Viral News Saffron Farming - पैसा ही पैसा! केरल के शख्स ने घर पर ही उगा दिया कश्मीरी केसर, ₹650 प्रति ग्राम मिल रहा भाव
केरल के एक व्यक्ति ने घर पर ही कश्मीरी केसर उगाने का सफल प्रयोग कर सबको चौंका दिया है। अब उनका उगाया शुद्ध केसर ₹650 प्रति ग्राम के भाव पर बिक रहा है।

केसर की खेती का नाम आते ही आमतौर पर जम्मू-कश्मीर की ठंडी वादियों, करेवा की उपजाऊ मिट्टी और विशिष्ट पर्वतीय जलवायु की तस्वीर उभरती है। लेकिन आधुनिक तकनीक, सही जानकारी और दृढ़ संकल्प के दम पर केरल के एक किसान ने इस पारंपरिक धारणा को पूरी तरह से बदल दिया है। दक्षिण भारत के गर्म और आर्द्र मौसम वाले राज्य केरल में रहने वाले इस शख्स ने अपने घर की छत और कमरे के नियंत्रित वातावरण में ही शुद्ध कश्मीरी केसर उगाने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।
घर के कमरे को बनाया केसर के अनुकूल 'मिनी कश्मीर'
केसर की फसल के लिए विशेष तापमान, आर्द्रता और प्रकाश चक्र की आवश्यकता होती है। केरल के इस प्रगतिशील प्रयोगधर्मी ने अपने घर में एरियोपोनिक्स या इनडोर हाइड्रोपोनिक/वर्टिकल तकनीक का सहारा लिया। कमरे के तापमान को 10 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने के लिए विशेष कूलिंग सिस्टम, एलईडी ग्रो-लाइट्स और ह्युमिडिटी कंट्रोलर्स लगाए गए। इसके बाद कश्मीर से उच्च गुणवत्ता वाले केसर के बीज (कॉर्म्स) मंगवाकर उन्हें नियंत्रित वातावरण में ट्रे पर लगाया गया। कुछ ही हफ्तों की कड़ी देखरेख के बाद पौधों में सुंदर बैंगनी फूल खिलने लगे और उनसे शुद्ध लाल केसर के रेशे प्राप्त हुए।
बाजार में ₹650 प्रति ग्राम मिल रहा दाम
प्राकृतिक और बिना किसी रासायनिक मिलावट के घर पर ही तैयार किए गए इस शुद्ध कश्मीरी केसर की गुणवत्ता बेहद शानदार पाई गई है। स्थानीय बाजारों और उपभोक्ताओं के बीच इस केसर की मांग तेजी से बढ़ी है। उत्पादक को अपने घर पर उगाए गए इस केसर के लिए 650 रुपये प्रति ग्राम (यानी लगभग 6.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम) तक का आकर्षक मूल्य मिल रहा है। शुद्धता और प्रामाणिकता की वजह से लोग इसे हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।
शहरी खेती और नवाचार के लिए बनी मिसाल
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु-नियंत्रित इनडोर खेती (कंट्रोल्ड एनवायरनमेंट एग्रीकल्चर) भविष्य की खेती का एक क्रांतिकारी मॉडल है। सीमित स्थान और प्रतिकूल बाहरी मौसम के बावजूद दुर्लभ और महंगी नकदी फसलों को घर पर उगाने का यह प्रयोग देश भर के युवा किसानों और शहरी बागवानों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गया है। सोशल मीडिया पर भी केरल के इस 'सaffron मैन' की सफलता की कहानी खूब वायरल हो रही है।
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