UP RERA Approval: यूपी में 13 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मिली हरी झंडी, 2380 करोड़ रुपये का होगा निवेश
यूपी रेरा (UP RERA) ने प्रदेश में 13 नई आवासीय और कमर्शियल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। लगभग ₹2,380 करोड़ के निवेश से तैयार होने वाली 4,724 यूनिट्स से रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती मिलेगी।

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यूपी रेरा का बड़ा फैसला: प्रदेश में विकसित होंगी 4,724 नई आवासीय व व्यावसायिक यूनिट्स, घर खरीदारों के लिए बढ़ेंगे विकल्प
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UP Real Estate News: रेरा की मंजूरी से उत्तर प्रदेश के हाउसिंग सेक्टर को रफ्तार, 13 नए प्रोजेक्ट्स में निर्माण का रास्ता साफ
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यूपी में रियल्टी सेक्टर को नई गति: UP RERA ने दी 13 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, एनसीआर और गैर-एनसीआर शहरों में बढ़ेंगी यूनिट्स
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में संगठित और पारदर्शी शहरीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने एक बड़ा कदम उठाया है। नियामक प्राधिकरण ने प्रदेश भर में 13 नई आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के पंजीकरण आवेदनों की जांच पूरी करते हुए उन्हें औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र में लगभग 2,380.04 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष पूंजी निवेश का अनुमान लगाया गया है।
प्राधिकरण से मिली इस स्वीकृति के बाद राज्य में कुल 4,724 नई यूनिट्स के निर्माण और विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इनमें मध्यम व उच्च वर्गीय परिवारों के लिए फ्लैट्स, विला तथा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए रिटेल आउटलेट्स और ऑफिस स्पेस शामिल हैं।
एनसीआर और गैर-एनसीआर जिलों में संतुलित विस्तार
यूपी रेरा द्वारा स्वीकृत इन 13 परियोजनाओं का भौगोलिक वितरण यह दर्शाता है कि राज्य में अब केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के शहरों तक ही रियल एस्टेट विकास केंद्रित नहीं रह गया है। हालांकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे परिपक्व बाजारों में प्रीमियम और अफोर्डेबल दोनों श्रेणियों की परियोजनाओं को अनुमति मिली है, लेकिन इसके साथ ही लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा जैसे गैर-एनसीआर शहरों में भी डेवलपर्स की रुचि तेजी से बढ़ रही है।
राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के विस्तारित क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं वाले एकीकृत टाउनशिप प्रोजेक्ट्स के लिए मांग में निरंतर उछाल देखा जा रहा है। प्राधिकरण के अनुसार, स्वीकृत परियोजनाओं में आवासीय इकाइयों का बड़ा हिस्सा उन मध्यमवर्गीय खरीदारों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा, जो लंबे समय से सुरक्षित और विधिक रूप से मान्य निवेश विकल्पों की प्रतीक्षा में थे।
मानकों की कड़ी पड़ताल के बाद दी गई अनुमति
यूपी रेरा ने प्रोजेक्ट्स को पंजीकृत करते समय कड़े विधिक और वित्तीय पैमानों का अनुपालन सुनिश्चित किया है। रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम के तहत प्रत्येक डेवलपर के लिए आवश्यक है कि वह संबंधित स्थानीय विकास प्राधिकरण (जैसे एलडीए, नोएडा प्राधिकरण, जीएचडीए आदि) से स्वीकृत लेआउट प्लान, साइट मैप, पर्यावरण क्लीयरेंस और भूमि के मालिकाना हक से जुड़े सभी दस्तावेज जमा करे।
प्राधिकरण ने आवेदनों की जांच के दौरान विशेष रूप से यह परखा कि डेवलपर्स का वित्तीय ट्रैक रिकॉर्ड कैसा है और परियोजना को पूरा करने के लिए वित्तीय संसाधन स्पष्ट हैं या नहीं। इसके अलावा, आवंटियों से ली जाने वाली धनराशि का 70 प्रतिशत हिस्सा एक अलग एस्क्रो खाते (Escrow Account) में रखने के अनिवार्य नियम का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराने के बाद ही इन 13 प्रोजेक्ट्स को अंतिम पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।
घर खरीदारों के लिए बढ़ा सुरक्षा दायरा
रेरा की मंजूरी मिलने का सीधा अर्थ यह है कि खरीदार अब इन परियोजनाओं में सुरक्षित रूप से बुकिंग कर सकेंगे। पिछले वर्षों में अनधिकृत या बिना पंजीकरण वाली परियोजनाओं में निवेश करने के कारण कई खरीदारों को कानूनी विवादों और देरी का सामना करना पड़ा था।
रेरा के अंतर्गत पंजीकृत होने के बाद प्रमोटर या डेवलपर पर समय पर निर्माण पूरा करने की विधिक बाध्यता होती है। यदि परियोजना में विलंब होता है, तो बिल्डर को निर्धारित नियमों के अनुसार ब्याज और मुआवजा देना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, स्वीकृत प्रोजेक्ट्स की समय-समय पर भौतिक प्रगति और वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट रेरा के सार्वजनिक पोर्टल पर अपडेट की जाएगी, जिससे कोई भी सामान्य नागरिक घर बैठे प्रोजेक्ट की प्रगति की निगरानी कर सकेगा।
अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा संबल
रियल एस्टेट सेक्टर को आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण इंजन माना जाता है, जो सीमेंट, स्टील, पेंट, सैनिटरी वेयर और ट्रांसपोर्टेशन सहित 250 से अधिक सहायक उद्योगों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। लगभग 2,380 करोड़ रुपये के इस नए निवेश से न केवल विनिर्माण उद्योग में मांग पैदा होगी, बल्कि निर्माण स्थलों पर बड़ी संख्या में कुशल और अकुशल श्रमिकों, इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क, नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और बेहतर कानून व्यवस्था के चलते लॉजिस्टिक्स और रिहायशी मांग में लगातार तेजी आई है। ऐसे में पारदर्शी नियामक व्यवस्था निवेशकों और बैंकों को भी रियल एस्टेट परियोजनाओं को फंड करने का विश्वास प्रदान कर रही है।
खरीदारों के लिए जरूरी सलाह
नियामक प्राधिकरण ने एक बार फिर दोहराया है कि आम नागरिक और निवेशक केवल उन्हीं परियोजनाओं में संपत्ति खरीदें या बुक करें, जिन्हें यूपी रेरा की वेबसाइट पर वैध पंजीकरण संख्या (RERA Registration Number) आवंटित की जा चुकी है। किसी भी गैर-पंजीकृत प्रोजेक्ट का विज्ञापन करना, उसकी बुकिंग लेना या अग्रिम धनराशि स्वीकार करना कानूनी रूप से अवैध है। आवंटी किसी भी निर्माण इकाई में लेन-देन करने से पूर्व पोर्टल पर जाकर स्वीकृत साइट प्लान और प्रोजेक्ट की प्रस्तावित पूर्णता तिथि (Completion Date) का स्वयं सत्यापन कर सकते हैं।
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