Cyclone Arnab Severe Alert - चक्रवात 'अर्नब' ने लिया विकराल रूप: 28 अक्टूबर को बापटला और विशाखापत्तनम के बीच लैंडफॉल, 5 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात 'अर्नब' बेहद खतरनाक हो गया है। 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने की आशंका के बीच मौसम विभाग ने 5 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

Oct 27, 2026 - 11:55
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Cyclone Arnab Severe Alert - चक्रवात 'अर्नब' ने लिया विकराल रूप: 28 अक्टूबर को बापटला और विशाखापत्तनम के बीच लैंडफॉल, 5 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
प्रतीकात्मक चित्र

बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ चक्रवाती तूफान 'अर्नब' तेजी से सशक्त होकर अब अत्यंत विकराल रूप धारण कर चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के अनुसार, यह चक्रवाती तंत्र पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी में लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आंध्र प्रदेश के तट के समीप पहुंचने से पहले यह एक 'अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान' (Very Severe Cyclonic Storm) में तब्दील हो जाएगा। तूफान के प्रभाव से आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान देश के कम से कम पांच राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बापटला और विशाखापत्तनम के बीच 28 अक्टूबर की सुबह लैंडफॉल

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात 'अर्नब' 28 अक्टूबर की सुबह तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के यानम तट को पार करेगा। लैंडफॉल की इस प्रक्रिया के दौरान तटीय क्षेत्रों में हवा की अधिकतम निरंतर रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जो तूफानी झोंकों (गस्टिंग) के साथ 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में ऊंची तूफानी लहरें उठने की आशंका को देखते हुए तटीय इलाकों में मछुआरों के समुद्र में उतरने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है और जहाजों को सुरक्षित लंगर डालने के निर्देश जारी किए गए हैं।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा में मौसम का सबसे ज्यादा कहर

चक्रवात का सर्वाधिक प्रभाव आंध्र प्रदेश और पड़ोसी राज्य ओडिशा के तटीय व दक्षिणी जिलों में देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश के काकीनाडा, विशाखापत्तनम, बापटला, कृष्णा और गुंटूर जिलों में मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट है। वहीं ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर में जलभराव और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाने और राहत सामग्री का भंडारण सुनिश्चित करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल तक बदलेगा मौसम का मिजाज

चक्रवात 'अर्नब' का व्यापक असर केवल समुद्र तट तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूर्वी और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में घने बादलों के साथ तेज हवाएं और मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। वहीं बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी इस चक्रवाती तंत्र के चलते 28 और 29 अक्टूबर को बादलों की आवाजाही बढ़ेगी, कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने और तापमान में अचानक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। संबंधित राज्यों के प्रशासन को किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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