वाराणसी में मानवता शर्मसार: हथियार के बल पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म, दो दिनों तक बंधक बनाकर दरिंदे ने ढाया कहर
मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस की विभिन्न इकाइयों ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन का
- धर्मनगरी में छात्रा के साथ हैवानियत: धमकाकर किया यौन शोषण, पुलिस ने आरोपी को दबोचकर सलाखों के पीछे भेजा
- खौफ के साये में बीती दो रातें: वाराणसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छात्रा को चंगुल से छुड़ाकर आरोपी पर कसा कानूनी शिकंजा
उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने महिला सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक नाबालिग छात्रा के साथ हथियार के दम पर दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी ने न केवल छात्रा की अस्मत के साथ खिलवाड़ किया, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी देकर दो दिनों तक एक गुप्त स्थान पर बंधक बनाकर रखा। इस दौरान पीड़िता शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के उस दौर से गुजरी, जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाती है। घटना की जानकारी मिलते ही समूचे जनपद में आक्रोश व्याप्त हो गया और स्थानीय लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग शुरू कर दी है।
वाराणसी पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी योजना पहले से ही तैयार कर रखी थी। जब नाबालिग छात्रा अपने विद्यालय या किसी काम से बाहर निकली थी, तभी आरोपी ने उसे अकेला पाकर अवैध असलहे के दम पर आतंकित किया। छात्रा को डराया-धमकाया गया कि यदि उसने शोर मचाया या विरोध किया, तो वह उसे और उसके परिवार को जान से मार देगा। इस खौफ का फायदा उठाकर आरोपी उसे एक सुनसान कमरे में ले गया, जहाँ उसने छात्रा के साथ बार-बार दुष्कर्म किया। दो दिनों तक छात्रा उस अंधेरे कमरे में कैद रही, जहाँ उसकी चीखें सुनने वाला कोई नहीं था और वह दरिंदे की हैवानियत का शिकार होती रही।
इस दुखद घटना का खुलासा तब हुआ जब छात्रा किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर अपने घर पहुँची। बदहवास और डरी हुई छात्रा ने जब अपनी आपबीती परिजनों को सुनाई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने बिना देरी किए स्थानीय पुलिस थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से सक्रियता दिखाई और पीड़िता का बयान दर्ज करने के बाद उसे मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। डॉक्टरों की टीम ने छात्रा की प्राथमिक जांच की है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, क्योंकि वह गहरे सदमे (ट्रॉमा) में है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया है। नाबालिग के साथ हुए इस जघन्य अपराध में उम्र और हथियार के इस्तेमाल को देखते हुए कठोरतम सजा के प्रावधान लागू किए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस की विभिन्न इकाइयों ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन का पता लगाया। चंद घंटों के भीतर ही पुलिस ने घेराबंदी करके आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने के बाद उससे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कृत्य में क्या कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या उसने पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने उस हथियार को भी बरामद करने के प्रयास तेज कर दिए हैं, जिसका उपयोग छात्रा को डराने के लिए किया गया था।
वाराणसी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है, लेकिन इस घटना ने सामाजिक परिवेश में गहरी चिंता पैदा कर दी है। नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए पुलिस गश्त और सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में चार्जशीट को जल्द से जल्द कोर्ट में पेश करेंगे ताकि फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से पीड़िता को त्वरित न्याय मिल सके। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि आरोपी को ऐसी सजा दिलाई जाए जो समाज के अन्य असामाजिक तत्वों के लिए एक नजीर बने और अपराधियों के मन में कानून का भय व्याप्त हो।
इस मामले में फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है और वहां से कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जो कोर्ट में आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत साबित होंगे। छात्रा के कपड़ों और अन्य जैविक नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, आरोपी के मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है ताकि यह देखा जा सके कि क्या उसने घटना का कोई वीडियो बनाया था या पीड़िता को सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रताड़ित करने की कोशिश की थी। पुलिस का सायबर सेल इस मामले में तकनीकी मदद प्रदान कर रहा है ताकि कोई भी सबूत छूटने न पाए।
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