LPG e-KYC Deadline 16 August: 16 अगस्त तक निपटा लें एलपीजी ई-केवाईसी, वर्ना रुक सकती है सब्सिडी और गैस बुकिंग

16 अगस्त तक एलपीजी ई-केवाईसी पूरा करना अनिवार्य है। ई-केवाईसी न होने पर गैस सब्सिडी और बुकिंग प्रभावित हो सकती है। जानिए मोबाइल से ई-केवाईसी और बीमा से जुड़े नियम।

Aug 9, 2026 - 12:20
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LPG e-KYC Deadline 16 August: 16 अगस्त तक निपटा लें एलपीजी ई-केवाईसी, वर्ना रुक सकती है सब्सिडी और गैस बुकिंग
LPG eKYC Deadline 16 August

  • एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अलर्ट: 16 अगस्त है ई-केवाईसी की आखिरी तारीख, घर बैठे मोबाइल से ऐसे करें प्रक्रिया पूरी
  • एलपीजी ग्राहकों के लिए बड़ी खबर: 16 अगस्त तक e-KYC न कराने पर प्रभावित हो सकती है सब्सिडी, जानिए मोबाइल से बायोमेट्रिक अपडेट करने का तरीका
  • एलपीजी अलर्ट: 16 अगस्त तक एलपीजी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य, सब्सिडी और सिलिंडर डिलीवरी पर पड़ सकता है असर

देश भर के घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सेवा संबंधी सूचना जारी की गई है। तेल विपणन कंपनियों और गैस वितरण एजेंसियों ने सभी पात्र घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं से 16 अगस्त तक अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। निर्धारित समय सीमा तक ई-केवाईसी पूरा न कराने पर संबंधित उपभोक्ता का रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाएगा, जिससे आने वाले दिनों में गैस सिलिंडर की बुकिंग, डिलीवरी और खाते में आने वाली सब्सिडी रुकने की आशंका जताई जा रही है। ई-कॉमर्स और डिजिटल माध्यमों के इस दौर में उपभोक्ता घर बैठे मोबाइल ऐप या अपनी नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से यह कार्य आसानी से पूरा कर सकते हैं।

क्या है मामला और क्यों जरूरी है ई-केवाईसी

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा तेल विपणन कंपनियों (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) द्वारा गैस कनेक्शनों के पारदर्शी संचालन के उद्देश्य से ई-केवाईसी सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य फर्जी, निष्क्रिय या एक ही व्यक्ति के नाम पर दर्ज बहुल कनेक्शनों की पहचान करना है। 16 अगस्त तक जिन खातों का आधार प्रमाणीकरण पूरा नहीं होगा, उनके सिस्टम रिकॉर्ड को होल्ड पर रखा जा सकता है।

ई-केवाईसी न होने की स्थिति में उपभोक्ता को घरेलू रियायती दरों और सब्सिडी लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। यदि किसी उपभोक्ता का खाता असत्यापित रह जाता है, तो वितरण प्रणालियों में तकनीकी रुकावट के कारण रिफिल बुकिंग में परेशानी आ सकती है। इसलिए कंपनियों ने सभी उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे समय सीमा खत्म होने से पहले अपना सत्यापन अवश्य करा लें।

मोबाइल से ई-केवाईसी करने का आसान तरीका

हाल के दिनों में देश के विभिन्न राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में गैस एजेंसियों के बाहर प्रमाणीकरण कराने वाले उपभोक्ताओं की कतारें देखी गई हैं। अंतिम दिनों की भीड़ से बचने के लिए तेल कंपनियों ने डिजिटल ई-केवाईसी की सुविधा अपने आधिकारिक मोबाइल ऐप्स पर भी उपलब्ध कराई है।

स्मार्टफोन के जरिए घर बैठे ई-केवाईसी करने के लिए सबसे पहले उपभोक्ता को अपने गैस प्रदाता की आधिकारिक ऐप (जैसे IndianOil ONE, HP PAY या Hello BPCL) डाउनलोड करनी होगी। इसके साथ ही गूगल प्ले स्टोर से UIDAI का 'Aadhaar FaceRD' ऐप इंस्टॉल करना आवश्यक है। ऐप में अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या एलपीजी कंज्यूमर आईडी से लॉगिन करने के बाद 'e-KYC' या 'Aadhaar Authentication' विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आधार नंबर दर्ज करने पर चेहरा स्कैन (Facial Scan) का विकल्प आता है। फेस स्कैन सफलतापूर्वक पूरा होते ही ई-केवाईसी प्रक्रिया डिजिटल रूप से दर्ज हो जाती है।

जो उपभोक्ता स्मार्टफोन चलाने में असमर्थ हैं, वे अपने आधार कार्ड और गैस पासबुक के साथ नजदीकी गैस वितरक केंद्र (गैस एजेंसी) पर जाकर बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) स्कैनर के जरिए भी ई-केवाईसी करा सकते हैं।

भ्रम पर स्पष्टीकरण

गैस वितरक संघों और तेल कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया उपभोक्ताओं की सुरक्षा और सही लाभार्थी तक सरकारी सब्सिडी पहुंचाने के लिए बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं का आधार सत्यापन पहले ही हो चुका है और जिनकी जानकारी अद्यतन है, उन्हें बार-बार यह प्रक्रिया दोहराने की आवश्यकता नहीं है।

सोशल मीडिया पर फैल रही इस अफवाह पर भी विराम लगाया गया है कि ई-केवाईसी न कराने पर घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक मूल्य वसूला जाएगा। तेल कंपनियों के अनुसार, बिना सत्यापन वाले कनेक्शनों को ब्लॉक या सस्पेंड किया जा सकता है, ताकि सब्सिडी का दुरुपयोग रोका जा सके।

एलपीजी सिलिंडर पर मिलने वाले बीमा कवरेज का क्या है नियम

एलपीजी ई-केवाईसी के साथ-साथ उपभोक्ताओं को अपने सिलिंडर सुरक्षा मानकों और इससे जुड़े बीमा नियमों की जानकारी होना भी जरूरी है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा प्रत्येक वैध एलपीजी कनेक्शन के साथ एक थर्ड पार्टी पब्लिक लायबिलिटी इंश्योरेंस (Public Liability Insurance) कवर प्रदान किया जाता है।

इस नियम के तहत, यदि किसी पंजीकृत एलपीजी उपभोक्ता के परिसर में सिलिंडर से जुड़ा कोई हादसा या दुर्घटना होती है, तो व्यक्तिगत दुर्घटना, संपत्ति के नुकसान और इलाज के खर्च के लिए बीमा नीति के अंतर्गत वित्तीय सहायता का प्रावधान है। इस बीमा राशि की अधिकतम सीमा परिस्थितियों के आधार पर निर्धारित होती है। हालांकि, इस क्लेम को पाने के लिए यह शर्त अनिवार्य है कि दुर्घटना के समय इस्तेमाल हो रहा सिलिंडर, पाइप और रेगुलेटर पंजीकृत एजेंसी का ही होना चाहिए तथा उपभोक्ता का कनेक्शन सक्रिय एवं सत्यापित होना आवश्यक है।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी कदम

16 अगस्त की डेडलाइन को देखते हुए उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना ई-केवाईसी सत्यापन पूरा कर लें। यदि मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है या बायोमेट्रिक में कोई समस्या आ रही है, तो तुरंत अपनी संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क करें। फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक या अनधिकृत ऐप्स से सतर्क रहते हुए केवल आधिकारिक ऐप्स या एजेंसी काउंटर का ही इस्तेमाल करें।

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