आंध्र प्रदेश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की तैयारी, ऑस्ट्रेलिया मॉडल पर विचार कर रही राज्य सरकार

मंत्री नारा लोकेश ने कहा कि एक निश्चित उम्र से कम के युवाओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नहीं होना चाहिए क्योंकि वे प्रदर्शित कंटेंट को पूरी तरह समझ नहीं पाते। राज्य सरकार इस दिशा में वैश्विक सर्वोत्तम

Jan 29, 2026 - 11:51
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आंध्र प्रदेश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की तैयारी, ऑस्ट्रेलिया मॉडल पर विचार कर रही राज्य सरकार
आंध्र प्रदेश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की तैयारी, ऑस्ट्रेलिया मॉडल पर विचार कर रही राज्य सरकार

आंध्र प्रदेश सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठा रही है। यह प्रस्ताव ऑस्ट्रेलिया के कानून की तर्ज पर विचार किया जा रहा है, जहां बच्चों को हानिकारक ऑनलाइन कंटेंट से बचाने के लिए ऐसे प्रतिबंध लागू हैं। राज्य के आईटी और मानव संसाधन मंत्री नारा लोकेश ने डावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऑस्ट्रेलिया के अंडर-16 कानून का अध्ययन कर रही है और एक मजबूत कानूनी ढांचा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कदम का उद्देश्य बच्चों को ऐसे कंटेंट से बचाना है जो वे पूरी तरह समझ नहीं पाते। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मंत्रियों का एक समूह गठित किया है, जो 29 जनवरी 2026 को बैठक करेगा। इस बैठक में सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध के फायदे और नुकसान पर विचार-विमर्श होगा। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आंध्र प्रदेश ऐसा करने वाला पहला भारतीय राज्य बन सकता है। सरकार अन्य देशों जैसे सिंगापुर, मलेशिया और फ्रांस के नीतियों का भी अध्ययन कर रही है। प्रस्ताव में फेक न्यूज और अपमानजनक कंटेंट पर भी नियंत्रण के उपाय शामिल हैं। राज्य सरकार का मानना है कि बच्चों की उम्र के अनुसार सोशल मीडिया का उपयोग सीमित किया जाना चाहिए।

मंत्री नारा लोकेश ने कहा कि एक निश्चित उम्र से कम के युवाओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नहीं होना चाहिए क्योंकि वे प्रदर्शित कंटेंट को पूरी तरह समझ नहीं पाते। राज्य सरकार इस दिशा में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का अध्ययन कर रही है। ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में लागू कानून के तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने से रोका जाता है और कंपनियों पर जिम्मेदारी डाली जाती है कि वे नाबालिगों को अकाउंट न बनाने दें। आंध्र प्रदेश सरकार इसी मॉडल को अपनाने पर विचार कर रही है। मंत्रियों के समूह की बैठक में इस कानून के भारतीय कानूनी और डिजिटल ढांचे में लागू करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी। सरकार का फोकस बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर है, जिसमें साइबरबुलिंग, गलत सूचना और लत से बचाव शामिल है। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को उम्र सत्यापन की प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है। राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए दिशानिर्देश तैयार करें।

उद्देश्य

प्रस्ताव की शुरुआत तब हुई जब मंत्री नारा लोकेश ने डावोस में ब्लूमबर्ग से बातचीत में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऑस्ट्रेलिया के कानून का अध्ययन कर रही है। उद्देश्य बच्चों को ऐसे वातावरण से बचाना है जहां वे भावनात्मक रूप से परिपक्व नहीं होते। सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया पर प्रदर्शित कंटेंट बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है। मंत्रियों के समूह को गठित किया गया है जो इस पर रिपोर्ट तैयार करेगा। समूह में आईटी और शिक्षा मंत्री शामिल हैं। बैठक में वैश्विक मॉडलों की समीक्षा होगी। प्रस्ताव में फेक न्यूज पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान है।

राज्य सरकार ने 25 जनवरी 2026 को गृह मंत्री वंगालापुड़ी अनीथा ने कहा कि मंत्रियों का समूह बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध या प्रतिबंध की जांच करेगा। समूह वैश्विक और भारतीय मॉडलों की समीक्षा करेगा। ऑस्ट्रेलिया के अलावा अन्य देशों के नियमों का अध्ययन किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रस्ताव लागू होने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, टिकटॉक, फेसबुक, स्नैपचैट, यूट्यूब और एक्स पर प्रतिबंध लग सकता है। कंपनियों को उम्र सत्यापन के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम बच्चों को अनियमित वेब के कोनों से बचाएगा जहां वीपीएन के जरिए पहुंच हो सकती है।

आईटी मंत्री नारा लोकेश ने डावोस में खुलासा किया कि राज्य सरकार मजबूत कानूनी ढांचा बनाने पर विचार कर रही है, बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता

