गुरुग्राम में दिल्ली पुलिस के सिपाही की शर्मनाक करतूत, बीच सड़क पर पूर्व महिला मित्र के साथ बेरहमी से की मारपीट
देश की राजधानी दिल्ली से सटे औद्योगिक और रिहायशी हब गुरुग्राम से कानून के रखवाले की एक बेहद शर्मनाक और हैरान
- शराब के नशे में धुत होकर युवती के घर पहुंचा आरोपी रोनित यादव, विरोध करने पर मां और नाबालिग बहन को दी जान से मारने की धमकी
- सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थार गाड़ी से सोसाइटी का गेट तोड़ने और युवती के बाल खींचकर घसीटने की खौफनाक वारदात, कोर्ट ने खारिज की जमानत
देश की राजधानी दिल्ली से सटे औद्योगिक और रिहायशी हब गुरुग्राम से कानून के रखवाले की एक बेहद शर्मनाक और हैरान कर देने वाली करतूत सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे के साथ-साथ समाज को भी स्तब्ध कर दिया है। दिल्ली पुलिस के एक सेवारत सिपाही ने कानून और वर्दी की धौंस दिखाते हुए अपनी पूर्व महिला मित्र के साथ सरेराह और बीच सड़क पर अमानवीय तरीके से बर्बरतापूर्ण मारपीट की है। कानून व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालने वाले एक पुलिसकर्मी का यह हिंसक रूप देखकर आसपास के लोग और सोसाइटी के सुरक्षाकर्मी भी सहम गए। आरोपी सिपाही की पहचान रोनित यादव के रूप में हुई है, जिसने न केवल सार्वजनिक स्थान पर एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाई बल्कि देश के कानून को अपने हाथ में लेते हुए सरेआम गुंडागर्दी का प्रदर्शन किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही पूरे क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और इस कृत्य ने खाकी की छवि पर एक गहरा दाग लगा दिया है।
इस पूरी वारदात की शुरुआत तब हुई जब आरोपी सिपाही रोनित यादव अत्यधिक शराब के नशे में धुत होकर गुरुग्राम स्थित पीड़िता के आवासीय परिसर में पहुंच गया। वह पीड़िता के घर में जबरन दाखिल होने की कोशिश कर रहा था, जिसका युवती और उसके परिवार ने कड़ा विरोध किया। अपनी पूर्व महिला मित्र द्वारा घर में प्रवेश करने से रोकने और विरोध जताने पर आरोपी पूरी तरह से अपना आपा खो बैठा और उसने घर के भीतर ही अभद्रता शुरू कर दी। जब पीड़िता ने स्थिति को संभालने और उसे घर से बाहर निकालने का प्रयास किया, तो आरोपी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए हिंसक व्यवहार शुरू कर दिया। इस दौरान रोनित यादव ने न केवल पीड़िता के साथ गाली-गलौज की, बल्कि घर में मौजूद उसकी मां और एक नाबालिग छोटी बहन को भी सीधे तौर पर जान से मारने की गंभीर धमकी दी। इस अप्रत्याशित और खौफनाक व्यवहार से पूरा परिवार दहशत में आ गया और उन्होंने खुद को बचाने के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया।
घर के भीतर मचे हंगामे के बाद जब पीड़िता किसी तरह खुद को बचाने के लिए घर से बाहर निकलकर सोसाइटी की सड़क पर आई, तो आरोपी ने वहां भी उसका पीछा नहीं छोड़ा। आरोपी सिपाही ने बीच सड़क पर सरेआम पीड़िता को दबोच लिया और उसके बाल पकड़कर उसे बेहद बेरहमी से घसीटना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने युवती पर लगातार कई थप्पड़ और घूंसे बरसाए, जिससे वह सड़क पर गिर गई और गंभीर रूप से चोटिल हो गई। सड़क पर एक महिला के साथ हो रही इस हिंसा को देखकर जब सुरक्षाकर्मियों और राहगीरों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो आरोपी पुलिसकर्मी ने अपनी वर्दी और रसूख का डर दिखाकर उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। पीड़िता सड़क पर दर्द से कराहती रही और मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन नशे और अहंकार में चूर सिपाही लगातार उस पर शारीरिक हमला करता रहा, जिसने मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया। बीच सड़क पर महिला को बेरहमी से पीटने और बाल पकड़कर घसीटने के बाद जब लोगों की भीड़ जुटने लगी, तो आरोपी अपनी महिंद्रा थार गाड़ी में सवार होकर भागने लगा और इसी आपाधापी में उसने सोसाइटी के मुख्य लोहे के गेट पर जोरदार टक्कर मार दी।
यह पूरी खौफनाक और हिंसक वारदात सोसाइटी के मुख्य प्रवेश द्वार और सड़क पर लगे उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरों में पूरी तरह से रिकॉर्ड हो गई है। सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद इस घटना की भयावहता पूरी तरह से स्पष्ट हो गई है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक रक्षक ही भक्षक बनकर महिला के बाल पकड़कर उसे कंक्रीट की सड़क पर बेरहमी से घसीट रहा है। वीडियो में यह भी साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी किस तरह अपनी तेज रफ्तार थार गाड़ी को पीछे की तरफ मोड़ते हुए सोसाइटी के भारी सुरक्षा गेट पर दे मारता है, जिससे गेट को भारी नुकसान पहुंचता है और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते हैं। यह फुटेज सोशल मीडिया और जांच एजेंसियों के पास पहुंचने के बाद आरोपी के खिलाफ एक अचूक और सबसे मजबूत तकनीकी साक्ष्य बन गया है, जिससे मुकर पाना उसके लिए अब पूरी तरह असंभव है।
इस भीषण हमले और प्रताड़ना के बाद पीड़िता और उसके सहमे हुए परिवार ने हिम्मत जुटाई और तुरंत गुरुग्राम पुलिस से संपर्क साधकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने की संवेदनशीलता और मामले में दिल्ली पुलिस के सिपाही का नाम शामिल होने के कारण गुरुग्राम पुलिस ने बिना किसी ढिलाई के त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें घर में जबरन घुसना, मारपीट करना, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना, जान से मारने की धमकी देना और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल है। पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत जाल बिछाकर और तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपी सिपाही रोनित यादव को उसके संभावित ठिकाने से धर दबोचा और उसे सलाखों के पीछे भेज दिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
गिरफ्तारी के बाद गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी सिपाही रोनित यादव को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां आरोपी के वकीलों ने उसकी रिहाई के लिए जमानत याचिका दायर की थी। अदालत कक्ष में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष और पुलिस के वकीलों ने सीसीटीवी फुटेज और पीड़िता के बयानों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। सरकारी वकील ने दलील दी कि चूंकि आरोपी खुद पुलिस विभाग में कार्यरत है, इसलिए जमानत मिलने पर वह पीड़िता और उसके परिवार को प्रभावित कर सकता है, डरा-धमका सकता है और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है। मामले की गंभीरता, महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता और आरोपी के हिंसक आचरण को देखते हुए गुरुग्राम कोर्ट ने आरोपी सिपाही की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है और वर्दी की आड़ में किसी को भी इस तरह के जघन्य कृत्य की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम पुलिस दोनों ही विभागों में हड़कंप मचा हुआ है और विभागीय स्तर पर भी रोनित यादव के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी सिपाही को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उसके खिलाफ एक आंतरिक जांच भी बिठा दी गई है, जो उसकी सेवा समाप्ति की वजह बन सकती है।
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