Tamil Nadu Govt Jobs Age Limit - तमिलनाडु में 52 साल की उम्र तक मिल सकेगी सरकारी नौकरी, सीएम विजय का बड़ा फैसला
तमिलनाडु में सीएम विजय की सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ा दी है। अब विशेष आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार 52 वर्ष की आयु तक नौकरी पा सकेंगे।

तमिलनाडु की सत्ता पर आसीन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार ने राज्य के शिक्षित बेरोजगारों और वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के हित में एक अभूतपूर्व प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों और तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (TNPSC) के माध्यम से आयोजित होने वाली सरकारी भर्ती परीक्षाओं में उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा में उल्लेखनीय छूट देने का निर्णय किया है। इस नए आदेश के तहत निर्धारित आरक्षित श्रेणियों और विशेष वर्गों के उम्मीदवार अब 52 वर्ष की आयु तक सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे।
लंबे समय से की जा रही थी आयु सीमा बढ़ाने की मांग
राज्य में कोरोना महामारी के दौरान भर्ती प्रक्रियाओं में हुए विलंब, प्रशासनिक पुनर्गठन और विभिन्न विभागों में वर्षों से लंबित रिक्तियों के कारण हजारों योग्य अभ्यर्थी निर्धारित ऊपरी आयु सीमा पार कर चुके थे। युवा संगठनों और प्रतियोगी छात्र संघों द्वारा लगातार यह मांग उठाई जा रही थी कि जिन अभ्यर्थियों का समय भर्ती प्रक्रियाएं न निकलने के कारण व्यर्थ हुआ है, उन्हें सरकारी सेवा में आने का एक और अवसर दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री विजय ने इन मांगों की विस्तृत समीक्षा के बाद कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग को आयु सीमा के नियमों में संशोधन करने के निर्देश दिए।
आरक्षित व विशेष श्रेणियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस ऐतिहासिक निर्णय का सीधा लाभ अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (MBC), पिछड़ा वर्ग (BC) और विशेष रूप से दिव्यांग व निराश्रित विधवा (Destitute Widow) श्रेणियों के अभ्यर्थियों को मिलेगा। सामान्य वर्ग और आरक्षित वर्गों के लिए आधारभूत आयु सीमा में वृद्धि के साथ-साथ नियमानुसार मिलने वाली अतिरिक्त छूट को जोड़कर यह अधिकतम सीमा 52 वर्ष के स्तर तक पहुंच जाएगी। इससे राज्य के उन लाखों अनुभवी और योग्य उम्मीदवारों को पुनः मुख्यधारा में आने का मौका मिलेगा जो आयु संबंधी तकनीकी कारणों से भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे।
युवाओं और कर्मचारी संगठनों में उत्साह
मुख्यमंत्री के इस जनहितैषी कदम का राज्य के छात्र संगठनों, शिक्षक अभ्यर्थियों और कर्मचारी यूनियनों ने जोरदार स्वागत किया है। विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता संभालने के बाद से ही विजय सरकार जनकल्याण और रोजगार के मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। सामाजिक सुरक्षा और युवाओं को अवसर प्रदान करने के दृष्टिकोण से उठाया गया यह कदम राज्य के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
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