आईटी और एचआरडी मंत्री नारा लोकेश ने विश्व आर्थिक मंच में कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार सोशल मीडिया पर बच्चों के लिए प्रतिबंध पर विचार कर रही है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के कानून का उल्लेख किया और कहा कि राज्य इसी दिशा में अध्ययन कर रहा है। मंत्री ने जोर दिया कि एक मजबूत कानूनी ढांचा जरूरी है। राज्य सरकार ने मंत्रियों का समूह गठित किया है जो इस मुद्दे पर चर्चा करेगा। समूह की अध्यक्षता मंत्री नारा लोकेश कर रहे हैं। बैठक में सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान पर विचार होगा। सरकार का फोकस बच्चों को हानिकारक कंटेंट से बचाना है। मंत्री ने कहा कि युवा कंटेंट को समझने में सक्षम नहीं होते। राज्य सरकार वैश्विक नीतियों का अध्ययन कर रही है। सिंगापुर, मलेशिया और फ्रांस के मॉडलों की समीक्षा हो रही है। प्रस्ताव में अपमानजनक कंटेंट पोस्ट करने वालों पर नियंत्रण भी शामिल है।

मंत्री नारा लोकेश ने कहा कि राज्य प्रौद्योगिकी-अनुकूल निवेश गंतव्य के रूप में खुद को पेश कर रहा है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। सरकार का मानना है कि उम्र-आधारित प्रतिबंध जरूरी हैं। ऑस्ट्रेलिया में कानून कंपनियों पर जिम्मेदारी डालता है कि वे नाबालिगों को अकाउंट न बनाने दें। आंध्र प्रदेश सरकार भारतीय कानूनी ढांचे में इसे लागू करने की संभावनाएं तलाश रही है। मंत्रियों के समूह की रिपोर्ट के आधार पर फैसला लिया जाएगा। सरकार अधिकारियों को निर्देश दे चुकी है कि वे नाबालिगों के उपयोग पर दिशानिर्देश तैयार करें। प्रस्ताव में फेक न्यूज और क्षेत्रीय, जातीय, धार्मिक आधार पर अपमानजनक कंटेंट पर सख्ती का प्रावधान है। राज्य सरकार का लक्ष्य बच्चों को ऑनलाइन जोखिमों से बचाना है।

मंत्रियों के समूह की भूमिका और बैठक का एजेंडा

मंत्रियों का समूह 29 जनवरी 2026 को बैठक करेगा। समूह सोशल मीडिया जवाबदेही मजबूत करने पर फोकस करेगा। बैठक में ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मलेशिया और फ्रांस के नीतियों का अध्ययन होगा। समूह बच्चों के उपयोग पर प्रतिबंध के फायदे और नुकसान पर चर्चा करेगा। रिपोर्ट में कानूनी ढांचे की सिफारिशें होंगी। समूह में आईटी, शिक्षा और गृह मंत्री शामिल हैं। बैठक राज्य सचिवालय में होगी।

शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने 23 जनवरी 2026 को कहा कि सरकार बच्चों के लिए सख्त नियम विचार कर रही है। समूह मौजूदा कानूनों की समीक्षा करेगा और राज्य स्तर पर नियमों की सिफारिश करेगा। मंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया का मॉडल अपनाया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य बच्चों को अनुपयुक्त कंटेंट से बचाना है। प्रस्ताव में उम्र सत्यापन की प्रक्रिया शामिल हो सकती है। राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम बच्चों की भावनात्मक परिपक्वता को ध्यान में रखता है।

ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक में होगी चर्चा, फेक न्यूज और हानिकारक कंटेंट से बच्चों को बचाने का उद्देश्य, वैश्विक मॉडलों का अध्ययन जारी

मंत्रियों का समूह सोशल मीडिया पर बच्चों के उपयोग पर प्रतिबंध या सीमा की जांच करेगा। समूह वैश्विक मॉडलों की समीक्षा करेगा। ऑस्ट्रेलिया के कानून में 16 साल से कम उम्र के बच्चों को प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट बनाने से रोका जाता है। आंध्र प्रदेश सरकार भारतीय संदर्भ में इसे लागू करने की संभावनाएं देख रही है। समूह की रिपोर्ट में सिफारिशें होंगी। सरकार का फोकस ऑनलाइन सुरक्षा पर है। मंत्री नारा लोकेश ने कहा कि राज्य अध्ययन कर रहा है। प्रस्ताव में कंपनियों पर जिम्मेदारी डाली जाएगी। सरकार फेक न्यूज पर सख्त कार्रवाई करेगी। अपमानजनक कंटेंट पर नियंत्रण के उपाय होंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य बच्चों को लत और गलत सूचना से बचाना है।

गृह मंत्री वंगालापुड़ी अनीथा ने 25 जनवरी 2026 को कहा कि समूह बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध या प्रतिबंध की जांच करेगा। समूह भारतीय मॉडलों की भी समीक्षा करेगा। सरकार का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा है। प्रस्ताव लागू होने पर आंध्र प्रदेश पहला राज्य बनेगा। मंत्री ने कहा कि समूह रिपोर्ट सबमिट करेगा। सरकार अधिकारियों को दिशानिर्देश तैयार करने के निर्देश दे चुकी है। प्रस्ताव में उम्र-आधारित प्रतिबंध शामिल हैं।

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