संगम नगरी प्रयागराज के साउथ मलाका क्षेत्र में बंद मकान के भीतर से 4 लोगों के सड़े-गले शव मिलने से पूरे उत्तर प्रदेश में मची भारी सनसनी।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बेहद ही हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे सूबे
- बाहर से ताला बंद होने के कारण गहराया हत्या और सामूहिक आत्महत्या का पेचीदा रहस्य, कमरे से उठती तेज बदबू के बाद पड़ोसियों ने दी पुलिस को सूचना।
- घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीमें, शुरुआती जांच में आर्थिक तंगी और पारिवारिक विवाद के कोण पर टिकी तफ्तीश।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बेहद ही हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे सूबे की कानून व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। शहर के बेहद व्यस्त और घनी आबादी वाले कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले साउथ मलाका इलाके में एक बंद मकान के भीतर से एक ही परिवार के 4 सदस्यों के शव अत्यंत संदेहास्पद परिस्थितियों में बरामद किए गए हैं। मृतकों में परिवार का मुखिया, उसकी पत्नी और दो जवान बेटियां शामिल हैं, जिनकी लाशें घर के अंदर एक कमरे में क्षत-विक्षत स्थिति में पड़ी हुई मिलीं। इस सामूहिक मौत की घटना के बाद से पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। सामूहिक हत्याकांड या सामूहिक आत्महत्या के इस पेचीदा मामले ने पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की शुरुआत तब हुई जब पिछले 3-4 दिनों से उस मकान में रहने वाले परिवार का कोई भी सदस्य आस-पड़ोस के लोगों को बाहर आता-जाता दिखाई नहीं दिया। स्थानीय निवासियों ने शुरुआत में सोचा कि शायद परिवार किसी सामाजिक कार्य या रिश्तेदारी में शहर से बाहर गया हुआ होगा, क्योंकि मुख्य प्रवेश द्वार पर बाहर से ताला लटका हुआ था। परंतु, जब समय बीतने के साथ-साथ उस बंद घर के भीतर से एक अजीब और असहनीय दुर्गंध वातावरण में फैलने लगी, तो आस-पास के दुकानदारों और पड़ोसियों का माथा ठनका। मक्खियों और दुर्गंध की तीव्रता को भांपते हुए स्थानीय लोगों ने किसी अनहोनी की आशंका के चलते बिना एक पल गंवाए स्थानीय कोतवाली पुलिस थाने को इस रहस्यमयी स्थिति के बारे में सूचित किया।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की एक भारी-भरकम टीम और त्वरित प्रतिक्रिया बल मौके पर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया। चूंकि घर का मुख्य दरवाजा बाहर से एक बड़े ताले से पूरी तरह लॉक था, इसलिए पुलिस कर्मियों ने स्थानीय गवाहों की मौजूदगी में लोहे के कटर और हथौड़े की मदद से उस ताले को कड़े संघर्ष के बाद तोड़ा। जैसे ही पुलिस की टीम ने घर के भीतर प्रवेश किया, कमरे के अंदर का खौफनाक और विचलित कर देने वाला नजारा देखकर अनुभवी पुलिसकर्मियों के भी पैर थम गए। कमरे के भीतर फर्श और तख्त पर 4 शव पड़े हुए थे, जो गर्मी और वेंटिलेशन न होने के कारण पूरी तरह से गल चुके थे और उनकी पहचान करना भी काफी मुश्किल हो रहा था।
बाहरी ताले ने उलझाई पुलिस की थ्योरी
इस पूरे सनसनीखेज मामले में सबसे बड़ा मोड़ और रहस्य घर के मुख्य दरवाजे पर बाहर से लगा हुआ ताला है। सामान्य तौर पर यदि कोई परिवार सामूहिक रूप से आत्मघाती कदम उठाता है, तो कुंडी या ताला अंदर से बंद होता है। लेकिन इस घटना में बाहर से ताला बंद होना और अंदर 4 लोगों की रहस्यमयी मौत होना, इस पूरे मामले को ठंडे दिमाग से की गई सोची-समझी हत्या या किसी पांचवें व्यक्ति की मौजूदगी की तरफ बहुत बड़ा इशारा कर रहा है।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के वरिष्ठ वैज्ञानिकों को मौके पर बुलाया गया। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स और खोजी कुत्तों के दस्ते ने घटनास्थल के एक-एक कोने की सूक्ष्मता से जांच की ताकि अपराधियों या घटनाक्रम से जुड़ा कोई भी जैविक साक्ष्य नष्ट न होने पाए। कमरे की सघन तलाशी के दौरान पुलिस को कुछ आपत्तिजनक रासायनिक पदार्थ, कीटनाशक की खाली शीशियां और कुछ दवाइयां बिखरी हुई मिली हैं। फॉरेंसिक टीम ने शवों के आस-पास मौजूद खून के धब्बों, उल्टी के निशानों और वहां रखी खाने की थालियों के नमूने सील कर दिए हैं ताकि लैबोरेट्री टेस्ट के जरिए मौत के सही समय और सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस द्वारा की गई शुरुआती शिनाख्त के अनुसार, मृतकों में मकान मालिक जो स्थानीय बाजार में एक छोटा व्यवसाय चलाते थे, उनकी उम्र करीब पचास वर्ष थी, उनकी पैंतालीस वर्षीय पत्नी और चौबीस व बाईस वर्ष की दो बेटियां शामिल हैं। आस-पड़ोस से की गई प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य भी निकलकर सामने आया है कि यह परिवार पिछले कुछ महीनों से भारी आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रहा था। व्यापार में लगातार हो रहे घाटे और बाजार के कर्जदारों के बढ़ते दबाव के कारण घर में अक्सर कलह की स्थिति बनी रहती थी। पुलिस अब इस कोण पर भी गहराई से काम कर रही है कि क्या कर्ज के जाल और सामाजिक बदनामी के डर से इस परिवार ने यह खौफनाक कदम उठाया या फिर किसी बाहरी रंजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया है।
What's Your Reaction?







