Shankesh Jewellers Stake Sale - धांसू लिस्टिंग के दो महीने बाद बड़ा झटका: एंकर निवेशक ने घाटे में बेचे 8.21 लाख शेयर, फिर भी शेयर में 2% का उछाल
शंकेश ज्वैलर्स की धांसू लिस्टिंग के दो महीने बाद एंकर निवेशक टाइगर स्ट्रैटेजीज फंड ने घाटे में 8.21 लाख शेयर बेचे हैं। हालांकि मंगलवार को शेयर में 2% से अधिक की तेजी दर्ज की गई।

घरेलू शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद अक्सर एंकर निवेशकों के लॉक-इन पीरियड समाप्त होने पर बड़े सौदे देखने को मिलते हैं। ऐसा ही एक ताजा घटनाक्रम जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर की कंपनी शंकेश ज्वैलर्स लिमिटेड (Shankesh Jewellers Ltd) में सामने आया है। करीब दो महीने पहले अगस्त 2026 में प्राथमिक बाजार (IPO) के जरिए शेयर बाजार में धांसू एंट्री करने वाली इस कंपनी के एक बड़े एंकर निवेशक ने भारी नुकसान उठाते हुए अपने 8 लाख से अधिक शेयर खुले बाजार में बेच दिए हैं। हालांकि, इस बड़ी संस्थागत बिकवाली के दबाव को पचाते हुए मंगलवार को शेयर में निचले स्तरों से 2 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखने को मिला।
टाइगर स्ट्रैटेजीज फंड ने 7.54 करोड़ रुपये में बेचे शेयर
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बल्क डील आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख संस्थागत निवेशक 'टाइगर स्ट्रैटेजीज फंड - I' (Tiger Strategies Fund - I) ने 26 अक्टूबर को शंकेश ज्वैलर्स में अपनी 0.55 प्रतिशत हिस्सेदारी का परिसमापन (लिक्विडेशन) किया। फंड ने औसतन 91.80 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कुल 8,21,420 शेयर बेचे। इस सौदे का कुल मूल्यांकन लगभग 7.54 करोड़ रुपये रहा। उल्लेखनीय है कि कंपनी का आईपीओ अगस्त के महीने में जारी किया गया था, जिसके बाद शेयर ने 115.90 रुपये का 52-हफ्तों का उच्चतम स्तर छुआ था। हालांकि, बाद में आए करेक्शन के चलते शेयर अपने 52-वीक हाई से 21 प्रतिशत से ज्यादा नीचे फिसल गया, जिसके परिणामस्वरूप एंकर निवेशक को यह बिकवाली नुकसान में करनी पड़ी।
बिकवाली के बाद निचले स्तरों से 2% से ज्यादा सुधरा शेयर
सोमवार को इस बड़े सौदे की खबर आने के बाद शेयर में 4.86 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी और यह 90.61 रुपये पर बंद हुआ था। लेकिन मंगलवार के कारोबारी सत्र में बाजार खुलते ही खुदरा और स्थानीय खरीदारों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू कर दी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर 90.49 रुपये पर खुलकर 2.06 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 92.57 रुपये के इंट्रा-डे हाई तक पहुंच गया। दोपहर 11:43 बजे तक काउंटर में 8.5 लाख से अधिक शेयरों का कारोबार हो चुका था और कंपनी का कुल मार्केट कैप 1,348 करोड़ रुपये के करीब बना हुआ था।
खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी में इजाफा, संस्थागत बिकवाली जारी
शेयरहोल्डिंग पैटर्न के विश्लेषण से पता चलता है कि सितंबर 2026 तिमाही के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की हिस्सेदारी 7.36 प्रतिशत से घटकर 3.03 प्रतिशत रह गई है। इसके विपरीत, रिटेल निवेशकों ने गिरावट के दौरान अपनी हिस्सेदारी 17.04 प्रतिशत से बढ़ाकर 24.31 प्रतिशत कर ली है, जबकि प्रमोटरों की 69.53 प्रतिशत की बहुलांश हिस्सेदारी पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारी सीजन में सोने और ज्वैलरी की भौतिक मांग मजबूत रहने से कंपनी के आगामी वित्तीय परिणामों पर नजर रहेगी, हालांकि संस्थागत निवेशकों के लगातार एग्जिट को देखते हुए ट्रेडर्स को स्टॉपलॉस के साथ ही कारोबार करने की सलाह दी गई है।
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