हैदराबाद में फर्जी चालान SMS ठगी- एक क्लिक पर उड़ गए 6 लाख रुपये, पुलिस ने जारी किया अलर्ट
हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने इस घटना की जानकारी साझा की और नागरिकों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस या परिवहन विभाग कभी भी एसएमएस
हैदराबाद में एक निवासी साइबर ठगी का शिकार हो गया, जब उसे एक फर्जी ट्रैफिक चालान का एसएमएस प्राप्त हुआ। इस एसएमएस में 500 रुपये के जुर्माने का भुगतान करने के लिए एक लिंक दिया गया था। पीड़ित ने इस लिंक पर क्लिक किया और वेबसाइट पर जाकर भुगतान की प्रक्रिया शुरू की। वेबसाइट आधिकारिक पुलिस पोर्टल जैसी दिख रही थी। भुगतान विवरण भरते समय फ्रॉडस्टर्स ने उसके क्रेडिट कार्ड से अनधिकृत अंतरराष्ट्रीय लेनदेन कर 6,900 यूरो (लगभग 6 लाख रुपये) निकाल लिए। यह घटना दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में सामने आई। एसएमएस में दावा किया गया था कि पीड़ित के वाहन पर ट्रैफिक उल्लंघन के लिए चालान कटा है। लिंक क्लिक करने के बाद वेबसाइट पर वाहन पंजीकरण संख्या डालने के बाद चालान राशि दिखाई गई। पीड़ित ने भुगतान करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही पलों में उसके क्रेडिट कार्ड से बड़ी रकम कट गई। फ्रॉडस्टर्स ने फोन हैक कर अनधिकृत ट्रांजैक्शन किए।
हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने इस घटना की जानकारी साझा की और नागरिकों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस या परिवहन विभाग कभी भी एसएमएस के माध्यम से भुगतान लिंक नहीं भेजते। नागरिकों को चालान की जांच और भुगतान केवल आधिकारिक वेबसाइट्स जैसे echallan.parivahan.gov.in या संबंधित राज्य ट्रैफिक पुलिस पोर्टल के माध्यम से करना चाहिए। पुलिस ने बताया कि फ्रॉडस्टर्स अत्यधिक विश्वसनीय दिखने वाली फर्जी वेबसाइट्स का उपयोग कर रहे हैं, जो सरकारी पोर्टल्स की नकल करती हैं। एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से ऐसे लिंक भेजे जाते हैं, जो तुरंत भुगतान की मांग करते हैं। क्लिक करने पर कार्ड डिटेल्स चोरी हो जाती हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन संभव हो जाते हैं।
इस तरह की ठगी में पीड़ितों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। मोबाइल डेटा या वाई-फाई बंद करें, बैंक से संपर्क कर कार्ड ब्लॉक करें या ट्रांजैक्शन रोकें। साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। निकटतम साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भी रिपोर्ट की जा सकती है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने कहा कि ऐसे फर्जी एसएमएस ट्रैफिक उल्लंघन के नाम पर वाहन मालिकों को निशाना बनाते हैं। सरकार के विभाग व्यक्तिगत मैसेज या व्हाट्सएप से भुगतान लिंक नहीं भेजते। नागरिकों को संदिग्ध या अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। पुलिस ने सलाह दी कि चालान की पुष्टि के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों का उपयोग करें। कोई भी ओटीपी, यूपीआई पिन, डेबिट/क्रेडिट कार्ड डिटेल्स या व्यक्तिगत जानकारी अनवेरिफाइड वेबसाइट्स पर न शेयर करें। ऐप्स केवल गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से इंस्टॉल करें। मोबाइल फोन को नवीनतम सुरक्षा पैच और एंटीवायरस सॉफ्टवेयर से अपडेट रखें।
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