Noida Cyber Crime : नोएडा में ऑनलाइन फ्रेंडशिप के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार
नोएडा पुलिस ने ऑनलाइन दोस्ती के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया और 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। नोएडा में सक्रिय इस साइबर क्राइम ग्रुप के काम करने का पूरा तरीका जानें।

- Noida Cyber Fraud: दोस्ती के नाम पर जालसाजी करने वाले 'ऑनलाइन फ्रेंडशिप गैंग' को नोएडा पुलिस ने दबोचा, 5 हिरासत में
- नोएडा में ऑनलाइन फ्रेंडशिप के नाम पर बड़ा खेल, पुलिस की गिरफ्त में आए 5 शातिर ठग; ऐसे फंसाते थे जाल में
- Noida Crime News: ऑनलाइन फ्रेंडशिप गैंग का पर्दाफाश, नोएडा पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा की साइबर सेल और स्थानीय पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नोएडा पुलिस ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को जाल में फंसाने वाले एक सक्रिय 'ऑनलाइन फ्रेंडशिप गैंग' का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। यह गिरोह भोले-भाले इंटरनेट यूजर्स को सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के जरिए दोस्ती का झांसा देकर लाखों रुपये की वित्तीय चपत लगा रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं और अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य कड़ियों को खंगालने में जुट गई है।
साइबर अपराध पर लगाम लगाने के अभियान के तहत नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को दबोचा है जो इंटरनेट का सहारा लेकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। इस गैंग के सदस्य सोशल मीडिया हैंडल्स और विभिन्न मैसेजिंग ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर सक्रिय रहते थे। वे लोगों से ऑनलाइन दोस्ती (फ्रेंडशिप) करते थे और फिर धीरे-धीरे विश्वास में लेकर अलग-अलग बहानों से उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते थे। हाल ही में मिली कुछ शिकायतों के आधार पर तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने इस गिरोह के ठिकानों को चिन्हित कर 5 लोगों को हिरासत में लिया है।
पुलिस विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से नोएडा के विभिन्न थानों में ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें दर्ज हो रही थीं। पीड़ितों ने शिकायत में बताया था कि इंटरनेट पर मिले कुछ दोस्तों ने आपातकालीन स्थिति, कस्टम क्लीयरेंस या महंगे उपहार भेजने के नाम पर उनसे बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए और बाद में संपर्क तोड़ दिया।
इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और स्थानीय थाने की संयुक्त टीम का गठन किया गया। जांच टीम ने संदिग्ध बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल नंबरों के आईपी एड्रेस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) का गहन विश्लेषण किया। पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने नोएडा के एक ठिकाने पर छापेमारी कर पांच आरोपियों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान इनके पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनका उपयोग अपराध को अंजाम देने के लिए किया जाता था।
इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह था जो योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था। पुलिस उपायुक्त (DCP) ने मीडिया को बताया कि पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की गई राशि का लेन-देन किन-किन बैंक खातों में हुआ है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय पूरी सतर्कता बरतें।
दूसरी ओर, पकड़े गए आरोपियों के कानूनी प्रतिनिधियों या उनके परिजनों की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
नोएडा जैसे औद्योगिक और आईटी हब में इस तरह के गिरोह का पकड़ा जाना यह दर्शाता है कि डिजिटल स्पेस में सुरक्षा को लेकर अभी और अधिक जागरूकता की आवश्यकता है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय इलाकों में सक्रिय अन्य संदिग्धों में हड़कंप है। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इस भंडाफोड़ से ऑनलाइन डेटिंग और सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने वाले लोगों में सतर्कता बढ़ेगी और डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जांच अधिकारी अब आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज कराने और उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए इस रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दायरे को बढ़ाया जा रहा है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
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