ऑटो सेक्टर में बढ़ी तपिश: बीएमडब्ल्यू ने भी किया कीमतों में इजाफे का ऐलान, 1 अप्रैल से महंगी होंगी लग्जरी कारें
इस बढ़ोतरी का असर बीएमडब्ल्यू के उन मॉडलों पर सबसे अधिक दिखेगा जो भारत में काफी लोकप्रिय हैं। इनमें स्थानीय रूप से निर्मित बीएमडब्ल्यू 2 सीरीज ग्रैन कूप, 3 सीरीज लॉन्ग व्हीलबेस, 5 सीरीज, 7 सीरीज
- डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने बिगाड़ा बजट: ऑडी और मर्सिडीज के बाद बीएमडब्ल्यू ने बढ़ाई 2% तक कीमतें
- नए वित्त वर्ष से प्रीमियम गाड़ियों पर महंगाई की मार: लग्जरी सेगमेंट में 'जर्मन तिकड़ी' ने कड़े किए तेवर, जेब पर पड़ेगा भारी बोझ
देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में नए वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले हलचल तेज हो गई है। ऑडी और मर्सिडीज-बेंज जैसी दिग्गज कंपनियों द्वारा अपनी गाड़ियों के दाम बढ़ाने की घोषणा के ठीक बाद, अब एक और बड़ी लग्जरी कार निर्माता कंपनी बीएमडब्ल्यू (BMW) ने भी इस दौड़ में शामिल होने का फैसला किया है। बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह 1 अप्रैल 2026 से अपनी पूरी रेंज की कीमतों में 2% तक की बढ़ोतरी करने जा रहा है। कंपनी का यह फैसला न केवल बीएमडब्ल्यू ब्रांड की कारों पर लागू होगा, बल्कि इसके तहत आने वाले प्रीमियम ब्रांड 'मिनी' (MINI) की गाड़ियों की कीमतें भी बढ़ जाएंगी। मार्च के आखिरी सप्ताह में आई इस खबर ने उन ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है जो होली के बाद नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे थे।
बीएमडब्ल्यू इंडिया के इस कदम के पीछे मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा दरों में होने वाला उतार-चढ़ाव और रुपये का अवमूल्यन बताया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर और यूरो के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे आयातित घटकों (imported components) की लागत में भारी इजाफा हुआ है। बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियां, जो भारत में अपनी गाड़ियों को असेंबल करती हैं, वे पुर्जों के लिए काफी हद तक वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भर रहती हैं। जब रुपया कमजोर होता है, तो इन पुर्जों को मंगाना महंगा हो जाता है, जिसका सीधा असर गाड़ी की अंतिम कीमत पर पड़ता है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह इस बढ़े हुए बोझ का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही थी, लेकिन अब इसे ग्राहकों के साथ साझा करना अनिवार्य हो गया है।
कीमतों में होने वाली यह वृद्धि केवल करेंसी फ्लक्चुएशन तक सीमित नहीं है। ऑटोमोबाइल उद्योग वर्तमान में बढ़ती लॉजिस्टिक लागत और कच्चे माल (जैसे स्टील, एल्यूमीनियम और कीमती धातुओं) की कीमतों में उछाल से भी जूझ रहा है। माल ढुलाई के भाड़े में बढ़ोतरी और बिजली की बढ़ती दरों ने उत्पादन प्रक्रिया को खर्चीला बना दिया है। बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष और सीईओ ने अपने बयान में कहा है कि कंपनी अपने परिचालन को टिकाऊ बनाए रखने और ग्राहकों को विश्व स्तरीय सेवा प्रदान करने के लिए यह 'प्राइस एडजस्टमेंट' कर रही है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल और उनके वेरिएंट के आधार पर अलग-अलग हो सकती है, लेकिन अधिकतम सीमा 2% तक रहने की उम्मीद है।
लग्जरी मार्केट का हाल: बीएमडब्ल्यू से पहले मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने भी अपनी कारों की कीमतों में 2% की वृद्धि की घोषणा की थी, जबकि ऑडी इंडिया ने भी समान प्रतिशत की बढ़ोतरी का रास्ता चुना है। मर्सिडीज-बेंज के प्रबंध निदेशक ने पहले ही संकेत दिया था कि विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें हर तिमाही कीमतों की समीक्षा करनी पड़ सकती है। इस 'जर्मन ट्रायो' (German Trio) के इस संयुक्त फैसले से प्रीमियम कार बाजार में एक नया मूल्य ढांचा तैयार होगा।
इस बढ़ोतरी का असर बीएमडब्ल्यू के उन मॉडलों पर सबसे अधिक दिखेगा जो भारत में काफी लोकप्रिय हैं। इनमें स्थानीय रूप से निर्मित बीएमडब्ल्यू 2 सीरीज ग्रैन कूप, 3 सीरीज लॉन्ग व्हीलबेस, 5 सीरीज, 7 सीरीज और एक्स सीरीज (X1, X3, X5, X7) जैसे एसयूवी मॉडल शामिल हैं। इसके अलावा, जो गाड़ियां सीधे तौर पर विदेश से आयात (CBU) की जाती हैं, जैसे बीएमडब्ल्यू i7 और XM, उनकी कीमतों में भी महत्वपूर्ण उछाल देखने को मिल सकता है। मिनी ब्रांड के तहत आने वाले मिनी कूपर और कंट्रीमैन जैसे मॉडल्स भी अब पहले की तुलना में अधिक महंगे बिकेंगे। जानकारों का मानना है कि 2% की वृद्धि सुनने में भले ही कम लगे, लेकिन लग्जरी सेगमेंट में जहां गाड़ियों की कीमत करोड़ों में होती है, वहां यह राशि लाखों में पहुंच जाती है।
केवल लग्जरी सेगमेंट ही नहीं, बल्कि कमर्शियल और मास-मार्केट सेगमेंट में भी कीमतें बढ़ने का सिलसिला जारी है। उदाहरण के तौर पर, टाटा मोटर्स ने भी अपने कमर्शियल वाहनों (ट्रक और बसों) की कीमतों में 1.5% तक की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। ऑटो विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक व्यापक इंडस्ट्री ट्रेंड है जहां इनपुट कॉस्ट के दबाव को कम करने के लिए कंपनियां धीरे-धीरे कीमतें बढ़ा रही हैं। हालांकि, मारुति सुजुकी और हुंडई जैसी कंपनियों ने अप्रैल के लिए अभी तक किसी बड़े ऐलान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जिस तरह से कच्चे माल के दाम बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए यह संभावना बनी हुई है कि आने वाले हफ्तों में अन्य ब्रांड भी इसी रास्ते पर चल सकते हैं।
ग्राहकों के लिए अब 31 मार्च तक का समय काफी महत्वपूर्ण हो गया है। कई डीलरशिप्स ने ग्राहकों को पुरानी कीमतों पर बुकिंग लॉक करने के ऑफर देने शुरू कर दिए हैं। यदि आप बीएमडब्ल्यू या किसी अन्य लग्जरी ब्रांड की कार लेने का मन बना चुके हैं, तो 1 अप्रैल से पहले खरीदारी करना एक समझदारी भरा निर्णय हो सकता है। आमतौर पर वित्त वर्ष के अंत में कंपनियां और डीलर अपने टारगेट पूरे करने के लिए आकर्षक डिस्काउंट भी देते हैं, जो इस संभावित मूल्य वृद्धि के प्रभाव को कम कर सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतों में अस्थिरता के कारण भविष्य में कीमतों में और भी इजाफा देखा जा सकता है।
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