Hyderabad Viral Video: नई BMW की डिलीवरी लेते ही किन्नरों ने घेरी कार, कथित तौर पर 2 लाख रुपये मांगने पर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

हैदराबाद में नई बीएमडब्ल्यू कार की डिलीवरी लेते ही किन्नरों द्वारा कार घेरने और कथित तौर पर 2 लाख रुपये मांगने का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

Sep 13, 2026 - 13:26
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Hyderabad Viral Video: नई BMW की डिलीवरी लेते ही किन्नरों ने घेरी कार, कथित तौर पर 2 लाख रुपये मांगने पर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
  •  हैदराबाद में नई लग्जरी कार मालिक से बधाई के नाम पर मोटी रकम की मांग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
  • Hyderabad Transgender Extortion Row: नई बीएमडब्ल्यू कार के सामने किन्नरों का घेराव, 2 लाख की मांग के दावे पर उठे सवाल
  • बधाई या खुली जबरन वसूली? हैदराबाद में नई BMW कार मालिक के साथ हुई घटना के वीडियो ने छेड़ी नई कानूनी बहस

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से सामने आए एक सनसनीखेज वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीव्र सार्वजनिक और कानूनी बहस छेड़ दी है। प्रसारित हो रहे वीडियो में एक नागरिक द्वारा नई लग्जरी बीएमडब्ल्यू (BMW) कार की शोरूम से डिलीवरी लेकर निकलते ही किन्नरों (ट्रांसजेंडरों) का एक समूह वाहन को चारों तरफ से घेरता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया मंचों पर किए जा रहे दावों के अनुसार, समूह के सदस्यों ने कार मालिक से बधाई और आशीर्वाद के नाम पर कथित रूप से 2 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि की मांग की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट उपयोगकर्ताओं, नागरिक समूहों और कानूनी जानकारों के बीच नई गाड़ी खरीदने, गृह प्रवेश और वैवाहिक आयोजनों पर जबरन धन वसूली की बढ़ती प्रवृत्तियों को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जा रही हैं।

वायरल वीडियो का घटनाक्रम और इंटरनेट पर उपजा आक्रोश

सोशल मीडिया पर वायरल हुई फुटेज के अनुसार, यह घटना हैदराबाद के एक व्यस्त शहरी इलाके में स्थित ऑटोमोबाइल शोरूम के समीप की बताई जा रही है। जैसे ही वाहन मालिक ने पूजा-अर्चना के बाद अपनी नई बीएमडब्ल्यू कार को मुख्य सड़क पर निकाला, कुछ ही पलों में कई लोग गाड़ी के बोनट और खिड़कियों के पास आकर खड़े हो गए। वाहन का रास्ता रोककर आशीर्वाद देने के बहाने बड़ी रकम देने का दबाव बनाया जाने लगा।

प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो से जुड़े विवरणों के अनुसार, जब कार चालक ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो स्थिति असहज हो गई। सड़क पर इस घेराव के कारण पीछे से आ रहे अन्य वाहनों की गति भी प्रभावित हुई। वीडियो के व्यापक रूप से साझा होने के बाद नेटिजन्स स्थानीय पुलिस और नगर प्रशासन को टैग कर सार्वजनिक स्थलों पर आम नागरिकों की सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाने लगे हैं।

पारंपरिक 'बधाई' बनाम 'जबरन वसूली' की विधिक सीमा

भारतीय समाज में ऐतिहासिक रूप से विवाह, संतान जन्म अथवा नए प्रतिष्ठान की शुरुआत जैसे मांगलिक प्रसंगों पर किन्नर समुदाय द्वारा मंगलकामनाएं देकर स्वेच्छा से दिया गया उपहार स्वीकार करने की सांस्कृतिक परंपरा रही है। हालांकि, हाल के वर्षों में कई शहरों से ऐसी गंभीर शिकायतें आ रही हैं जहां इसे 'ऐच्छिक शगुन' के बजाय एक संगठित और आक्रामक मांग में तब्दील कर दिया गया है।

कानूनी विशेषज्ञों का स्पष्ट मत है कि आशीर्वाद देने की आड़ में किसी नागरिक को धमकाना, उसका रास्ता रोकना अथवा मनमानी रकम न देने पर अभद्र व्यवहार करना सीधे तौर पर आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के अंतर्गत:

  1. गलत तरीके से रास्ता रोकना (Wrongful Restraint): किसी व्यक्ति को उसकी कानूनी इच्छा के विरुद्ध सार्वजनिक मार्ग पर आगे बढ़ने से रोकना गैर-कानूनी है।

  2. जबरन वसूली (Extortion): भय दिखाकर या दबाव बनाकर किसी से अवैध रूप से धन की मांग करना संज्ञेय अपराध है।

  3. सार्वजनिक उपद्रव (Public Nuisance): मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक बाधित करना और राहगीरों के लिए असुविधा उत्पन्न करना पुलिस अधिनियम के तहत दंडनीय है।

हैदराबाद की यह घटना कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, गुरुग्राम और नोएडा जैसे शहरों में भी नए घर के निर्माण, शोरूम के उद्घाटन और कार डिलीवरी के समय लाखों रुपये मांगने के मामले दर्ज हो चुके हैं।

इस प्रकार की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए पूर्व में कई जिला प्रशासनों ने सख्त नियम लागू किए हैं। उदाहरण के तौर पर, महाराष्ट्र के ठाणे और पिंपरी-चिंचवाड़ तथा मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में पुलिस कमिश्नरेट द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर बिना बुलाए जबरन घरों या सार्वजनिक स्थलों पर जाकर वसूली करने पर प्रतिबंध लगाया गया था। ऐसे आदेशों में यह स्पष्ट किया गया था कि यदि कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से कुछ उपहार देना चाहे तो वह स्वीकार्य है, लेकिन निर्धारित रकम मांगना या दबाव डालना सीधे एफआईआर का आधार बनेगा।

हैदराबाद पुलिस की सतर्कता

इस वीडियो के वायरल होने के बाद नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने हैदराबाद सिटी पुलिस से मामले का त्वरित संज्ञान लेने और जांच शुरू करने का अनुरोध किया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के प्रमुख कार शोरूमों, बैंक्वेट हॉलों और नए रिहायशी अपार्टमेंटों के बाहर अवैध रूप से सक्रिय रहने वाले ऐसे तत्वों पर खुफिया निगरानी रखी जानी चाहिए।

नागरिकों का यह भी तर्क है कि शोरूम कर्मचारियों अथवा पंजीयन एजेंटों द्वारा खरीदारों की व्यक्तिगत जानकारी साझा किए जाने के पहलुओं की भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि अक्सर महंगी गाड़ियों की डिलीवरी के ठीक समय पर ऐसे समूह सीधे स्पॉट पर पहुंच जाते हैं।

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