iPhone यूजर्स के लिए अलर्ट, ऐप्पल ने साइबर अटैक के खतरे से बचाव के लिए तुरंत अपडेट करने की सलाह दी।
ऐप्पल ने iPhone यूजर्स को एक गंभीर साइबर खतरे के बारे में चेतावनी जारी की है। कंपनी ने फरवरी 2026 में iOS 26.3 और संबंधित

- ऐप्पल की सख्त चेतावनी, iOS 26.3 अपडेट न करने पर साइबर हमले का खतरा, जीरो-डे वल्नरेबिलिटी का इस्तेमाल हो रहा
- iPhone पर तत्काल कार्रवाई जरूरी, ऐप्पल ने CVE-2026-20700 फ्लॉ की वजह से अपडेट का ऐलान किया, सॉफ्टवेयर अपडेट करें
ऐप्पल ने iPhone यूजर्स को एक गंभीर साइबर खतरे के बारे में चेतावनी जारी की है। कंपनी ने फरवरी 2026 में iOS 26.3 और संबंधित अपडेट्स रिलीज किए हैं जो कई सिक्योरिटी फ्लॉज को फिक्स करते हैं। इनमें से एक जीरो-डे वल्नरेबिलिटी पहले से ही असल हमलों में इस्तेमाल हो रही है। यह फ्लॉ CVE-2026-20700 के नाम से जाना जाता है और dyld नामक कंपोनेंट में मेमोरी करप्शन इश्यू है। dyld ऐप्पल के ऑपरेटिंग सिस्टम का एक कोर पार्ट है जो डायनामिक लाइब्रेरीज को लोड और लिंक करता है।
इस वल्नरेबिलिटी की वजह से अटैकर को मेमोरी राइट कैपेबिलिटी होने पर आर्बिट्रेरी कोड एक्जीक्यूट करने की सुविधा मिल सकती है। ऐप्पल ने अपनी सिक्योरिटी एडवाइजरी में कहा है कि कंपनी को रिपोर्ट मिली है कि यह इश्यू iOS 26 से पहले के वर्जन्स पर अत्यंत परिष्कृत हमलों में इस्तेमाल हुआ है। ये हमले स्पेसिफिक टारगेटेड इंडिविजुअल्स पर किए गए थे। ऐप्पल ने इस फ्लॉ को iOS 26.3, iPadOS 26.3, macOS Tahoe 26.3, tvOS 26.3, watchOS 26.3 और visionOS 26.3 में पैच किया है।
यह अपडेट कुल 39 सिक्योरिटी इश्यूज को एड्रेस करता है जिसमें CVE-2026-20700 एक्टिवली एक्सप्लॉइटेड है। ऐप्पल ने कन्फर्म किया है कि यह फ्लॉ पहले से ही वाइल्ड में एक्सप्लॉइट हो रहा था। यह हमले अत्यंत सोफिस्टिकेटेड थे और स्पेसिफिक टारगेट्स पर फोकस्ड थे। सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फ्लॉ स्पाइवेयर डिलीवरी के लिए एक्सप्लॉइट चेन का हिस्सा हो सकता है।
ऐप्पल ने यूजर्स को तुरंत अपडेट करने की सलाह दी है। अपडेट करने के लिए Settings > General > Software Update पर जाएं। यदि डिवाइस iOS 26.3 पर नहीं है तो अपडेट इंस्टॉल करें। यह अपडेट iPhone 11 और उसके बाद के मॉडल्स, iPad Pro (12.9-inch 3rd generation और बाद के), iPad Pro (11-inch 1st generation और बाद के), iPad Air 3rd generation और बाद के, iPad 8th generation और बाद के, iPad mini 5th generation और बाद के के लिए उपलब्ध है।
यह पहला जीरो-डे है जिसे 2026 में ऐप्पल ने एक्टिवली एक्सप्लॉइटेड बताया है। कंपनी ने पहले भी कई बार मर्सेनरी स्पाइवेयर अटैक्स के बारे में अलर्ट जारी किए हैं जो जीरो-क्लिक एक्सप्लॉइट्स का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे हमलों में यूजर को कोई लिंक क्लिक करने या कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती। यह फ्लॉ dyld में होने से ऐप लॉन्च के दौरान कोड एक्जीक्यूशन संभव हो सकता है।
साइबरसिक्योरिटी एजेंसियां जैसे CISA ने इस वल्नरेबिलिटी को Known Exploited Vulnerabilities कैटलॉग में ऐड किया है। यूजर्स को अपडेट न करने पर डिवाइस पर आर्बिट्रेरी कोड रन हो सकता है जिससे स्पाइवेयर इंस्टॉल हो सकता है या डेटा चोरी हो सकती है। ऐप्पल की एडवाइजरी में स्पष्ट है कि अपडेट इंस्टॉल करना जरूरी है ताकि डिवाइस सुरक्षित रहे।
यह अपडेट iOS 26 सीरीज का हिस्सा है जो पिछले वर्जन्स से कई सिक्योरिटी इंप्रूवमेंट्स लाता है। पहले के अपडेट्स जैसे iOS 26.2 में भी WebKit फ्लॉज पैच किए गए थे जो स्पाइवेयर से जुड़े थे। ऐप्पल नियमित रूप से ऐसे अपडेट्स जारी करती है जब एक्टिव एक्सप्लॉइट्स की जानकारी मिलती है। यूजर्स को सलाह है कि अपडेट्स को ऑटोमैटिकली इंस्टॉल करने का ऑप्शन ऑन रखें और नियमित चेक करें। यदि डिवाइस पुराना है तो भी उपलब्ध अपडेट इंस्टॉल करें। साइबर थ्रेट्स लगातार बढ़ रहे हैं इसलिए सॉफ्टवेयर अप टू डेट रखना महत्वपूर्ण है।
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