Fact Check: इंदौर में 23 सितंबर को पेट्रोल पंपों पर UPI पेमेंट बंद होने का दावा निकला फर्जी, इंडियन ऑयल ने जारी किया स्पष्टीकरण
इंदौर में 23 सितंबर को पेट्रोल पंपों पर यूपीआई पेमेंट बंद होने का दावा पूरी तरह फर्जी है। इंडियन ऑयल ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल भुगतान पहले की तरह जारी रहेगा।

मध्य प्रदेश के व्यावसायिक केंद्र इंदौर में पेट्रोल पंपों पर डिजिटल भुगतान बंद होने को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल रहे एक संदेश ने आम वाहन चालकों और व्यापारियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी। वायरल पोस्ट में यह दावा किया गया था कि 23 सितंबर को इंदौर के सभी पेट्रोल पंपों पर यूपीआई (UPI) के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा और ग्राहकों को केवल नकद राशि (कैश) में ही ईंधन खरीदना होगा।
इस भ्रामक दावे के व्यापक प्रसार के बाद देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने औपचारिक रुख साफ करते हुए इस संदेश को पूरी तरह निराधार और फर्जी करार दिया है। तेल कंपनी ने स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया है कि सभी ईंधन स्टेशनों पर एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) सहित सभी प्रकार के डिजिटल लेनदेन पहले की तरह सुचारू रूप से चालू रहेंगे और किसी भी स्तर पर यूपीआई बंद करने का कोई आदेश या निर्णय नहीं लिया गया है।
सोशल मीडिया पर क्या दावा किया जा रहा था?
पिछले 24 से 48 घंटों के दौरान वॉट्सऐप ग्रुप्स, फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक टेक्स्ट मैसेज और पोस्टर जमकर साझा किया जाने लगा। इसमें स्थानीय पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के नाम का कथित हवाला देकर यह बात फैलाई गई कि नेटवर्क विफलता, बैंकों के सर्वर चार्ज या लेन-देन में देरी का विरोध करने के लिए 23 सितंबर को शहरभर के पेट्रोल पंप संचालक यूपीआई से लेन-देन नहीं करेंगे।
मैसेज में लोगों को सलाह दी गई थी कि वे 23 सितंबर को ईंधन भरवाने जाने से पहले पर्याप्त नकदी अपने साथ रखें, अन्यथा उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। चूंकि आज के समय में अधिकांश दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक जेब में नकदी रखने के बजाय मोबाइल ऐप के जरिए क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान करने पर निर्भर हैं, इसलिए इस मैसेज ने शहर के उपभोक्ताओं में बड़ी चिंता खड़ी कर दी थी।
इंडियन ऑयल की त्वरित सफाई और स्थिति स्पष्टीकरण
वायरल हो रहे मैसेज की गंभीरता को देखते हुए पेट्रोलियम विपणन से जुड़े अधिकारियों और इंडियन ऑयल प्रबंधन ने तत्काल संज्ञान लिया। कंपनी के आधिकारिक माध्यमों द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि सोशल मीडिया पर 23 सितंबर को यूपीआई सेवा बंद रहने से संबंधित जो भी संदेश प्रसारित हो रहे हैं, वे पूरी तरह तथ्यहीन और मनगढ़ंत हैं।
कंपनी ने दोहराया कि केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय के 'डिजिटल इंडिया' अभियान के अंतर्गत ग्राहकों को कैशलेस भुगतान की सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पेट्रोल पंपों पर न केवल यूपीआई, बल्कि डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और मोबाइल वॉलेट के माध्यम से भी निर्बाध लेन-देन की व्यवस्था 24 घंटे उपलब्ध है। डीलरों को किसी भी प्रकार के डिजिटल भुगतान को अस्वीकार करने का कोई अधिकार नहीं है और न ही डीलर्स की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक आह्वान किया गया है।
पेट्रोल पंप डीलर्स की स्थिति और व्यवस्था
इंदौर शहर और आसपास के इलाकों में संचालित पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी स्पष्ट किया है कि उनकी तरफ से यूपीआई लेन-देन रोकने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आधुनिक खुदरा ईंधन व्यवस्था में 70 से 80 प्रतिशत ग्राहक प्रतिदिन यूपीआई के माध्यम से ही भुगतान करते हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान बंद करना स्वयं पंप संचालकों के व्यावसायिक हित और ग्राहकों की सुविधा दोनों के विपरीत है।
डीलरों के अनुसार, कभी-कभार किसी विशिष्ट पंप पर स्थानीय टेलीकॉम नेटवर्क या संबंधित बैंक के सर्वर में क्षणिक तकनीकी खराबी आ सकती है, लेकिन इसे शहरव्यापी हड़ताल या सुनियोजित बहिष्कार का रूप देना पूरी तरह शरारतपूर्ण कृत्य है। 23 सितंबर को भी सामान्य दिनों की तरह ही पेट्रोल पंपों पर सभी डिजिटल मोड काम करते रहेंगे।
अफवाहों की रोकथाम और उपभोक्ताओं के लिए दिशा-निर्देश
डिजिटल युग में वित्तीय लेन-देन और आवश्यक सेवाओं से जुड़ी अपुष्ट सूचनाएं तेजी से वायरल होकर अनावश्यक अफरा-तफरी का कारण बन जाती हैं। इस प्रकार की भ्रामक पोस्ट्स से बचने के लिए उपभोक्ताओं को कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता है:
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आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें: किसी भी सेवा के बंद होने या नियमों में बदलाव की सूचना केवल संबंधित सरकारी विभाग, पेट्रोलियम मंत्रालय या तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और वेबसाइट से ही प्रमाणित मानें।
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संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें: अक्सर ऐसी वायरल पोस्ट्स के साथ कमेंट बॉक्स या बायो में अज्ञात लिंक जोड़ दिए जाते हैं। ऐसे क्लिक-बेट लिंक साइबर धोखाधड़ी या मैलवेयर का जरिया हो सकते हैं।
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बिना सत्यापन आगे साझा न करें: किसी भी वॉट्सऐप फॉरवर्ड को तब तक अपने संपर्कों या सोशल ग्रुप्स में शेयर न करें जब तक कि मुख्यधारा के प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों द्वारा उसकी पुष्टि न की गई हो।
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शिकायत दर्ज कराने का अधिकार: यदि किसी पेट्रोल पंप पर कोई कर्मचारी या संचालक जानबूझकर यूपीआई भुगतान लेने से मना करता है, तो ग्राहक तेल कंपनी के कस्टमर केयर नंबर या संबंधित तेल कंपनी के टोल-फ्री शिकायत पोर्टल पर तुरंत डीलर कोड के साथ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इस पूरे प्रकरण के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया है कि इंदौर के नागरिकों को 23 सितंबर के लिए नकदी जुटाने या चिंतित होने की कोई आवश्यकता नहीं है। ईंधन पंपों पर डिजिटल व्यवस्था पूर्ववत सामान्य रहेगी।
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