व्हाइट हाउस में जॉर्जिया मेलोनी का नमस्ते अभिवादन, ट्रंप-जेलेंस्की मुलाकात के बीच बटोरी सुर्खियां।
International: व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की मुलाकात ने वैश्विक स्तर...
International: व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की मुलाकात ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। इस उच्च-स्तरीय बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन इस दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपने अनोखे अंदाज में सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने व्हाइट हाउस में पारंपरिक भारतीय अभिवादन 'नमस्ते' के साथ मेहमानों और अधिकारियों का स्वागत किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह पहला मौका नहीं था जब मेलोनी ने नमस्ते का उपयोग किया; इससे पहले जून 2024 में इटली में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भी उन्होंने विश्व नेताओं का नमस्ते से स्वागत किया था।
व्हाइट हाउस में हुई इस बैठक में जॉर्जिया मेलोनी के साथ कई अन्य यूरोपीय नेता भी शामिल थे, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, और नाटो महासचिव मार्क रुटे शामिल थे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता को आगे बढ़ाना और यूक्रेन को दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी प्रदान करने के उपायों पर चर्चा करना था। मेलोनी ने व्हाइट हाउस में पहुंचते ही डोनाल्ड ट्रंप के एक वरिष्ठ सहयोगी का स्वागत पारंपरिक भारतीय अंदाज में नमस्ते करके किया। उन्होंने दोनों हाथ जोड़कर हल्का सा झुकते हुए अभिवादन किया, जो औपचारिक हैंडशेक या सिर हिलाने जैसे सामान्य पश्चिमी अभिवादनों से अलग था। इस पल को कैमरों में कैद किया गया, और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और वैश्विक कूटनीति में विनम्रता का प्रतीक माना। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे 'मोदी इफेक्ट' करार दिया, क्योंकि मेलोनी और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अच्छे संबंध हैं, और वह पहले भी कई मौकों पर नमस्ते का उपयोग कर चुकी हैं।
मेलोनी का यह अंदाज नया नहीं है। जून 2024 में इटली के अपुलिया में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का नमस्ते से स्वागत किया था। उस समय भी उनके इस अभिवादन ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। नमस्ते, जो भारतीय संस्कृति में सम्मान और शांति का प्रतीक है, को मेलोनी ने वैश्विक मंच पर अपनाकर एक सकारात्मक संदेश दिया। खास तौर पर, कोविड-19 महामारी के दौरान नमस्ते एक सुरक्षित और सम्मानजनक अभिवादन के रूप में विश्व स्तर पर लोकप्रिय हुआ था। 18 अगस्त 2025 को व्हाइट हाउस में हुई बैठक में ट्रंप और जेलेंस्की ने युद्ध को समाप्त करने के लिए कई मुद्दों पर बात की। जेलेंस्की ने कहा कि उनका लक्ष्य यूक्रेन और पूरे यूरोप के लिए लंबे समय तक चलने वाली शांति सुनिश्चित करना है। उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय देशों से रूस पर दबाव बनाने की अपील की। ट्रंप ने इस दौरान यूक्रेन का समर्थन जारी रखने का आश्वासन दिया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन को क्रीमिया पर दावा छोड़ देना चाहिए और नाटो में शामिल होने की महत्वाकांक्षा को त्यागना चाहिए। यह बयान विवादास्पद रहा, क्योंकि रूस यूक्रेन की नाटो सदस्यता को अपने लिए खतरा मानता है।
इस बैठक में जॉर्जिया मेलोनी ने यूक्रेन के लिए नाटो के अनुच्छेद 5 के आधार पर सामूहिक रक्षा उपायों की वकालत की। उन्होंने सुझाव दिया कि यूक्रेन को औपचारिक नाटो सदस्यता के बिना भी दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी दी जा सकती है, जो रूस की चिंताओं को भी संबोधित करेगा। मेलोनी ने कहा कि पश्चिमी देशों की एकता शांति के लिए सबसे मजबूत हथियार है। उनके इस प्रस्ताव को कई सहयोगी देशों का समर्थन मिला, और यह व्यापक राजनयिक चर्चा का हिस्सा बन गया। मेलोनी ने इस अवसर पर यह भी स्पष्ट किया कि इटली यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता को बढ़ावा देने की बात कही। उनकी यह सक्रियता न केवल यूक्रेन के प्रति