सजैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी अब्दुल खालिक को बीएसएफ ने हथियारों सहित गिरफ्तार कर घुसपैठ की कोशिश नाकाम की। 

जम्मू क्षेत्र के परगवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बड़ी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए सीमा सुरक्षा बल ने 12 दिसंबर 2025 को एक

Dec 13, 2025 - 14:21
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सजैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी अब्दुल खालिक को बीएसएफ ने हथियारों सहित गिरफ्तार कर घुसपैठ की कोशिश नाकाम की। 
सजैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी अब्दुल खालिक को बीएसएफ ने हथियारों सहित गिरफ्तार कर घुसपैठ की कोशिश नाकाम की। 

जम्मू क्षेत्र के परगवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बड़ी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए सीमा सुरक्षा बल ने 12 दिसंबर 2025 को एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान अब्दुल खालिक के रूप में हुई, जो पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ है। उसके पास से एक एमपी5 राइफल, एक लोडेड मैगजीन में 10 राउंड गोलियां और एक खाली ड्रम मैगजीन बरामद हुई। यह हथियार एके सीरीज का संशोधित संस्करण बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के खौर थाने के अंतर्गत परगवाल पुलिस पोस्ट को सौंप दिया गया। यह घटना अखनूर क्षेत्र के परगवाल सेक्टर में हुई, जहां संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर सतर्क जवानों ने त्वरित कार्रवाई की।

अब्दुल खालिक राजौरी जिले के दरहाल क्षेत्र का निवासी है, जो 2021 में पाकिस्तान चला गया था। वहां उसने जैश-ए-मोहम्मद के शिविरों में हथियारों की ट्रेनिंग ली और संगठन के कमांडरों से संपर्क बनाया। पूछताछ में यह सामने आया कि वह घुसपैठ कर राजौरी और पुंछ जिलों में स्थानीय युवाओं को भर्ती करने और उन्हें कट्टर बनाने की योजना के साथ वापस आ रहा था। उसका उद्देश्य क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों को पुनर्जीवित करना था। घुसपैठ अंतरराष्ट्रीय सीमा के माध्यम से हुई, जहां वह अंधेरे का फायदा उठाकर भारतीय पक्ष में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। बीएसएफ जवानों ने संदिग्ध हलचल देखते ही उसे पकड़ लिया, जिससे किसी बड़े हमले की संभावना को रोक दिया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद पूरे परगवाल सेक्टर में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य घुसपैठिया या हथियारों का जखीरा मौजूद न हो। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब सीमा पार आतंकी लॉन्च पैड्स फिर से सक्रिय होने की खबरें आ रही हैं। पाकिस्तान के सियालकोट और जफरवाल क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के सामने कई लॉन्च पैड्स सक्रिय बताए जा रहे हैं। बीएसएफ ने जम्मू, सांबा और कठुआ सेक्टरों में सतर्कता बढ़ा दी है और सर्दियों की रणनीति के तहत लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही है। कोहरे का मौसम घुसपैठ के लिए अनुकूल माना जाता है, इसलिए सीमा पर निगरानी और मजबूत की गई है।

अब्दुल खालिक के पास बरामद हथियार उच्च क्षमता वाले हैं, जिसमें ड्रम मैगजीन 50 से 100 राउंड तक की क्षमता रखती है। यह हथियार आतंकी गतिविधियों के लिए खतरनाक साबित हो सकते थे। गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी पूछताछ में शामिल हो गई हैं, ताकि उसके हैंडलर्स, साथियों और संभावित लक्ष्यों की जानकारी प्राप्त की जा सके। वह बड़े समूह की घुसपैठ को सुविधा प्रदान करने की फिराक में था, जिसकी योजना को इस गिरफ्तारी ने ध्वस्त कर दिया। जम्मू क्षेत्र में हाल के महीनों में आतंकी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के प्रयास देखे गए हैं, जिसमें स्थानीय लोगों को पाकिस्तान भेजकर ट्रेनिंग दिलाने और वापस भेजने की रणनीति शामिल है। यह घटना जम्मू-कश्मीर में सीमा सुरक्षा की मजबूती को दर्शाती है। परगवाल सेक्टर अंतरराष्ट्रीय सीमा का संवेदनशील हिस्सा है, जहां घुसपैठ के प्रयास अक्सर होते रहते हैं। बीएसएफ ने दो दिन पहले ही संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर नजर रखी थी, जिसके आधार पर यह सफलता मिली। गिरफ्तार व्यक्ति को ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर भेजा जा रहा है, जहां उसकी गतिविधियों, मकसद और संपर्कों की गहन जांच होगी। बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच भी की जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है।

सीमा पर इस तरह की सतर्कता से आतंकी संगठनों की योजनाओं पर लगाम लग रही है। अब्दुल खालिक की गिरफ्तारी से क्षेत्र में आतंकी नेटवर्क को झटका लगा है। वह 2021 में लापता हो गया था और पाकिस्तान में छह महीने की intensive ट्रेनिंग के बाद विभिन्न कैंपों में रहा। उसके पास से मिले हथियार चीनी मूल के बताए जा रहे हैं, जो आतंकी संगठनों द्वारा आमतौर पर इस्तेमाल किए जाते हैं। पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है, जिसमें अतिरिक्त घुसपैठियों या छिपे हथियारों की तलाश की जा रही है। जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने एक बार फिर घुसपैठ की बड़ी कोशिश को विफल किया। अब्दुल खालिक जैश-ए-मोहम्मद का सक्रिय सदस्य था, जो स्थानीय स्तर पर भर्तियां करने की जिम्मेदारी संभालने वाला था। उसकी गिरफ्तारी से कई संभावित हमलों की साजिश बेनकाब हो सकती है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां मिलकर पूछताछ कर रही हैं, जिसमें उसके पाकिस्तान में ठहरने, ट्रेनिंग और वापसी की योजना की डिटेल्स निकाली जा रही हैं। बरामद सामग्री से आतंकी गतिविधियों की गंभीरता का पता चलता है।

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