ख़ूबसूरती का ऐसा नशा कि अपनी भतीजी समेत 4 बच्चों की कर दी बेरहमी से हत्या, जानिए साइको लेडी किलर की रूह कंपाने वाली सच्चाई।
हरियाणा के पानीपत जिले में एक शादी समारोह के दौरान एक छह वर्षीय बालिका की संदिग्ध मौत ने एक भयावह सिलसिले का पर्दाफाश
हरियाणा के पानीपत जिले में एक शादी समारोह के दौरान एक छह वर्षीय बालिका की संदिग्ध मौत ने एक भयावह सिलसिले का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान बालिका की चाची को गिरफ्तार किया, जो कथित रूप से सौंदर्य की गहरी ईर्ष्या के कारण न केवल इस हत्या में शामिल थी, बल्कि तीन अन्य बच्चों की हत्याओं को भी अंजाम दे चुकी थी। आरोपी ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि वह उन बच्चों से नफरत करती थी जो उसके अनुसार खुद से अधिक सुंदर लगते थे। यह घटना सोमवार दोपहर नौलठा गांव में हुई, जहां परिवार के सदस्य शादी के जश्न में मग्न थे। बालिका विद्या का शव एक प्लास्टिक टब में पानी में डूबा हुआ मिला, और प्रारंभ में इसे दुर्घटना माना गया। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका जताई। आरोपी पूनम, जो सीवाह गांव की रहने वाली हैं और सोनीपत के भवार गांव में शादीशुदा हैं, को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। वह विद्या के पिता संदीप की चाची हैं, और संदीप का पति नवीन आरोपी का पति है।
घटना के समय शादी का बारात जुलूस नौलठा पहुंच चुका था, और परिवार के सदस्य घर में इकट्ठा हो रहे थे। दोपहर लगभग 1:30 बजे विद्या खेलते-खेलते गायब हो गई। परिवार ने तुरंत तलाशी शुरू की, लेकिन एक घंटे बाद भी वह नहीं मिली। विद्या के दादा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें संदेह जताया गया। पुलिस टीम ने घर की तलाशी ली और पहली मंजिल के एक स्टोररूम में प्लास्टिक टब में पानी डूबा शव पाया। टब का दरवाजा बाहर से बंद था, जो दुर्घटना की बजाय हत्या का संकेत दे रहा था। विद्या को तुरंत एनसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की पुष्टि हुई, लेकिन सवाल उठा कि एक बच्चा कैसे टब में डूब सकता है। पुलिस ने शादी में मौजूद सभी लोगों से पूछताछ की, और पूनम के बयानों में विरोधाभास पाए। गहन पूछताछ के दौरान उसने न केवल विद्या की हत्या कबूल की, बल्कि पिछले दो वर्षों में तीन अन्य हत्याओं का भी इकबालिया बयान दिया।
पुलिस के अनुसार, पूनम ने विद्या को स्टोररूम के बाहर रखे प्लास्टिक टब में डालकर डुबोया, फिर दरवाजा बाहर से बंद कर नीचे चली गई। उसने बताया कि विद्या को देखते ही उसे ईर्ष्या हुई, क्योंकि बालिका उसके अनुसार बहुत सुंदर लग रही थी। पूनम ने कबूल किया कि वह ऐसी बालिकाओं से चिढ़ती थीं जो बड़ी होकर खुद से अधिक आकर्षक बन सकती थीं। यह पैटर्न उसके पिछले अपराधों में भी दिखा। जनवरी 2023 में भवार गांव में उसने अपनी सास की नौ वर्षीय बेटी को घर के वॉटर टैंक में डुबो दिया। कुछ दिनों बाद संदेह से बचने के लिए उसने अपने तीन वर्षीय पुत्र को भी उसी टैंक में डुबोया। परिवार ने इन मौतों को दुर्घटना मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था। अगस्त 2025 में सीवाह गांव में अपने मायके में उसने अपनी चचेरी बहन के छह वर्षीय पुत्र को भी इसी तरह डुबोया, क्योंकि वह बच्चा भी उसके अनुसार सुंदर था। सभी हत्याओं में तरीका एक समान था—प्लास्टिक टब या वॉटर टैंक में डुबोना, और मौत को दुर्घटना के रूप में छिपाना।
पानीपत के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूनम ने पूछताछ में कहा कि सुंदर बालिकाओं को देखते ही उसे चिढ़ पैदा हो जाती, और वह सोचती कि वे बड़ी होकर खुद से अधिक खूबसूरत न बन जाएं। उसने स्पष्ट रूप से कबूल किया कि सुंदर बच्चों से उसे नफरत सी हो जाती। यह ईर्ष्या उसके विवाह के बाद 2019 से शुरू हुई, जब वह भवार गांव में आई। पूनम के पास एक अन्य बच्चा भी है, लेकिन उसके बेटे की हत्या संदेह से बचने के लिए की गई। पुलिस ने इसे मनोवैज्ञानिक विकृति का मामला माना है, लेकिन किसी तंत्र-मंत्र या बलि का कोण नहीं पाया। आरोपी को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां उसे सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान अपराध स्थलों का पुनर्निर्माण किया जाएगा, और अन्य संभावित हत्याओं की जांच भी शुरू हो गई है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि पूनम हत्याओं के बाद सामान्य व्यवहार करती, यहां तक कि जश्न मनाती भी।
इस मामले ने ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नौलठा गांव में शादी के जश्न के बीच हुई यह घटना पूरे परिवार को सदमे में डाल गई। विद्या के पिता संदीप ने बताया कि वे बारात में व्यस्त थे, और चाची ने बच्ची को ऊपर बुलाया था। परिवार ने प्रारंभ में दुर्घटना माना, लेकिन शव मिलने के बाद हत्या का शक हुआ। अन्य पीड़ित परिवारों को अब भी सदमा लगा है, क्योंकि वे पुरानी मौतों को दुर्घटना मान चुके थे। पुलिस ने चारों मामलों में एफआईआर दर्ज की हैं, और सीआईए टीम ने 36 घंटों में केस सुलझाया। आरोपी के पति नवीन ने भी सहयोग किया, लेकिन वह हत्याओं से अनभिज्ञ था। जांच में पाया गया कि पूनम ने 2021 में भी एक हत्या की कोशिश की थी, लेकिन वह विफल रही। अब पुलिस उसकी मानसिक स्थिति की जांच के लिए विशेषज्ञों से सलाह ले रही है।
पूनम की गिरफ्तारी के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया। नौलठा और सीवाह जैसे गांवों में परिवार अब बच्चों पर नजर रख रहे हैं। पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि ईर्ष्या जैसी भावनाओं को समय पर नियंत्रित न करने से ऐसी त्रासदियां हो सकती हैं। मामले में कोई वित्तीय या पारिवारिक विवाद नहीं पाया गया, सब कुछ सौंदर्य की विकृत धारणा पर आधारित था। आरोपी ने कबूल किया कि वह सुंदर बच्चों को देखकर गुस्से में आ जाती। यह सिलसिला दो वर्षों से चल रहा था, और यदि विद्या की हत्या न होती, तो शायद और बच्चे शिकार होते। पुलिस ने पुराने मामलों के रिकॉर्ड खंगाले, और पुष्टि की कि सभी मौतें डूबने से हुईं। अब डीएनए और अन्य फोरेंसिक जांच चल रही है।
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