लखनऊ के आशियाना में बेटे ने पिता की राइफल से हत्या कर शव के टुकड़े किए।

लखनऊ के आशियाना इलाके में एक बेहद क्रूर और सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसमें 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह

Feb 25, 2026 - 12:13
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लखनऊ के आशियाना में बेटे ने पिता की राइफल से हत्या कर शव के टुकड़े किए।
लखनऊ के आशियाना में बेटे ने पिता की राइफल से हत्या कर शव के टुकड़े किए।
  • चार दिनों तक बहन को कमरे में बंद रखा, धमकी देकर चुप कराया
  • पुलिस ने 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जांच में खौफनाक खुलासे

लखनऊ के आशियाना इलाके में एक बेहद क्रूर और सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसमें 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की लाइसेंसी राइफल से हत्या कर दी और फिर शव के छोटे-छोटे टुकड़े करके ठिकाने लगाने की कोशिश की। यह घटना 20 फरवरी 2026 की सुबह करीब साढ़े चार बजे हुई, जब पिता-पुत्र के बीच नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर तीखी बहस हुई। मानवेंद्र सिंह एक पैथोलॉजी लैब चलाते थे और चाहते थे कि उनका बेटा डॉक्टर बने, लेकिन अक्षत बिजनेस करने पर अड़ा हुआ था। बहस के दौरान मानवेंद्र ने गुस्से में आकर लाइसेंसी राइफल अक्षत की ओर तान दी। अक्षत ने राइफल छीनने की कोशिश की, जिस दौरान गोली चल गई और मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि अक्षत ने हत्या के बाद चार दिनों तक अपनी छोटी बहन कृति को कमरे में बंद रखा और धमकी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसे भी मार डालेगा।

हत्या के बाद अक्षत ने शव को टुकड़ों में काटने की कोशिश की ताकि सबूत मिटाए जा सकें। उसने शव के छोटे-छोटे हिस्सों को अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। इस दौरान उसने अपनी बहन कृति को कमरे में बंद रखा और दरवाजा बाहर से ताला लगा दिया। कृति ने चार दिनों तक किसी को कुछ नहीं बताया क्योंकि उसे भय था कि अक्षत उसकी भी हत्या कर देगा। 24 फरवरी को जब रिश्तेदारों ने घर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया तो कृति बाहर निकली और रिश्तेदारों के गले लगकर जोर-जोर से रोने लगी। उसने पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिवार ने तुरंत आशियाना थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और अक्षत को घर से ही गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में अक्षत ने हत्या की बात स्वीकार की लेकिन कहा कि गोली अनजाने में चली। उसने दावा किया कि पिता ने खुद राइफल तान दी थी और छीनने के दौरान हादसा हो गया। लेकिन पुलिस को शक हुआ क्योंकि शव के टुकड़े करने की कोशिश और बहन को बंद करके रखने से साफ था कि यह सोची-समझी साजिश थी। जांच में पता चला कि अक्षत पहले से ही पिता से झगड़ता रहता था और उन्हें डॉक्टर बनने के दबाव से परेशान था। वह बिजनेस करना चाहता था लेकिन पिता हर बार मना करते थे। हत्या के बाद अक्षत ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की ताकि पुलिस को शक न हो। उसने घर में मौजूद औजारों से शव के हिस्से अलग किए और प्लास्टिक बैग में पैक करने की तैयारी की थी।

कृति की गवाही ने मामले को और गंभीर बना दिया। उसने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद अक्षत ने उसे कमरे में बंद कर दिया और कहा कि अगर उसने किसी को बताया तो उसकी भी हत्या कर दी जाएगी। कृति ने चार दिनों तक डर के मारे चुप रहना पसंद किया। जब रिश्तेदार आए और दरवाजा खुलवाया तो वह रोते हुए बाहर निकली और पूरी घटना बता दी। पुलिस ने कृति का मेडिकल परीक्षण कराया और उसके बयान को मजबूत सबूत के रूप में दर्ज किया। अक्षत को हत्या, सबूत मिटाने की कोशिश और बहन को गैरकानूनी रूप से बंद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने राइफल, खून से सने कपड़े और अन्य सबूत जब्त किए हैं।

यह घटना लखनऊ में परिवार में बढ़ते तनाव और बच्चों पर करियर के दबाव को दर्शाती है। मानवेंद्र सिंह चाहते थे कि बेटा डॉक्टर बने और पैथोलॉजी लैब का काम आगे बढ़ाए। लेकिन अक्षत की अपनी इच्छा थी कि वह बिजनेस करे। इस बात पर बार-बार झगड़े होते थे। हत्या के दिन भी इसी मुद्दे पर बहस हुई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। अक्षत ने पुलिस को बताया कि पिता ने राइफल तान दी थी लेकिन पुलिस को शक है कि यह बहाना है। शव के टुकड़े करने की कोशिश और बहन को बंद करके रखने से साफ है कि अक्षत ने सोच-समझकर यह कदम उठाया। पुलिस ने कहा कि जांच में और भी खुलासे हो सकते हैं।

मामले की जानकारी मिलते ही इलाके में सदमा और आक्रोश फैल गया। पड़ोसी और रिश्तेदारों ने कहा कि परिवार में पहले भी झगड़े होते थे लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि बात इतनी भयावह रूप ले लेगी। पुलिस ने अक्षत को कोर्ट में पेश किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कृति को परिवार के अन्य सदस्यों की देखभाल में रखा गया है। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इस घटना ने समाज में करियर के दबाव और परिवार में संवाद की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अक्षत प्रताप सिंह को पुलिस ने घर से ही गिरफ्तार किया और पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार की। लेकिन उसने इसे हादसा बताया। पुलिस ने सबूतों के आधार पर इसे सुनियोजित हत्या माना है। शव के टुकड़े करने की कोशिश से साफ है कि अक्षत सबूत मिटाना चाहता था। बहन कृति की गवाही ने मामले को और मजबूत किया। पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और अगर कोई और सबूत मिलता है तो आरोप और बढ़ाए जा सकते हैं। यह घटना लखनऊ में परिवारों के लिए सबक बन गई है कि बच्चों पर करियर का दबाव न डालें और बातचीत से समस्याएं सुलझाएं।

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