अपनी मातृभाषा तमिल को लेकर बोले दक्षिण भारतीय अभिनेता धनुष: 'तमिल न आना गर्व नहीं, शर्म की बात'

अभिनेता धनुष ने मातृभाषा तमिल के प्रति घटते जुड़ाव पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि तमिल न आना गर्व की बात नहीं बल्कि शर्म की बात है। जानिए पूरा मामला।

Aug 6, 2026 - 13:05
 0  1
अपनी मातृभाषा तमिल को लेकर बोले दक्षिण भारतीय अभिनेता धनुष: 'तमिल न आना गर्व नहीं, शर्म की बात'
अभिनेता धनुष
  • मातृभाषा पर अभिनेता धनुष का बड़ा बयान, कहा- तमिल न आने पर शर्मिंदगी होनी चाहिए, गर्व नहीं
  • 'तमिल न आना कोई गर्व की बात नहीं, शर्म की बात है'... जानिए अभिनेता धनुष ने क्यों कही यह बात
  • मातृभाषा तमिल पर बोले अभिनेता धनुष: तमिल न जानना गर्व नहीं, शर्म की बात है

दक्षिण भारतीय फिल्मों के प्रमुख और बहुचर्चित अभिनेता धनुष ने मातृभाषा और क्षेत्रीय पहचान को लेकर एक बड़ा और विचारणीय बयान दिया है। एक हालिया सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु में संवाद करते हुए धनुष ने इस बात पर जोर दिया कि अपनी मातृभाषा तमिल न जान पाना कोई गर्व की बात नहीं है, बल्कि यह बेहद शर्मिंदगी भरा विषय है। वर्तमान समय में युवा पीढ़ी के बीच अपनी ही भाषा से दूर होने की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अभिनेता ने यह प्रतिक्रिया दी। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और सिनेमा प्रेमियों के बीच मातृभाषा के संरक्षण और सम्मान को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। अब इस मुद्दे पर फिल्म जगत और समाज के अन्य वर्गों से मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

मशहूर तमिल और पैन-इंडिया अभिनेता धनुष ने एक सांस्कृतिक व सार्वजनिक मंच से अपनी मातृभाषा तमिल के प्रति घटते जुड़ाव को लेकर बेहद मुखर अंदाज में विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में कई लोग यह कहने में हिचकिचाहट महसूस नहीं करते कि उन्हें अपनी मातृभाषा ठीक से बोलनी या लिखनी नहीं आती।

धनुष के अनुसार, अपनी ही मातृभाषा के ज्ञान के अभाव को शान या आधुनिकता का प्रतीक मानना पूरी तरह से गलत मानसिकता है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि "यह कहना कि मुझे तमिल ठीक से नहीं आती, कोई गर्व की बात नहीं है, यह तो शर्म की बात है।" उनके इस तीखे और भावुक वक्तव्य ने न केवल वहां मौजूद प्रशंसकों को सोचने पर मजबूर कर दिया, बल्कि डिजिटल माध्यमों पर भी यह बयान तेजी से वायरल हो गया।

यह पूरा मामला एक फिल्म आयोजन और सार्वजनिक संवाद कार्यक्रम से सामने आया, जहां धनुष युवाओं और अपने प्रशंसकों को संबोधित कर रहे थे। बातचीत के दौरान भाषा के महत्व और युवाओं के रुझान पर चर्चा छिड़ गई। आधुनिक शिक्षा प्रणाली और वैश्विक संस्कृति के प्रभाव में अक्सर देखा जाता है कि कई युवा अपनी क्षेत्रीय भाषाओं की जगह अन्य भाषाओं को तरजीह देते हैं और मातृभाषा न आने पर सहज महसूस करते हैं।

इसी प्रवृत्ति को रेखांकित करते हुए धनुष ने कहा कि वैश्विक और अन्य भाषाओं को सीखना निश्चित रूप से अच्छी बात है, लेकिन अपनी मूल भाषा और संस्कृति से दूरी बनाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि तमिल एक अति प्राचीन, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से सशक्त भाषा है। ऐसे में यदि तमिलनाडु या तमिल पृष्ठभूमि से आने वाला कोई व्यक्ति यह कहता है कि उसे अपनी ही भाषा का ज्ञान सही ढंग से नहीं है, तो उसे इस बात का अहसास होना चाहिए कि यह गर्व करने लायक बात बिल्कुल नहीं है।

धनुष के इस बयान के सामने आने के बाद कला, साहित्य और मनोरंजन जगत में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। उनके प्रशंसकों और कई वरिष्ठ तमिल साहित्यकारों ने धनुष के इस साहसिक रुख की खुलकर प्रशंसा की है। प्रशंसकों का मानना है कि धनुष जैसे बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय सितारे द्वारा मातृभाषा के समर्थन में आवाज उठाना युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने में एक उत्प्रेरक का काम करेगा।

दूसरी ओर, कुछ समाजशास्त्रियों और आलोचकों का मानना है कि वैश्वीकरण के दौर में शिक्षा और रोजगार के चलते कई बार लोग अपनी मातृभाषा में पूरी तरह निपुण नहीं हो पाते। हालांकि, अधिकांश लोगों ने धनुष की मूल भावना का समर्थन किया है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी मातृभाषा न जानने पर अहंकार या गर्व का अहसास नहीं होना चाहिए, बल्कि अपनी भाषा सीखने का प्रयास जारी रखना चाहिए।

धनुष के इस बयान से क्षेत्रीय भाषाओं की अस्मिता और संरक्षण को लेकर चल रही बहसों को एक नई ऊर्जा मिली है। भारतीय सिनेमा में जहां भाषाओं का दायरा सिमट रहा है और पैन-इंडिया फिल्मों का दौर चल रहा है, वहां एक शीर्ष अभिनेता द्वारा अपनी मातृभाषा का सम्मान करने का संदेश देना काफी प्रभावशाली माना जा रहा है।

इस घटना का असर विशेष रूप से युवा पीढ़ी पर पड़ने की उम्मीद है, जो अक्सर आधुनिक जीवनशैली के प्रभाव में अपनी भाषाई जड़ों से कटती जा रही है। सोशल मीडिया पर धनुष के इस बयान के समर्थन में कई अभियान और हैशटैग भी ट्रेंड करने लगे हैं, जहां लोग अपनी-अपनी मातृभाषाओं के प्रति सम्मान प्रकट कर रहे हैं।

इस बयान के बाद आने वाले दिनों में तमिल भाषा और संस्कृति से जुड़े संगठनों द्वारा इस तरह के जागरूकता अभियानों को और बढ़ावा दिए जाने की संभावना है। मनोरंजन जगत के अन्य प्रमुख कलाकार भी अब मातृभाषा के संवर्धन और संरक्षण को लेकर अपनी राय सामने रख सकते हैं।

धनुष का यह वक्तव्य केवल एक बयान तक सीमित न रहकर समाज में अपनी भाषाओं के सम्मान और शिक्षा प्रणाली में क्षेत्रीय भाषाओं के महत्व को लेकर एक व्यापक विमर्श का आधार बन गया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म उद्योग इस संदेश को अपने माध्यम से किस तरह आगे बढ़ाता है।

Also Read- Sanjay Dutt Madhuri Dixit Relationship: जर्नलिस्ट ज्योति वेंकटेश का बड़ा खुलासा, बताया क्यों अलग हुए थे संजय और माधुरी?

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow