहीं, बल्कि 'ताबूत' भेजेगा, जिसका मतलब है कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ कठोर और त्वरित कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान कहता था कि वह भारत को हजार घावों से लहूलुहान करेगा, लेकिन हमारी सेना ने 48 घंटे में उसे जवाब दे दिया।"
कांग्रेस पर ठाकुर के 'लश्कर-ए-राहुल' जैसे बयानों ने सोशल मीडिया पर भी तीव्र प्रतिक्रिया देखी। कुछ लोगों ने इसे तीखा लेकिन सटीक हमला बताया, जबकि कुछ ने इसे अनुचित और व्यक्तिगत आक्षेप माना। खासकर, पत्रकार साक्षी जोशी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राहुल गांधी का परिवार स्वयं आतंकवाद का शिकार रहा है, और इस तरह के बयान आतंकवाद पर बहस को छोटा करते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा की बहस ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच गहरे मतभेद को सामने ला दिया। अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस को पाकिस्तान समर्थक बताकर और राहुल गांधी को 'लश्कर-ए-राहुल' कहकर तीखा हमला किया। यह बहस न केवल राजनीतिक थी, बल्कि इसने देश की एकता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर भी सवाल उठाए। पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं, और सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम रहेगी।
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