गूगल पे ने लॉन्च किया 'पॉकेट मनी' फीचर, अब बच्चे करेंगे पेमेंट और कंट्रोल होगा आपके हाथ में, डिजिटल पॉकेट मनी का नया दौर शुरू।

डिजिटल भुगतान की दुनिया में एक क्रांतिकारी बदलाव लाते हुए गूगल पे (Google Pay) ने अपना नया 'पॉकेट मनी' (Pocket Money) फीचर

Apr 11, 2026 - 12:25
 0  13
गूगल पे ने लॉन्च किया 'पॉकेट मनी' फीचर, अब बच्चे करेंगे पेमेंट और कंट्रोल होगा आपके हाथ में, डिजिटल पॉकेट मनी का नया दौर शुरू।
गूगल पे ने लॉन्च किया 'पॉकेट मनी' फीचर, अब बच्चे करेंगे पेमेंट और कंट्रोल होगा आपके हाथ में, डिजिटल पॉकेट मनी का नया दौर शुरू।
  • यूपीआई सर्कल (UPI Circle) की ताकत: बिना बैंक खाते के भी पेमेंट कर सकेंगे नाबालिग, अभिभावकों को मिलेगी हर ट्रांजैक्शन की रियल-टाइम रिपोर्ट
  • सुरक्षित और स्मार्ट फाइनेंशियल लर्निंग: गूगल पे का नया फीचर सिखाएगा बच्चों को पैसों का सही प्रबंधन, माता-पिता की अनुमति के बिना नहीं कटेगा एक भी पैसा

डिजिटल भुगतान की दुनिया में एक क्रांतिकारी बदलाव लाते हुए गूगल पे (Google Pay) ने अपना नया 'पॉकेट मनी' (Pocket Money) फीचर लॉन्च कर दिया है। 9 अप्रैल 2026 को आधिकारिक रूप से पेश किया गया यह फीचर विशेष रूप से उन परिवारों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो अपने बच्चों को डिजिटल युग के साथ कदम मिलाकर चलना सिखाना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते। इस फीचर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब बच्चों को पेमेंट करने के लिए अपना खुद का बैंक खाता खोलने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने अभिभावकों के मौजूदा बैंक खाते से ही यूपीआई (UPI) भुगतान कर सकेंगे। गूगल का यह कदम न केवल युवाओं को वित्तीय साक्षरता प्रदान करेगा, बल्कि डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में एक बड़ा सुरक्षा कवच भी प्रदान करेगा। गूगल पे का यह नया फीचर 'यूपीआई सर्कल' (UPI Circle) के फ्रेमवर्क पर आधारित है, जिसे हाल ही में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा पेश किया गया था। इस फीचर के तहत, एक 'प्राइमरी यूजर' (जैसे पिता या माता) अपने गूगल पे अकाउंट से अधिकतम पांच 'सेकेंडरी यूजर्स' (जैसे बच्चे या घर के अन्य सदस्य) को जोड़ सकता है। इसके बाद सेकेंडरी यूजर अपने स्मार्टफोन में गूगल पे ऐप के जरिए सीधे पेमेंट कर सकेगा, लेकिन पैसा प्राइमरी यूजर के बैंक खाते से ही कटेगा। यह तकनीक उन बच्चों के लिए बेहद कारगर साबित होगी जो स्कूल, कॉलेज या बाहर ट्यूशन के दौरान छोटे-मोटे खर्चों के लिए नकदी पर निर्भर रहते थे।

अभिभावकों की चिंता को ध्यान में रखते हुए, गूगल ने इस फीचर में नियंत्रण के दो बहुत ही सशक्त विकल्प दिए हैं। पहले विकल्प के तहत, माता-पिता एक मासिक खर्च सीमा (Spending Limit) तय कर सकते हैं, जो अधिकतम ₹15,000 तक हो सकती है। इस सीमा के भीतर बच्चा बिना किसी अतिरिक्त अनुमति के भुगतान कर सकेगा, जो बिल्कुल एक 'प्रीपेड भत्ते' की तरह काम करेगा। वहीं, दूसरे विकल्प में 'एवरी ट्रांजैक्शन अप्रूवल' (Every Transaction Approval) मोड है। इस मोड में, बच्चा जब भी कोई पेमेंट शुरू करेगा, उसके माता-पिता के फोन पर एक रिक्वेस्ट आएगी। जब तक प्राइमरी यूजर उस पेमेंट को अपने फोन से अप्रूव नहीं करेगा, तब तक ट्रांजैक्शन पूरा नहीं होगा। डिजिटल धोखाधड़ी और दुरुपयोग को रोकने के लिए गूगल ने इस फीचर के साथ अनिवार्य केवाईसी (KYC) प्रक्रिया को जोड़ा है। सेकेंडरी यूजर को जोड़ने के लिए प्राइमरी यूजर को अपना संबंध प्रमाणित करना होगा और सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार) जमा करना होगा। इसके अलावा, 13 से 18 वर्ष के बीच के उपयोगकर्ताओं के लिए गूगल पे का एक विशेष सुरक्षित संस्करण उपलब्ध कराया गया है, जो उन्हें अनुचित सामग्री और विज्ञापनों से दूर रखता है।

इस फीचर का एक बड़ा उद्देश्य बच्चों में छोटी उम्र से ही जिम्मेदार वित्तीय आदतें विकसित करना है। गूगल पे ऐप के भीतर एक समर्पित डैशबोर्ड दिया गया है, जहाँ बच्चे और उनके माता-पिता दोनों देख सकते हैं कि पैसा कहाँ और कितना खर्च हो रहा है। यह पारदर्शिता बच्चों को बजट बनाने और पैसों की अहमियत समझने में मदद करती है। चूंकि यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल है, इसलिए अभिभावक किसी भी समय किसी भी सेकेंडरी यूजर की एक्सेस को ब्लॉक कर सकते हैं या उनकी लिमिट को कम-ज्यादा कर सकते हैं। यह तकनीक भविष्य में 'कैशलेस इकोनॉमी' की ओर बढ़ते भारत के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। सेटअप की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है ताकि तकनीकी रूप से कम दक्ष लोग भी इसका लाभ उठा सकें। प्राइमरी यूजर को अपने गूगल पे प्रोफाइल सेक्शन में जाकर 'UPI Circle' विकल्प चुनना होगा। वहां से वे अपने कॉन्टैक्ट्स में से किसी को भी सेकेंडरी यूजर के तौर पर जोड़ सकते हैं या उनके क्यूआर कोड को स्कैन करके लिंक कर सकते हैं। एक बार लिंक होने के बाद, सेकेंडरी यूजर के पास पेमेंट करने के अधिकार आ जाते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन कामकाजी अभिभावकों के लिए वरदान है जो अक्सर घर से बाहर रहते हैं और चाहते हैं कि उनके पीछे बच्चों को किसी भी जरूरी खर्च के लिए पैसों की किल्लत न हो।

Also Read- 185Hz डिस्प्ले और स्नैपड्रैगन 8 एलीट चिपसेट से लैस होगा यह स्मार्टफोन, गेमर्स के लिए बनेगा पहली पसंद

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow