'धुरंधर' में रहमान डकैत बने 'अक्षय खन्ना' के दोनों भाइयों ने भी बॉलीवुड में आजमाई किस्मत, लेकिन नहीं मिली बड़ी सफलता।
बॉलीवुड में कई परिवार ऐसे हैं जहां भाई-भाई या भाई-बहन ने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा, लेकिन अक्सर केवल एक ही सदस्य को बड़ी पहचान
बॉलीवुड में कई परिवार ऐसे हैं जहां भाई-भाई या भाई-बहन ने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा, लेकिन अक्सर केवल एक ही सदस्य को बड़ी पहचान और सफलता मिल पाती है। दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना के बेटे अक्षय खन्ना इन दिनों अपनी फिल्म धुरंधर में रहमान डकैत के किरदार से सुर्खियां बटोर रहे हैं। इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस को दर्शकों और क्रिटिक्स से सराहना मिल रही है। अक्षय खन्ना लंबे समय से बॉलीवुड में सक्रिय हैं और कई यादगार फिल्मों में काम कर चुके हैं। लेकिन उनके दोनों भाइयों ने भी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी किस्मत आजमाई, हालांकि उन्हें अक्षय जितनी बड़ी सफलता नहीं मिल सकी। अक्षय खन्ना के बड़े भाई राहुल खन्ना हैं, जो विनोद खन्ना और उनकी पहली पत्नी गीतांजलि की संतान हैं। राहुल खन्ना ने बॉलीवुड में डेब्यू 1999 में दीपा मेहता की फिल्म 1947 अर्थ से किया। इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड भी मिला। राहुल ने इसके बाद कई फिल्मों में काम किया, जिनमें बॉलीवुड/हॉलीवुड, द एम्परर्स क्लब, एलान, रकीब, लव आज कल, वेक अप सिड और दिल कबड्डी जैसी फिल्में शामिल हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी हिस्सा लिया और कुछ टीवी शोज तथा वेब सीरीज में नजर आए। राहुल ने एमटीवी एशिया में वीजे के रूप में भी काम किया और कई ब्रांड्स के लिए मॉडलिंग की। वे इवेंट्स होस्ट करने के लिए भी जाने जाते हैं, जैसे आईफा अवॉर्ड्स, मिस इंडिया पेजेंट और अन्य बड़े कार्यक्रम। हालांकि राहुल ने कई प्रोजेक्ट्स किए, लेकिन मुख्यधारा की बॉलीवुड फिल्मों में उन्हें लीड रोल्स में लगातार बड़ी सफलता नहीं मिली और वे चुनिंदा प्रोजेक्ट्स तक सीमित रहे।
विनोद खन्ना की दूसरी शादी कविता खन्ना से हुई थी, जिनसे उनके दो बच्चे हुए – बेटा साक्षी खन्ना और बेटी श्रद्धा खन्ना। साक्षी खन्ना अक्षय खन्ना और राहुल खन्ना के सौतेले भाई हैं। साक्षी का जन्म 12 मई 1991 में मुंबई में हुआ। वे फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े रहे और संजय लीला भंसाली की फिल्म बाजीराव मस्तानी में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। इसके अलावा मिलन लुथरिया की फिल्मों में भी उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर की भूमिका निभाई। साक्षी ने कुछ इंडिपेंडेंट प्रोजेक्ट्स और शॉर्ट फिल्मों में एक्टिंग भी की। वे अपनी प्रोडक्शन हाउस भी शुरू कर चुके थे और एक समय बॉलीवुड में डेब्यू की तैयारी कर रहे थे, जहां मिलन लुथरिया ने उनकी टैलेंट की तारीफ की थी। हालांकि उनका प्रस्तावित डेब्यू प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका। बाद में साक्षी ने फिल्मों से दूरी बना ली और स्पिरिचुअलिटी की ओर रुख किया। वे आध्यात्मिक जर्नी पर फोकस कर रहे हैं और लाइमलाइट से दूर रहते हैं। साक्षी को उनके पिता विनोद खन्ना से काफी समानता मानी जाती है, खासकर लुक्स और हाइट में। विनोद खन्ना खुद बॉलीवुड के बड़े स्टार थे, जिन्होंने 1970 और 1980 के दशक में कई सुपरहिट फिल्में दीं। वे बाद में पॉलिटिक्स में भी सक्रिय हुए और मंत्री तक बने। विनोद खन्ना ने दो शादियां कीं – पहली गीतांजलि से, जिनसे राहुल और अक्षय हुए, और दूसरी कविता से, जिनसे साक्षी और श्रद्धा हुए। परिवार में अक्षय खन्ना ही ऐसे हैं जिन्होंने लगातार बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई और फिल्में जैसे बॉर्डर, दिल चाहता है, ताल, रेस, दृश्यम 2 और अब धुरंधर तथा छावा से लगातार सक्रिय रहे। धुरंधर में अक्षय का निगेटिव किरदार रहमान डकैत काफी चर्चित है, जहां वे रणवीर सिंह और संजय दत्त के साथ नजर आए।
बॉलीवुड में नेपोटिज्म के बावजूद कई स्टार किड्स को संघर्ष करना पड़ता है और सफलता सभी को नहीं मिलती। खन्ना परिवार में भी अक्षय खन्ना ने अपनी एक्टिंग से अलग पहचान बनाई, जबकि राहुल खन्ना ने चुनिंदा काम किया और साक्षी खन्ना ने फिल्मों से दूरी चुन ली। राहुल ने अंतरराष्ट्रीय और इंडियन दोनों तरह के प्रोजेक्ट्स किए, लेकिन मुख्य स्ट्रीम बॉलीवुड में लगातार बड़े रोल्स नहीं मिले। साक्षी ने बैकग्राउंड में काम किया और फिर स्पिरिचुअल पाथ चुना, जो उनके पिता विनोद खन्ना की ओशो से जुड़ी जर्नी से कुछ हद तक मिलता-जुलता है। विनोद खन्ना भी एक समय फिल्मों छोड़कर आध्यात्मिक जीवन जीने चले गए थे। अक्षय खन्ना की सफलता ने फिर से खन्ना परिवार को चर्चा में ला दिया है। वे हमेशा से प्राइवेट रहे हैं और मीडिया से दूर रहते हैं। धुरंधर की सफलता के बाद उनके परिवार के बारे में भी जानकारी सामने आ रही है। तीनों भाइयों में अक्षय ही ऐसे हैं जिनकी फिल्मोग्राफी सबसे लंबी और विविध है। राहुल और साक्षी ने अलग-अलग रास्ते चुने, लेकिन इंडस्ट्री से पूरी तरह दूर नहीं हैं। राहुल मॉडलिंग और राइटिंग में सक्रिय हैं, जबकि साक्षी स्पिरिचुअलिटी पर फोकस कर रहे हैं।
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