'जब मैं पहली बार विधायक बना, तब बच्चे थे अमित शाह': गोवा में बोले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, बीजेपी पर साधा निशाना
Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दक्षिण गोवा रैली में गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला और उत्तराखंड मंच शुद्धिकरण पर बीजेपी को घेरा।

- Mallikarjun Kharge Targets Amit Shah: 'हमें देशभक्ति न सिखाएं...', गोवा रैली में बरसे मल्लिकार्जुन खड़गे; उत्तराखंड मंच शुद्धिकरण पर उठाया सवाल
- 'जब मैं MLA बना, तब बच्चे थे अमित शाह...': मल्लिकार्जुन खड़गे का गृह मंत्री पर तीखा पलटवार, उत्तराखंड के मंच शुद्धिकरण पर भी घेरा
- Mallikarjun Kharge Goa Rally: अमित शाह के बयानों और उत्तराखंड मंच शुद्धिकरण को लेकर बरसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने दक्षिण गोवा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। गांधी परिवार और सोनिया गांधी पर बीजेपी द्वारा लगातार किए जाने वाले हमलों का जवाब देते हुए खड़गे ने कहा कि जब वे पहली बार विधायक चुने गए थे, तब अमित शाह बच्चे थे और आज वे कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में अपने भाषण के दो दिन बाद मंच का कथित शुद्धिकरण किए जाने की घटना का जिक्र करते हुए बीजेपी और संघ परिवार की मानसिकता पर कड़े सवाल खड़े किए।
दक्षिण गोवा के वेरना में पार्टी कार्यकर्ताओं और जनसभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रीय राजनीति, देशभक्ति और सामाजिक समानता के मुद्दों पर केंद्र की सत्ताधारी पार्टी पर जोरदार प्रहार किया। खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह की ओर से कांग्रेस नेतृत्व और सोनिया गांधी पर की जाने वाली आलोचनाओं को अनुचित करार दिया। उन्होंने अपने लंबे संसदीय जीवन और राजनीतिक वरिष्ठता का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने देश की आजादी के लिए वर्षों जेल काटी और बलिदान दिया, ऐसे में जो दल आजादी की लड़ाई में कहीं नहीं था, वह उन्हें राष्ट्रवाद का प्रमाण पत्र नहीं दे सकता। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड दौरे के बाद हुए विवाद को उठाकर सामाजिक भेदभाव का आरोप भी लगाया।
अपने भाषण के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने सार्वजनिक जीवन में अपने पांच दशक से अधिक के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वे 1972 में पहली बार विधायक बने थे। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने चुनावी राजनीति में कदम रखा था, उस समय अमित शाह बहुत छोटे थे। खड़गे ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेता लगातार विपक्ष के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाते हैं और बिना किसी ऐतिहासिक योगदान के खुद को देशभक्ति का एकमात्र ठेकेदार साबित करने का प्रयास करते हैं।
इसके अतिरिक्त खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8 अगस्त को आयोजित अपनी जनसभा का विस्तृत संदर्भ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रामलीला मैदान में उनके संबोधन के दो दिन बाद एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा उस मंच का 'शुद्धिकरण' किया गया। खड़गे ने इसे दलित नेतृत्व के प्रति संकीर्ण मानसिकता और धार्मिक मूल्यों के विपरीत आचरण बताते हुए पूछा कि क्या यही संस्कार और समानता की सीख दी जाती है।
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों पर हमेशा कड़ा प्रतिवाद किया है। बीजेपी प्रवक्ताओं का कहना है कि मंच शुद्धिकरण जैसी स्थानीय गतिविधियों से पार्टी का कोई सीधा संबंध नहीं है। सत्ता पक्ष का तर्क है कि कांग्रेस अपनी विफलताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर अपने पुराने रुख से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे मामलों को जातिगत रंग देने की कोशिश करती है। बीजेपी नेताओं के अनुसार, देशहित और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की जवाबदेही तय करना पूरी तरह स्वाभाविक है।
कांग्रेस नेताओं ने अध्यक्ष के बयान का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा देश की एकता, धर्मनिरपेक्षता और समावेशी विकास के लिए काम किया है। कांग्रेस प्रदेश इकाइयों ने उत्तराखंड में मंच शुद्धिकरण की घटना की जांच और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई है।
वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि उम्र या राजनीतिक वरिष्ठता के नाम पर नीतियों और बयानों की आलोचना से बचा नहीं जा सकता। बीजेपी का तर्क है कि जनता के सामने लोकतांत्रिक तरीके से सभी दलों के रिकॉर्ड का विश्लेषण होना चाहिए और कांग्रेस को केवल निजी टिप्पणियों के आधार पर राजनीतिक विमर्श को भटकाना नहीं चाहिए।
- राष्ट्रीय राजनीति और चुनावी विमर्श
मल्लिकार्जुन खड़गे के इस आक्रामक रुख से स्पष्ट है कि कांग्रेस अब बीजेपी के राष्ट्रवाद और धार्मिक आख्यान के खिलाफ आक्रामक जवाबी रणनीति अपना रही है। वरिष्ठता और स्वतंत्रता संग्राम के ऐतिहासिक संदर्भों को सामने रखकर कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का प्रयास कर रही है। साथ ही उत्तराखंड के मंच शुद्धिकरण जैसे प्रकरणों को उठाकर पार्टी दलित और पिछड़े वर्गों के बीच यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि विपक्ष सामाजिक न्याय और संवैधानिक गरिमा की लड़ाई में पूरी मजबूती से खड़ा है।
खड़गे के इस ताजा बयान के बाद आने वाले दिनों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज होने के पूरे आसार हैं। संसद से लेकर चुनावी राज्यों के विभिन्न मंचों पर देशभक्ति, ऐतिहासिक विरासत और सामाजिक समानता के मुद्दों पर दोनों प्रमुख राजनीतिक दल एक-दूसरे पर तीखे हमले जारी रख सकते हैं।
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