उनके समर्थन को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक कूटनीति में उनकी बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करती है। जॉर्जिया मेलोनी और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अच्छी दोस्ती है, जो कई अवसरों पर देखी गई है। जून 2024 में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने मोदी का नमस्ते से स्वागत किया था, और दोनों नेताओं ने भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की थी। इस मुलाकात में रक्षा, व्यापार, और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर बात हुई थी। मेलोनी ने भारत के साथ सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को बढ़ाने की इच्छा भी जताई थी।
सोशल मीडिया पर मेलोनी और मोदी की मुलाकातों की तस्वीरें और वीडियो अक्सर वायरल होते हैं। खास तौर पर, जी-7 शिखर सम्मेलन 2024 में दोनों नेताओं की हंसते हुए तस्वीरों ने '#मेलोडी' हैशटैग को ट्रेंड करा दिया था। मेलोनी का नमस्ते अभिवादन और भारतीय संस्कृति के प्रति उनका सम्मान भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स के बीच खासा चर्चा में रहा।
जॉर्जिया मेलोनी इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और 2022 से इस पद पर हैं। वह अपनी स्पष्टवादिता और दक्षिणपंथी विचारधारा के लिए जानी जाती हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कई मौकों पर उनकी तारीफ की है और उन्हें दुनिया की 'असली लीडर' और 'बेहद खास इंसान' बताया है। अप्रैल 2025 में व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात में ट्रंप ने मेलोनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह इटली में शानदार काम कर रही हैं। मेलोनी ने अवैध प्रवास और 'वोक' विचारधारा जैसे मुद्दों पर ट्रंप के साथ सहमति जताई है। उन्होंने यूरोप में अवैध प्रवास के संकट पर भी चिंता व्यक्त की है और इसे नियंत्रित करने के लिए सख्त नीतियां अपनाई हैं। सोशल मीडिया पर उनके एक बयान को खूब साझा किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि वामपंथी उनकी नीतियों को इटली के लिए हानिकारक बताते थे, लेकिन उनके शासन में रोजगार बढ़ा, अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ, और अवैध प्रवास 60% कम हुआ।
मेलोनी ने हाल के वर्षों में वैश्विक कूटनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। वह न केवल यूरोप में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक प्रभावशाली नेता के रूप में उभरी हैं। उनकी ट्रंप, मोदी, और अन्य विश्व नेताओं के साथ मुलाकातें इस बात का प्रमाण हैं। जनवरी 2025 में, मेलोनी ने ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया और उनके मार-ए-लागो रिसॉर्ट में डिनर किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, टैरिफ, और पश्चिमी राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा की। व्हाइट हाउस में जॉर्जिया मेलोनी का नमस्ते अभिवादन एक छोटा सा पल था, लेकिन इसने वैश्विक कूटनीति में सांस्कृतिक संवेदनशीलता और विनम्रता की मिसाल पेश की। यह घटना ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात के बीच एक सकारात्मक और चर्चित क्षण बन गई। मेलोनी का यह अंदाज न केवल भारतीय संस्कृति के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक मंच पर उनकी अनोखी और प्रभावशाली छवि को भी रेखांकित करता है। रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे गंभीर मुद्दों पर उनकी सक्रिय भूमिका और ट्रंप, मोदी जैसे नेताओं के साथ उनकी दोस्ती उनकी कूटनीतिक क्षमता को दर्शाती है। भविष्य में भी मेलोनी का यह नमस्ते अंदाज और उनकी नेतृत्व शैली वैश्विक मंच पर चर्चा का विषय बनी रहेगी। मेलोनी ने यूरोपीय संघ के साथ अमेरिका के व्यापारिक संबंधों को बेहतर करने की दिशा में भी काम किया है। ट्रंप द्वारा यूरोपीय संघ के निर्यात पर 20% टैरिफ लगाने के बाद, मेलोनी ने इस टैरिफ को 90 दिनों के लिए टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने इटली की कंपनियों द्वारा अमेरिका में 10 अरब यूरो के निवेश की घोषणा भी की।
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