पटना मरीन ड्राइव पर गर्भवती महिला से पुलिस का कथित दुर्व्यवहार: वायरल वीडियो ने मचाया हंगामा।
बिहार की राजधानी पटना के मरीन ड्राइव पर सोमवार की शाम एक छोटी सी ट्रैफिक जांच ने हाईवोल्टेज ड्रामा का रूप ले लिया। एक गर्भवती महिला

बिहार की राजधानी पटना के मरीन ड्राइव पर सोमवार की शाम एक छोटी सी ट्रैफिक जांच ने हाईवोल्टेज ड्रामा का रूप ले लिया। एक गर्भवती महिला और उसके पति को गलत दिशा से स्कूटी धकेलते हुए जाते देख पुलिस ने रोका। चालान काटने को लेकर शुरू हुई बहस इतनी बढ़ गई कि एक पुलिसकर्मी स्कूटी जब्त कर थाने ले जाने लगा। महिला ने रोकने की कोशिश की तो पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर स्कूटी आगे बढ़ा दी, जिससे महिला उसके सामने चिल्लाती रही। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें महिला बार-बार कहती सुनाई दे रही है, 'मैं प्रेग्नेंट हूं, प्लीज ऐसा मत करो।' यह घटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है और पटना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मरीन ड्राइव, जो पटना का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, सोमवार शाम को व्यस्त था। लोग घूमने-फिरने और शाम की सैर के लिए यहां आते हैं। दंपती भी इसी उद्देश्य से मरीन ड्राइव पर पहुंचा था। वीडियो के अनुसार, वे स्कूटी पर सवार होकर घूम रहे थे। यू-टर्न पॉइंट दूर होने के कारण पति ने स्कूटी उतार ली और हाथ से धकेलते हुए गलत दिशा में चलने लगा। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पटना ट्रैफिक पुलिस की टीम ने उन्हें रोका। चालान काटने की प्रक्रिया शुरू हुई तो पति-पत्नी ने विरोध जताया। महिला ने बताया कि उनकी स्कूटी पर पहले से ही 12 हजार रुपये का चालान बकाया था, इसलिए वे परेशान थे। बात बढ़ी तो पुलिस ने स्कूटी जब्त करने का फैसला किया।
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक पुलिसकर्मी स्कूटी पर सवार होकर थाने की ओर बढ़ा। महिला, जो गर्भवती है, उसके सामने खड़ी हो गई और हाथ फैलाकर रोकने की कोशिश करने लगी। वह चीख-चीखकर कह रही थी, 'भैया, रुक जाओ। मैं प्रेग्नेंट हूं, गाड़ी मत चलाओ।' लेकिन पुलिसकर्मी ने कथित रूप से स्कूटी आगे बढ़ा दी। महिला उसके सामने ही खड़ी रही, जिससे लग रहा था कि वह स्कूटी के नीचे आ जाएगी। कुछ सेकंड बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। वह सिर पकड़कर बैठ गई और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। तब जाकर पुलिसकर्मी रुका। आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और हंगामा मच गया। दंपती बाद में थाने पहुंचा, जहां फिर से बहस हुई। पति ने शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर भेज दिया।
यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। ट्विटर पर PatnaMarineDrive और PoliceMisconduct जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने इसे पुलिस की दमनकारी कार्यशैली का उदाहरण बताया। एक यूजर ने लिखा, 'गर्भवती महिला को डराना क्या न्याय है? पटना पुलिस को जवाब देना चाहिए।' दूसरे ने कहा, 'ट्रैफिक नियम तो जरूरी हैं, लेकिन इंसानियत भूलना ठीक नहीं।' विपक्षी नेता भी सक्रिय हो गए। आरजेडी के तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा, 'नीतीश सरकार में पुलिस का रवैया डराने वाला है। गर्भवती महिला से इस तरह बर्ताव शर्मनाक है। जांच हो और दोषी को सजा मिले।' भाजपा समर्थक नेताओं ने भी चुप्पी नहीं साधी। एक ने कहा, 'कानून सबके लिए बराबर, लेकिन संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।'
