FBI Wanted Notice: पंजाब के मेजर सिंह को अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने घोषित किया वांटेड, अंतरराष्ट्रीय क्राइम सिंडिकेट से जुड़े तार

Major Singh FBI Wanted: अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े पंजाब के मेजर सिंह को वांटेड घोषित किया है। पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।

Aug 19, 2026 - 14:23
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FBI Wanted Notice: पंजाब के मेजर सिंह को अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने घोषित किया वांटेड, अंतरराष्ट्रीय क्राइम सिंडिकेट से जुड़े तार
  • Major Singh FBI Wanted: एफबीआई ने पंजाब के मेजर सिंह को घोषित किया वांटेड, जग्गू भगवानपुरिया गैंग से कनेक्शन 
  • FBI Issues Wanted Notice for Major Singh: अमेरिकी जांच एजेंसी FBI का बड़ा एक्शन, जग्गू भगवानपुरिया सिंडिकेट से जुड़े मेजर सिंह की तलाश 
  • अमेरिका में पंजाब के गैंगस्टर पर FBI का शिकंजा: जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े मेजर सिंह को वांटेड घोषित किया 

अमेरिका की प्रमुख संघीय जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारत के पंजाब मूल के नागरिक मेजर सिंह के खिलाफ आधिकारिक 'वांटेड' नोटिस जारी किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, मेजर सिंह पर पंजाब से संचालित होने वाले और अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत अन्य हिस्सों में फैले जग्गू भगवानपुरिया संगठित अपराध गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। उस पर अवैध हथियारों की तस्करी, मादक पदार्थों के वितरण और रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (RICO) के तहत अंतरराष्ट्रीय आपराधिक साजिश में संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी अदालत द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश तेज कर दी गई है। 

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध तंत्र पर शिकंजा कसते हुए पंजाब से जुड़े मेजर सिंह को वांछित घोषित किया है। संघीय एजेंसी के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, मेजर सिंह पर जग्गू भगवानपुरिया आपराधिक समूह के सक्रिय सदस्य के रूप में काम करने और सीमा पार अवैध गतिविधियों को संचालित करने के आरोप हैं। उस पर कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में बिना वैध लाइसेंस के आग्नेयास्त्रों का कारोबार करने और प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की आपूर्ति से जुड़ी आपराधिक साजिश में शामिल होने का मामला दर्ज किया गया है। 

अमेरिकी जांच एजेंसियों ने भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्कों की पड़ताल के दौरान इस संगठित गिरोह की गतिविधियों का खुलासा किया है। जांच के आधार पर यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया (लॉस एंजेलिस) ने मेजर सिंह के खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। एफबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी विवरण में बताया है कि जग्गू भगवानपुरिया संगठित अपराध समूह की जड़ें भारत के पंजाब राज्य में हैं, लेकिन इसका नेटवर्क अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में भी विस्तार पा चुका है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, यह सिंडिकेट सीमा पार हथियार तस्करी, नशीले पदार्थों का अवैध व्यापार, धन शोधन और जबरन वसूली जैसी कई गंभीर गतिविधियों में संलिप्त रहा है। इस गिरोह के कई अन्य संदिग्ध सहयोगियों पर भी अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर रख रही हैं और हाल के महीनों में सिंडिकेट से जुड़े कई सदस्यों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है।

एफबीआई ने सार्वजनिक नोटिस जारी करते हुए आम जनता और वैश्विक कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संदिग्ध के संबंध में सत्यापित जानकारी साझा करने की अपील की है। अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि विदेशी धरती से संचालित होकर अमेरिका में संगठित अपराध फैलाने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा और संबंधित सिंडिकेट्स की वित्तीय व लॉजिस्टिक रीढ़ तोड़ने के लिए संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं।

वहीं, भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि पंजाब के स्थानीय गिरोहों का विदेशी नेटवर्कों के साथ गठजोड़ दोनों देशों की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय कार्रवाइयों से भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण और उन पर कानूनी शिकंजा कसने में विभिन्न देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूती मिलेगी।

एफबीआई द्वारा वांछित सूची में नाम शामिल किए जाने के बाद मेजर सिंह की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही पूरी तरह सीमित हो जाएगी। इंटरपोल और विभिन्न देशों के आव्रजन विभागों को अलर्ट पर रखा जा सकता है, जिससे आरोपी के छिपने के ठिकाने तलाशना आसान होगा। इसके अतिरिक्त, जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों, हथियारों के लेन-देन और मादक पदार्थों की सप्लाई चेन पर भी अमेरिकी एजेंसियों की इस कार्रवाई का गहरा असर पड़ने की संभावना है। 

अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी अब अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों और खुफिया तंत्र की मदद से मेजर सिंह की सटीक लोकेशन का पता लगाने के प्रयास में जुटी है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अमेरिकी कानून के तहत अदालत में पेश किया जाएगा, जहां लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे का न्यायिक ट्रायल चलेगा। दूसरी तरफ, भारत और अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार अपराध और ड्रग सिंडिकेट्स के गठजोड़ को पूरी तरह खत्म करने के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान और तेज कर रही हैं।

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