भारत में 7 जुलाई 2025 को पेट्रोल और डीजल की कीमतें- दिल्ली, लखनऊ, मुम्बई और अन्य शहरों में ताजा अपडेट।
Petrol prices News: भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें विभिन्न शहरों और राज्यों में स्थिर रहीं, जो पिछले कुछ महीनों की तुलना में मामूली बदलावों के साथ ...
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें विभिन्न शहरों और राज्यों में स्थिर रहीं, जो पिछले कुछ महीनों की तुलना में मामूली बदलावों के साथ सामने आईं। मार्च 2025 में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती के बाद, कीमतें ज्यादातर स्थिर बनी हुई हैं। यह कटौती आम चुनावों से पहले जनता को राहत देने के लिए की गई थी। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, आगरा, बरेली, मुम्बई, कोलकाता, पुणे, चेन्नई, तमिलनाडु, असम, और मध्य प्रदेश जैसे क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थानीय करों, परिवहन लागत, और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करती हैं।
- 7 जुलाई 2025 को पेट्रोल और डीजल की कीमतें
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर सुबह 6 बजे संशोधित होती हैं, जो 2017 से लागू गतिशील मूल्य निर्धारण नीति (Dynamic Fuel Pricing) का हिस्सा है। नीचे 7 जुलाई 2025 को प्रमुख शहरों और राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें दी गई हैं (प्रति लीटर रुपये में):
दिल्ली: पेट्रोल - ₹94.77, डीजल - ₹87.67
लखनऊ: पेट्रोल - ₹94.65, डीजल - ₹87.76
कानपुर: पेट्रोल - ₹94.70, डीजल - ₹87.81
आगरा: पेट्रोल - ₹94.80, डीजल - ₹87.90
बरेली: पेट्रोल - ₹94.68, डीजल - ₹87.79
मुम्बई: पेट्रोल - ₹103.50, डीजल - ₹90.03
कोलकाता: पेट्रोल - ₹104.95, डीजल - ₹91.76
पुणे: पेट्रोल - ₹103.80, डीजल - ₹90.20
चेन्नई: पेट्रोल - ₹100.82, डीजल - ₹92.39
तमिलनाडु (मदुरै): पेट्रोल - ₹101.50, डीजल - ₹92.90
असम (गुवाहाटी): पेट्रोल - ₹97.50, डीजल - ₹89.80
मध्य प्रदेश (भोपाल): पेट्रोल - ₹104.50, डीजल - ₹91.50
ये कीमतें विभिन्न स्रोतों से एकत्रित की गई हैं और स्थानीय मांग-आपूर्ति, राज्य वैट (VAT), और परिवहन लागत के आधार पर भिन्न हैं। उदाहरण के लिए, आंध्र प्रदेश में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक ₹110.34 प्रति लीटर है, जबकि दादरा और नगर हवेली में सबसे कम ₹92.51 प्रति लीटर है।
- कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं:
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें: भारत अपनी तेल आवश्यकताओं का लगभग 85% आयात करता है। ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे भारत में ईंधन की कीमतों को प्रभावित करता है। 7 जुलाई 2025 को ब्रेंट क्रूड की कीमत $85.54 प्रति बैरल थी, जो पिछले सत्र से 1.24% कम थी।
रुपये का मूल्य: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में कमी होने पर आयातित तेल की लागत बढ़ जाती है। हाल के महीनों में रुपये ने स्थिरता दिखाई है, जिसने कीमतों को स्थिर रखने में मदद की है।
राज्य और केंद्रीय कर: ईंधन पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क और राज्य वैट लगाया जाता है। वैट की दरें राज्यों में भिन्न होती हैं, जिसके कारण दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 है, जबकि मुम्बई में ₹103.50 है। ईंधन को जीएसटी के दायरे में नहीं लाया गया है, जिससे राज्य सरकारें अपनी वैट दरें तय करती हैं।
परिवहन और डीलर कमीशन: परिवहन लागत और डीलर मार्जिन भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। शहरी क्षेत्रों में मांग अधिक होने के कारण कीमतें भी अधिक होती हैं।
सरकारी नीतियां: मार्च 2025 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये की कटौती की थी, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना था। यह कटौती चुनावी मौसम से पहले की गई थी, जिसे कुछ लोग राजनीतिक कदम मानते हैं।
- शहरों और राज्यों में कीमतों का विश्लेषण
दिल्ली
