Badaun Hospital Theft: बदायूं के न्यू जीवनदान अस्पताल में तीमारदार बनकर घुसा चोर, वार्ड से मरीजों के मोबाइल उड़ाए
उत्तर प्रदेश के बदायूं स्थित न्यू जीवनदान अस्पताल के जनरल वार्ड में घुसकर एक अज्ञात चोर ने मरीजों के मोबाइल फोन चोरी कर लिए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

- UP Crime News: बदायूं के निजी अस्पताल में मोबाइल चोरी की वारदात, सीसीटीवी (CCTV) में कैद हुआ शातिर चोर
- बदायूं के न्यू जीवनदान अस्पताल के जनरल वार्ड में घुसा चोर, सोते हुए मरीजों के मोबाइल लेकर हुआ फरार
- बदायूं: न्यू जीवनदान अस्पताल के मरीज वार्ड से मोबाइल फोन चोरी, पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से चिकित्सा संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। बदायूं स्थित 'न्यू जीवनदान अस्पताल' के मरीज वार्ड (जनरल वार्ड) के भीतर घुसकर एक अज्ञात शातिर चोर ने वहां इलाज करा रहे कई मरीजों के कीमती मोबाइल फोन चोरी कर लिए। जुलाई 2026 में हुई इस वारदात के समय अधिकांश मरीज और उनके तीमारदार गहरी नींद में थे, जिसका फायदा उठाकर चोर ने इस घटना को अंजाम दिया। सुबह मोबाइल गायब देखकर अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवारों की शिकायत पर स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई है। पुलिस प्रशासन मामले की गहनता से जांच कर रहा है और संदिग्ध की पहचान के लिए अस्पताल में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटा हुआ है।
यह वारदात बदायूं के प्रसिद्ध निजी चिकित्सालयों में शुमार न्यू जीवनदान अस्पताल के इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (IPD) यानी मरीज वार्ड की है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर, जहां लोग अपनी बीमारियों का इलाज कराने आते हैं, वहां एक बाहरी व्यक्ति सुरक्षा घेरे को दरकिनार कर भीतर घुस गया। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, चोर ने विशेष रूप से उन मरीजों को निशाना बनाया जो वार्ड में भर्ती थे और जिनके मोबाइल फोन उनके बेड के पास चार्जिंग पर लगे थे या तकिए के पास रखे हुए थे। पुलिस इस मामले को सामान्य चोरी की धाराओं के तहत दर्ज कर जांच को आगे बढ़ा रही है।
घटनाक्रम के अनुसार, वारदात देर रात या तड़के सुबह के समय घटित हुई जब अस्पताल के स्टाफ की मुस्तैदी कम थी और वार्डों में सन्नाटा पसरा हुआ था। संदिग्ध चोर बेहद शातिर तरीके से तीमारदार (मरीज का मददगार) का भेष बनाकर मुख्य द्वार से अस्पताल के भीतर दाखिल हुआ। उसने पहले अस्पताल की गैलरी और सामान्य वार्डों की रेकी की ताकि यह पता चल सके कि कहां सुरक्षाकर्मी या नर्स तैनात नहीं हैं।
जैसे ही उसे मौका मिला, वह न्यू जीवनदान अस्पताल के मरीज वार्ड के अंदर घुस गया। वार्ड में उस वक्त कई मरीज और उनके परिजन सो रहे थे। आरोपी ने बिना किसी आहट के बेहद सफाई से बेड के पास रखे और चार्जिंग बोर्ड में लगे मोबाइल फोनों को एक-एक कर अपनी जेब में रख लिया। सुबह जब कुछ मरीजों की आंख खुली और उन्होंने अपने फोन गायब पाए, तो उन्होंने शोर मचाया। इसके बाद अन्य मरीजों ने भी अपने सामान की जांच की, जिससे पता चला कि कई लोगों के फोन चोरी हो चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन को तुरंत इसकी सूचना दी गई, जिन्होंने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया।
इस चोरी की वारदात के बाद अस्पताल प्रशासन, पुलिस और पीड़ित पक्षों के बयान सामने आए हैं:
पीड़ित मरीजों और तीमारदारों का पक्ष: पीड़ितों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन सुरक्षा के एवज में मोटी रकम वसूलता है, लेकिन वार्डों के भीतर कोई भी बाहरी व्यक्ति आसानी से आ-जा सकता है। रात के समय सुरक्षा गार्डों की तैनाती न होने के कारण यह हादसा हुआ।
अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया: न्यू जीवनदान अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि वे इस घटना से बेहद दुखी हैं और पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सहित हर प्रकार का डिजिटल डेटा उपलब्ध करा रहे हैं। भविष्य में वार्डों की सुरक्षा बढ़ाने और रात्रि गश्त तेज करने का भरोसा दिया गया है।
बदायूं पुलिस का बयान: स्थानीय पुलिस थाने के प्रभारी ने बताया कि अज्ञात चोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस की एक टीम अस्पताल के प्रवेश और निकास द्वारों पर लगे कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है। संदिग्ध का हुलिया स्पष्ट होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस वारदात ने बदायूं के निजी और सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा ऑडिट की आवश्यकता को रेखांकित किया है। अस्पताल एक ऐसा सार्वजनिक स्थान होता है जहां चौबीसों घंटे लोगों की आवाजाही रहती है, ऐसे में बिना किसी पास या पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को संवेदनशील वार्डों में जाने की अनुमति देना सुरक्षा में एक बड़ी चूक है। इस घटना के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि अस्पतालों को अपने यहां आने वाले हर बाहरी व्यक्ति का डिजिटल रिकॉर्ड रखना चाहिए।
बदायूं पुलिस की क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम संयुक्त रूप से इस मामले पर काम कर रही हैं। पुलिस ने चोरी किए गए मोबाइल फोनों के आईएमईआई (IMEI) नंबरों को ट्रैकिंग पर लगा दिया है ताकि जैसे ही चोर फोन को ऑन करे या सिम कार्ड बदले, उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, पुलिस अस्पताल के आसपास के रास्तों पर लगे अन्य कमर्शियल कैमरों की फुटेज भी देख रही है ताकि यह पता चल सके कि आरोपी किस वाहन से आया था। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और चोरी किए गए सामान की बरामदगी सुनिश्चित की जाएगी।
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