Trending: पति की हत्या कर प्रेमी संग दो दिन लाश लेकर घूमती रही पत्नी, जंगल में फेंका शव।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया, बल्कि समाज....
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया, बल्कि समाज में रिश्तों की पवित्रता पर भी सवाल खड़े कर दिए। एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की निर्मम हत्या कर दी और फिर उसकी लाश को कार में रखकर दो दिन तक उत्तराखंड की सड़कों पर घूमती रही। इसके बाद शव को कोटद्वार के जंगलों में फेंक दिया। पुलिस ने इस जघन्य अपराध का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह दिल दहलाने वाली कहानी तब शुरू हुई, जब उत्तराखंड के कोटद्वार जंगल में एक लावारिस शव मिला। स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे पड़े इस शव की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और उसकी पहचान के लिए जांच शुरू की। शुरुआती जांच में शव की पहचान दिल्ली के वसंत कुंज निवासी 56 वर्षीय रविंद्र कुमार के रूप में हुई, जो मूल रूप से उत्तराखंड के डोईवाला के रहने वाले थे। रविंद्र का मुरादाबाद के रामगंगा विहार कॉलोनी में एक आलीशान मकान था, जिसकी कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस को शव के पास कोई ठोस सुराग नहीं मिला, लेकिन रविंद्र के भाई राजेश ने कोटद्वार थाने में तहरीर देकर कुछ अहम जानकारी दी। राजेश ने बताया कि रविंद्र की दूसरी पत्नी रीना सिंधु के साथ उनके रिश्ते तनावपूर्ण थे। रविंद्र इस मकान को बेचना चाहते थे, लेकिन रीना इसके खिलाफ थी। इसके अलावा, रीना ने परिवार को बताया था कि रविंद्र 18 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में गिरफ्तारी के डर से मई से लापता थे। इस जानकारी ने पुलिस का शक रीना की ओर मोड़ दिया।
- साजिश का खुलासा
पुलिस ने रीना से सख्ती से पूछताछ शुरू की। शुरुआत में रीना ने खुद को बेकसूर बताया, लेकिन जब पुलिस ने उनके फोन रिकॉर्ड और गतिविधियों की जांच की, तो सारी साजिश की परतें खुलने लगीं। रीना ने आखिरकार अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि उसने अपने प्रेमी परितोष कुमार के साथ मिलकर रविंद्र की हत्या की थी। परितोष बिजनौर के नगीना थाना क्षेत्र के सराय पुरैनी गांव का रहने वाला 33 वर्षीय युवक है। रीना मुरादाबाद में अपने मकान में फिजियोथेरेपी सेंटर चलाती थी, जहां परितोष एक मरीज के रूप में आया था। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और अवैध संबंध स्थापित हो गए। रीना ने परितोष को अपना मुंहबोला भाई बताकर रविंद्र से मिलवाया था, जिससे रविंद्र को कोई शक न हो। लेकिन जब रविंद्र ने मकान बेचने की बात की, तो रीना और परितोष ने उसे रास्ते से हटाने की ठान ली।
- हत्या की खौफनाक योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि रीना और परितोष ने हत्या की साजिश को बहुत सोच-समझकर अंजाम दिया। 31 मई को रीना ने रविंद्र को बिजनौर में परितोष के घर बुलाया। वहां दोनों ने पहले रविंद्र को शराब पिलाई, ताकि वह होश खो दे। इसके बाद परितोष ने फावड़े से रविंद्र के गले पर वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को एक एसयूवी कार में डाला और उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई। हैरानी की बात यह है कि रीना और परितोष शव को कार में रखकर दो दिन तक उत्तराखंड की सड़कों पर घूमते रहे। इस दौरान उन्होंने शव को छिपाने के लिए कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई। आखिरकार, उन्होंने कोटद्वार के जंगलों में एक सुनसान जगह देखकर शव को फेंक दिया। पुलिस को यह भी पता चला कि हत्या के बाद रीना और परितोष ने अपने मकान में पार्टी भी की थी, जो उनके बंगले के पास रहने वाली एक महिला ने देखा था। इस महिला ने पुलिस को बताया कि रीना के बंगले में अक्सर बड़े और नामी लोग आते थे, जिससे इलाके में उनकी गतिविधियों पर पहले से ही शक था।
- प्रॉपर्टी विवाद और कर्ज का बोझ
जांच में यह भी सामने आया कि रविंद्र और रीना के बीच प्रॉपर्टी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविंद्र ने दिल्ली में अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर मुरादाबाद में यह आलीशान मकान खरीदा था। लेकिन समय के साथ उन पर कर्ज का बोझ बढ़ता गया। कई चेक बाउंस के मामले भी सामने आए थे, जिसके कारण रविंद्र मकान बेचकर कर्ज चुकाना चाहते थे। दूसरी ओर, रीना इस मकान को अपने कब्जे में रखना चाहती थी, क्योंकि वह इसमें अपना फिजियोथेरेपी सेंटर चला रही थी। रीना और रविंद्र की शादी 2011 में हुई थी। रविंद्र की यह दूसरी शादी थी। उनकी पहली पत्नी आशा देवी से 2007 में अनबन हो गई थी, जिसके बाद वे हरिद्वार चले गए थे। वहां उनकी मुलाकात रीना से हुई और दोनों ने शादी कर ली। रीना और रविंद्र के दो बच्चे भी हैं, जिनमें एक 11 वर्षीय बेटी है। पड़ोसियों ने बताया कि रीना और रविंद्र अक्सर डोईवाला में किराए के मकान में रहते थे, जहां परितोष का आना-जाना शुरू हुआ था।
कोटद्वार पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 दिनों की मेहनत के बाद हत्याकांड का खुलासा किया। रीना और परितोष को मुरादाबाद और बिजनौर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल फावड़ा और कार भी बरामद कर ली। दोनों आरोपियों को कोटद्वार कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस साजिश में कोई और व्यक्ति शामिल तो नहीं था। इस घटना ने एक बार फिर पति-पत्नी के रिश्ते पर सवाल उठाए हैं। रीना की इस हरकत ने समाज में रिश्तों की पवित्रता को कलंकित किया है। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में सोनम रघुवंशी और मुस्कान रस्तोगी जैसी महिलाओं के मामले सामने आए थे, जिन्होंने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। रीना का मामला इनसे भी एक कदम आगे निकल गया, क्योंकि उसने न केवल हत्या की, बल्कि शव को दो दिन तक कार में रखकर घूमने की हिम्मत भी दिखाई। यह घटना प्रॉपर्टी के लालच और अवैध संबंधों की उस मानसिकता को दर्शाती है, जो रिश्तों को नष्ट कर रही है। रविंद्र के परिवार में इस घटना के बाद कोहराम मचा हुआ है। उनकी बेटी और अन्य परिजन इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, समाज में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर रिश्तों का यह पतन क्यों हो रहा है और इसे रोकने के लिए क्या किया जाए।
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