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 और डीजल की कीमत ₹87.67 प्रति लीटर है। यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सबसे कम कीमतों में से एक है। दिल्ली में वैट की दर अन्य मेट्रो शहरों की तुलना में कम है, जिसके कारण यहां ईंधन सस्ता है।
- लखनऊ, कानपुर, आगरा, बरेली
उत्तर प्रदेश के इन शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग एक जैसी हैं। लखनऊ में पेट्रोल ₹94.65 और डीजल ₹87.76, कानपुर में पेट्रोल ₹94.70 और डीजल ₹87.81, आगरा में पेट्रोल ₹94.80 और डीजल ₹87.90, और बरेली में पेट्रोल ₹94.68 और डीजल ₹87.79 है। उत्तर प्रदेश में वैट की दर मध्यम स्तर की है, जिसके कारण कीमतें दिल्ली से थोड़ी अधिक लेकिन मुम्बई और कोलकाता से कम हैं।
मुम्बई
मुम्बई में पेट्रोल ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है। महाराष्ट्र में वैट की दर अधिक होने और परिवहन लागत के कारण मुम्बई में ईंधन की कीमतें अन्य मेट्रो शहरों से अधिक हैं।
कोलकाता
कोलकाता में पेट्रोल की कीमत ₹104.95 और डीजल ₹91.76 है। पश्चिम बंगाल में भी वैट की दर अधिक है, जिसके कारण कीमतें दिल्ली और चेन्नई की तुलना में अधिक हैं।
पुणे
पुणे में पेट्रोल ₹103.80 और डीजल ₹90.20 है। महाराष्ट्र के अन्य शहरों की तरह, पुणे में भी वैट और स्थानीय मांग के कारण कीमतें अधिक हैं।
चेन्नई और तमिलनाडु
चेन्नई में पेट्रोल ₹100.82 और डीजल ₹92.39 है, जबकि तमिलनाडु के मदुरै में पेट्रोल ₹101.50 और डीजल ₹92.90 है। तमिलनाडु में वैट की दर मध्यम है, जिसके कारण कीमतें मुम्बई और कोलकाता से कम लेकिन दिल्ली से अधिक हैं।
असम (गुवाहाटी)
असम में पेट्रोल ₹97.50 और डीजल ₹89.80 है। पूर्वोत्तर राज्यों में परिवहन लागत अधिक होने के बावजूद, सरकार की सब्सिडी के कारण कीमतें मध्यम स्तर पर हैं।
- मध्य प्रदेश (भोपाल)
मध्य प्रदेश में पेट्रोल ₹104.50 और डीजल ₹91.50 है। हाल ही में मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के काफिले की गाड़ियों में पानी मिला डीजल भरने की घटना ने सुर्खियां बटोरीं, जिसके बाद ईंधन की गुणवत्ता पर सवाल उठे। X पर लोगों ने ईंधन की कीमतों को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने कीमतों में कटौती की सराहना की, लेकिन कई ने कहा कि यह राहत अस्थायी है और चुनाव के बाद कीमतें फिर बढ़ सकती हैं। एक यूजर ने लिखा, “2 रुपये की कटौती से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। सरकार को वैट कम करके स्थायी राहत देनी चाहिए।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 है, लेकिन मुम्बई में ₹103.50। यह अंतर क्यों?”
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा कि अगर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें कम रहीं, तो तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और कटौती कर सकती हैं। हालांकि, वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता और रुपये की कीमत में उतार-चढ़ाव के कारण भविष्य की कीमतों का अनुमान लगाना मुश्किल है। भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रही है, जिससे भविष्य में पेट्रोल और डीजल की मांग कम हो सकती है। लेकिन भारत में दोपहिया वाहनों की भारी मांग और धीमी EV अपनाने की गति को देखते हुए, ईंधन की कीमतें अभी भी अर्थव्यवस्था और आम जनता के लिए महत्वपूर्ण हैं।
7 जुलाई 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहीं, जिसमें दिल्ली में सबसे कम और आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक कीमतें दर्ज की गईं। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, आगरा, और बरेली जैसे शहरों में कीमतें ₹94-95 के दायरे में रहीं, जबकि मुम्बई, कोलकाता, और भोपाल में ₹100 से ऊपर रहीं। ये कीमतें वैश्विक तेल बाजार, रुपये की कीमत, और स्थानीय करों पर निर्भर करती हैं। सरकार की हालिया कटौती ने जनता को राहत दी है, लेकिन दीर्घकालिक स्थिरता के लिए और कदम उठाने की जरूरत है।
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