देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा(NEET) की पुनर्परीक्षा का देशव्यापी आयोजन आज, NTA ने देश भर के विशेष केंद्रों पर सुरक्षा के किए कड़े इंतजाम।
पहचान सत्यापन की इस बहुस्तरीय प्रक्रिया के तहत प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण और निर्धारित दस्तावेजों को अपने साथ रखना अनिवार्य किया गया था, जिसके बिना केंद्र में प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। परीक्षार्थियों को अपने साथ आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया गया मु

- कड़ी निगरानी और नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ दोबारा मैदान में उतरे हजारों चिकित्सा अभ्यर्थी, परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन और फुल-बॉडी स्कैनिंग अनिवार्य।
- सख्त ड्रेस कोड और जरूरी दस्तावेजों की सूची के साथ समय से पहले केंद्रों पर पहुंचे परीक्षार्थी, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद।
देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) की विशेष पुनर्परीक्षा आज देश भर के विभिन्न निर्धारित केंद्रों पर बेहद कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित की जा रही है। NTA द्वारा आयोजित की जा रही इस महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सतर्क और मुस्तैद नजर आ रहा है। पूर्व में आई कुछ विसंगतियों और प्रशासनिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस बार परीक्षा के आयोजन में अभूतपूर्व सुरक्षा मानकों और तकनीकी प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को अक्षुण्ण रखा जा सके। इस परीक्षा में भाग लेने वाले हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर सुबह से ही सुरक्षा बलों और जांच टीमों की भारी तैनाती की गई है। NTA ने सभी अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए पहले ही विस्तृत दिशा-निर्देश और समय सारणी जारी कर दी थी, जिसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
परीक्षा के सफल और निर्बाध संचालन के लिए समय प्रबंधन को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है, जिसके तहत अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से काफी पहले केंद्रों पर रिपोर्ट करने की सख्त सलाह दी गई थी। सुबह के सत्र में आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए मुख्य प्रवेश द्वारों को तय समय सीमा के भीतर ही खुला रखने का नियम बनाया गया है, और अंतिम समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी परिस्थिति में किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। गेट बंद होने के इस कड़े नियम के चलते केंद्रों के बाहर सुबह तड़के से ही परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। इस समयबद्धता का मुख्य उद्देश्य प्रवेश द्वार पर होने वाली भीड़भाड़ को रोकना और प्रत्येक अभ्यर्थी की पहचान का गहनता से भौतिक सत्यापन करना है, जिससे किसी भी तरह की छद्मवेष या गलत प्रविष्टि की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
पहचान सत्यापन की इस बहुस्तरीय प्रक्रिया के तहत प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण और निर्धारित दस्तावेजों को अपने साथ रखना अनिवार्य किया गया था, जिसके बिना केंद्र में प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। परीक्षार्थियों को अपने साथ आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया गया मुख्य प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड), जिस पर पासपोर्ट आकार की रंगीन फोटो लगी हो और पोस्टकार्ड आकार की फोटो चिपकाने के लिए निर्धारित स्थान हो, लाना आवश्यक था। इसके साथ ही, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कोई भी एक वैध और मूल फोटो पहचान पत्र जैसे कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर आईडी कार्ड साथ रखना अनिवार्य था। परीक्षा कक्ष के भीतर उपस्थिति पत्रक पर चिपकाने के लिए अतिरिक्त पासपोर्ट आकार की तस्वीरें भी मंगवाई गई थीं। इन दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने के बाद ही परीक्षार्थियों को उनके अलॉटेड रोल नंबर और सीटों की ओर जाने की अनुमति प्रदान की गई।
जैमर्स और AI आधारित निगरानी
परीक्षा केंद्रों के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक संचार या अवांछित गतिविधियों को रोकने के लिए इस बार अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है। सभी परीक्षा हॉलों में हाई-फ्रीक्वेंसी मोबाइल नेटवर्क जैमर्स लगाए गए हैं, जो परीक्षा के दौरान पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। इसके अलावा, केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फीड को सीधे केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से जोड़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सॉफ्टवेयर के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है।
नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए NTA ने इस बार एक बेहद कड़ा और विस्तृत ड्रेस कोड भी लागू किया है, जिसका अनुपालन सभी परीक्षार्थियों के लिए अनिवार्य है। इस ड्रेस कोड के मुताबिक, अभ्यर्थियों को हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई थी, जिनमें लंबी आस्तीन या पूरी बांह वाले शर्ट या टी-शर्ट पूरी तरह प्रतिबंधित थे। कपड़ों में बड़े बटन, हुक, भारी कढ़ाई या बड़े पॉकेट होने की अनुमति नहीं थी, ताकि कोई भी अवांछित सामग्री छुपाने की गुंजाइश न रहे। जूतों और भारी सैंडल पहनकर आने वाले परीक्षार्थियों को मुख्य द्वार पर ही उन्हें उतारने के निर्देश दिए गए, और केवल साधारण चप्पल या कम हील वाली सैंडल पहनकर ही परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति दी गई। इसके साथ ही, किसी भी तरह के आभूषण, अंगूठी, चेन, कंगन, धार्मिक प्रतीक (यदि वे अनिवार्य श्रेणी में न हों) और धातु की बनी वस्तुओं को पहनने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई थी।
परीक्षा हॉल के भीतर ले जाने वाली अनुमत वस्तुओं की सूची को भी बेहद सीमित रखा गया है ताकि किसी भी स्तर पर सुरक्षा में चूक न हो। परीक्षार्थियों को केवल एक पारदर्शी पानी की बोतल, प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र और अपनी अतिरिक्त तस्वीरें ले जाने की इजाजत दी गई। किसी भी प्रकार की स्टेशनरी सामग्री जैसे पेन, पेंसिल, ज्योमेट्री बॉक्स, कागज के टुकड़े, लॉग टेबल, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर या ब्लूटूथ डिवाइस को परीक्षा परिसर के भीतर लाना पूरी तरह से वर्जित घोषित किया गया था। परीक्षा हॉल के भीतर लिखने के लिए आवश्यक बॉलपॉइंट पेन भी इस बार NTA द्वारा स्वयं परीक्षा कक्ष में ही उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई, जिससे बाहर से किसी भी प्रकार के पेन के माध्यम से होने वाली तकनीकी गड़बड़ी को रोका जा सके।
इस विशेष पुनर्परीक्षा का आयोजन उन विद्यार्थियों के लिए एक जीवन बदलने वाला अवसर है जो लंबे समय से इस दिन की प्रतीक्षा कर रहे थे और चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे थे। प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया गया है कि किसी भी योग्य उम्मीदवार को किसी तकनीकी या प्रशासनिक चूक के कारण परीक्षा से वंचित न होना पड़े। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्वास्थ्य सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए विशेष टीमों को भी तैनात किया गया है ताकि अत्यधिक गर्मी या तनाव के कारण यदि किसी अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ती है, तो उसे तुरंत प्राथमिक उपचार दिया जा सके। परीक्षा केंद्रों के आसपास के क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा धारा 144 जैसी पाबंदियां भी लागू की गई हैं।
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