पटना पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद प्रतिक्रिया दी। एसएसपी राजीव मिश्रा ने कहा, 'घटना की जानकारी मिली है। वीडियो के आधार पर जांच शुरू हो गई है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।' ट्रैफिक एसपी अपराजिता लोहन ने अपील की, 'यातायात नियमों का पालन करें। मरीन ड्राइव पर यू-टर्न का उपयोग करें, गलत दिशा से न चलें।' पुलिस ने बताया कि दंपती की स्कूटी पर पहले से चालान बकाया था, जो ई-चालान सिस्टम में दर्ज था। पटना में ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए कैमरे लगे हैं और मैनुअल चालान बंद हैं। लेकिन इस घटना ने सवाल उठाए कि क्या पुलिसकर्मी संवेदनशील मुद्दों पर नरमी बरतते हैं।
मरीन ड्राइव पटना का एक खूबसूरत स्पॉट है, जहां गंगा नदी के किनारे सैर-सपाटा होता है। लेकिन ट्रैफिक उल्लंघन यहां आम समस्या है। लोग यू-टर्न न लेकर शॉर्टकट लेते हैं, जिससे जाम लगता है। पुलिस की चेकिंग बढ़ाने से कई बार विवाद होते हैं। कुछ महीने पहले पटना-राघोपुर ब्रिज पर एक व्लॉगर के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था। वहां पुलिस ने कहा कि व्लॉगर बिना लाइसेंस के वीडियो बना रहा था। इसी तरह जून में चितकोहरा गोलंबर पर एक थार ड्राइवर ने महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी को कुचलने की कोशिश की। इन घटनाओं से लगता है कि पटना में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के बावजूद तनाव बरकरार है।
दंपती ने बताया कि वे फ्रेजर रोड इलाके से हैं। पत्नी आठ महीने की गर्भवती है। सोमवार को वे शाम की सैर के लिए मरीन ड्राइव गए। यू-टर्न लाइन में लगने से पति ने सोचा कि स्कूटी धकेलकर छोटा रास्ता लेंगे। लेकिन पुलिस ने रोका तो बहस हो गई। चालान भरने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए स्कूटी जब्त होने पर घबरा गए। वीडियो एक राहगीर ने बनाया, जो तुरंत शेयर हो गया। थाने पहुंचने पर एसएचओ ने कहा कि चालान क्लियर करें तो स्कूटी लौटा देंगे। लेकिन महिला की तबीयत बिगड़ने से मामला शांत हो गया। डॉक्टर ने उन्हें घर भेज दिया।
यह घटना बिहार पुलिस की छवि पर असर डाल रही है। बिहार में डबल इंजन सरकार के बाद पुलिस पर सुधार के दावे किए जाते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं उन पर पानी फेर देती हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि ट्रैफिक पुलिस को संवेदनशीलता प्रशिक्षण की जरूरत है। गर्भवती महिलाओं या बुजुर्गों के साथ नरमी बरतनी चाहिए। पटना ट्रैफिक पुलिस ने महिलाओं को तैनाती बढ़ाई है। जनवरी 2025 से 54 चेकपोस्ट पर महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी कर रही हैं। लेकिन सोमवार की घटना पुरुष पुलिसकर्मी से जुड़ी है। एसएसपी ने वादा किया कि जल्द रिपोर्ट आएगी।
सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग कहते हैं कि गलती दंपती की थी, नियम तोड़ना गलत है। लेकिन ज्यादातर महिला के पक्ष में हैं। एक एनजीओ ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष छूट होनी चाहिए। यह वीडियो 18 नवंबर से वायरल है और लाखों व्यूज बटोर चुका है। पटना पुलिस ने ई-चालान ऐप का प्रचार किया, जिसमें नियमों की जानकारी है। मरीन ड्राइव पर बोर्ड लगे हैं कि गलत दिशा में चलना प्रतिबंधित है। दंड 500 से 2000 रुपये तक है।
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