Rajasthan Crime: महिला बैंक मैनेजर की सूझबूझ से नाकाम हुई ATM लूट, सायरन बजते ही गिराया शटर; 2 बदमाश रंगेहाथ गिरफ्तार
राजस्थान के नागौर में एक महिला बैंक मैनेजर की तत्परता और अदम्य साहस से एटीएम लूट की बड़ी वारदात टल गई। मोबाइल पर अलर्ट मिलते ही उन्होंने सूझबूझ से शटर गिराकर 2 बदमाशों को अंदर कैद करा दिया।

- Nagaur News: बहादुरी की मिसाल बनीं महिला मैनेजर, नागौर में एटीएम काटने घुसे बदमाशों को केबिन में बंद कर पुलिस के हवाले किया
- रात के अंधेरे में एटीएम लूटने पहुंचे थे नकाबपोश, अलर्ट सिस्टम और महिला बैंक अधिकारी की सतर्कता ने सलाखों के पीछे पहुंचाया
- राजस्थान: त्वरित एक्शन से बची लाखों की नकदी, महिला शाखा प्रबंधक ने बुद्धिमत्ता से बंद किया शटर और दबोचे गए दो लुटेरे
जयपुर / नागौर: राजस्थान के नागौर जिले में एक महिला बैंक शाखा प्रबंधक (मैनेजर) की असाधारण सूझबूझ, त्वरित निर्णय क्षमता और अदम्य साहस के चलते एटीएम लूटने की एक बड़ी और सुनियोजित साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई। देर रात के सन्नाटे में जब दो शातिर बदमाश गैस कटर और औजारों के साथ बैंक के एटीएम बूथ में दाखिल होकर नकदी निकालने की फिराक में थे, उसी दौरान सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम से मोबाइल पर आए आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट ने महिला अधिकारी को सतर्क कर दिया। महिला मैनेजर ने बिना समय गंवाए स्थानीय स्तर पर त्वरित घेराबंदी करवाई और सूझबूझ से एटीएम का शटर नीचे करवाकर बदमाशों को अंदर ही कैद करवा दिया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने कियोस्क को चारों तरफ से घेर लिया और शटर उठाकर दोनों बदमाशों को रंगेहाथों दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से एटीएम मशीन काटने में प्रयुक्त होने वाले उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। महिला बैंक अधिकारी के इस त्वरित और साहसिक कदम की पूरे जिले में सराहना हो रही है, जिससे बैंक में रखी लाखों रुपये की नकदी सुरक्षित बच गई।
- मध्यरात्रि में आया 'सिक्योरिटी अलर्ट' और शुरू हुआ एक्शन
पुलिस और बैंक प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना देर रात की है जब नागौर स्थित बैंक शाखा से जुड़े एटीएम कियोस्क में दो नकाबपोश युवक संदिग्ध रूप से दाखिल हुए। एटीएम बूथ के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों पर स्प्रे छिड़कने और मशीन से छेड़छाड़ करने का प्रयास करते ही बैंक के मुख्य सर्वर और सेंट्रल कमांड सेंटर का ई-सर्विलांस सुरक्षा अलार्म सक्रिय हो गया।
यह आपातकालीन अलर्ट सीधे शाखा प्रबंधक के अधिकृत मोबाइल फोन पर प्राप्त हुआ। सामान्यतः ऐसी स्थिति में लोग घबरा जाते हैं या केवल दूर से पुलिस को सूचना देकर अपनी जिम्मेदारी समाप्त मान लेते हैं, लेकिन महिला मैनेजर ने परिस्थिति की गंभीरता को भांपते हुए फौरन व्यावहारिक कदम उठाया। उन्होंने बैंक परिसर के नजदीक रहने वाले सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय मददगारों को तुरंत सतर्क किया।
- घेराबंदी कर गिराया शटर, अंदर ही फंसे रह गए लुटेरे
महिला अधिकारी के सटीक समन्वय के तहत स्थानीय स्तर पर तुरंत प्रतिक्रिया हुई। इससे पहले कि बदमाश एटीएम की कैश ट्रे को गैस कटर से काटकर नकदी समेट पाते, बाहर पहुंचे कर्मियों ने पूरी होशियारी से बिना कोई शोर मचाए एटीएम का मुख्य शटर बाहर से नीचे गिरा दिया और उसे लॉक कर दिया।
अचानक बाहर से शटर बंद होने और ताला लगने की आवाज सुनकर दोनों बदमाशों के होश उड़ गए। बूथ के भीतर कोई दूसरा निकास द्वार (एग्जिट) न होने के कारण वे अंदर ही चूहे की तरह फंस गए। जब तक वे शटर तोड़ने या भागने की कोई जुगत लगाते, तब तक सूचना पाकर पुलिस का गश्ती दल भी सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंच गया।
- पुलिस ने रंगेहाथ दबोचा, औजार और उपकरण बरामद
पुलिस टीम ने बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में सावधानीपूर्वक शटर को ऊपर उठाया और हथियार ताने खड़े जवानों ने दोनों बदमाशों को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया। पुलिस ने मौके से दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से गैस कटर, सिलेंडर, लोहे की रॉड, पेचकस और चेहरों को ढकने के लिए इस्तेमाल किए गए नकाब बरामद किए गए हैं।
प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी किसी अंतरराज्यीय अथवा स्थानीय एटीएम चोर गिरोह से जुड़े हो सकते हैं, जिन्होंने वारदात को अंजाम देने से पहले इलाके की रेकी की थी। वे इस मुगालते में थे कि देर रात पुलिस की गश्त कम रहती है और वे कुछ ही मिनटों में कैश बॉक्स काटकर फरार हो जाएंगे। हालांकि, तकनीक और मानवीय सतर्कता के सटीक तालमेल ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
- प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने की साहस की प्रशंसा
जिला पुलिस के आला अधिकारियों ने महिला शाखा प्रबंधक की त्वरित सोच और नेतृत्व क्षमता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि चंद मिनटों की भी देरी होती, तो बदमाश नकदी लेकर भागने में सफल हो सकते थे या मशीन को भारी नुकसान पहुंचा सकते थे।
महिला मैनेजर ने जिस तरह बिना किसी घबराहट के तकनीकी अलर्ट का विश्लेषण किया और बिना अपनी जान जोखिम में डाले योजनाबद्ध तरीके से अपराधियों को जाल में फंसाया, वह वित्तीय संस्थानों के लिए एक नजीर है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है ताकि क्षेत्र में हाल ही में हुई अन्य चोरी और लूट की वारदातों से उनके तारों की पड़ताल की जा सके।
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