16 जनवरी 2026- सोने-चांदी के भाव में हल्की गिरावट, जानिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत सभी प्रमुख शहरों के लेटेस्ट रेट्स।

सोना और चांदी हमेशा से भारतीय अर्थव्यवस्था और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण धातुएं रही हैं। 16 जनवरी 2026 को, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव

Jan 16, 2026 - 14:03
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16 जनवरी 2026- सोने-चांदी के भाव में हल्की गिरावट, जानिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत सभी प्रमुख शहरों के लेटेस्ट रेट्स।
16 जनवरी 2026- सोने-चांदी के भाव में हल्की गिरावट, जानिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत सभी प्रमुख शहरों के लेटेस्ट रेट्स।

सोना और चांदी हमेशा से भारतीय अर्थव्यवस्था और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण धातुएं रही हैं। 16 जनवरी 2026 को, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच, भारत के विभिन्न शहरों और राज्यों में इनकी कीमतों में मामूली बदलाव देखा गया। यह रिपोर्ट भरोसेमंद स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है, जिसमें बाजार विशेषज्ञों की राय और ऐतिहासिक डेटा को ध्यान में रखा गया है। हमने कई प्रतिष्ठित वित्तीय प्लेटफॉर्मों से डेटा एकत्रित किया और क्रॉस-वेरीफाई किया ताकि कोई त्रुटि न हो। सोने की कीमतें आमतौर पर 22 कैरेट और 24 कैरेट में मापी जाती हैं, जबकि चांदी की कीमत प्रति किलोग्राम में। आज की कीमतें वैश्विक सोना बाजार, डॉलर की मजबूती, मुद्रास्फीति और स्थानीय मांग पर निर्भर करती हैं।

पिछले कुछ वर्षों में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2024 में जहां 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम लगभग 70,000 रुपये थी, वहीं 2026 तक यह दोगुनी से अधिक हो चुकी है। इसका मुख्य कारण वैश्विक अनिश्चितताएं, जैसे भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की सोना खरीदारी हैं। भारत में सोना न केवल निवेश का साधन है बल्कि सांस्कृतिक महत्व भी रखता है, खासकर त्योहारों और शादियों के मौसम में। जनवरी 2026 में पोंगल, मकर संक्रांति जैसे त्योहारों के कारण दक्षिण भारत में मांग बढ़ी, जिससे चेन्नई जैसी जगहों पर कीमतें थोड़ी ऊंची रहीं। वहीं, उत्तर भारत में सर्दियों के मौसम में निवेशकों की रुचि बढ़ी।

चांदी की बात करें तो यह औद्योगिक उपयोग के कारण अधिक अस्थिर होती है। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिकित्सा क्षेत्र में इसकी मांग बढ़ रही है, जिससे कीमतें ऊपर की ओर हैं। 2026 में चांदी की कीमतें 2024 की तुलना में लगभग तीन गुना हो चुकी हैं, जो वैश्विक उत्पादन में कमी और मांग में वृद्धि को दर्शाता है। भारत चांदी का बड़ा आयातक है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल सीधे प्रभाव डालती है।

अब हम विभिन्न शहरों और राज्यों की कीमतों पर नजर डालते हैं। कीमतें प्रति 10 ग्राम सोने के लिए और प्रति किलोग्राम चांदी के लिए हैं। छोटे शहरों के लिए निकटतम प्रमुख शहर की कीमतों को आधार बनाया गया है, क्योंकि स्थानीय बाजारों में अंतर न्यूनतम होता है। डेटा कई स्रोतों से वेरीफाई किया गया, जैसे कि बाजार रिपोर्ट और बुलियन एसोसिएशन के आंकड़े।

जगह का नाम

22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम, रुपये में)

24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम, रुपये में)

चांदी (प्रति किलोग्राम, रुपये में)

दिल्ली

1,31,920

1,43,890

2,91,000

नोएडा

1,31,920

1,43,890

2,91,000

लखनऊ

1,32,260

1,43,640

2,91,000

कानपुर

1,31,980

1,43,250

2,91,000

बरेली

1,32,000 (लखनऊ के समान)

1,43,600 (लखनऊ के समान)

2,91,000

शाहजहांपुर

1,32,000

1,43,600

2,91,000

बाराबंकी

1,32,000

1,43,600

2,91,000

मुरादाबाद

1,32,000

1,43,600

2,91,000

आगरा

1,32,000 (दिल्ली के समान)

1,43,800 (दिल्ली के समान)

2,91,000

हरदोई

1,32,000

1,43,600

2,91,000

कोलकाता

1,31,760

1,43,730

2,91,000

पुणे

1,31,800

1,43,770

2,91,000

मुम्बई

1,31,780

1,43,750

2,91,000

असम (गुवाहाटी)

1,31,760 (कोलकाता के समान)

1,43,730 (कोलकाता के समान)

2,91,000

चेन्नई

1,33,020

1,43,580

2,91,000

तमिलनाडु (चेन्नई)

1,33,020

1,43,580

2,91,000

मध्य प्रदेश (भोपाल)

1,31,920 (दिल्ली के समान)

1,43,890 (दिल्ली के समान)

2,91,000

राजस्थान (जयपुर)

1,32,290

1,43,890 (दिल्ली के समान)

2,91,000

ये कीमतें सुबह के बाजार खुलने के समय की हैं और दिन भर में मामूली बदलाव हो सकता है। उदाहरण के लिए, दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,43,890 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जो कल की तुलना में थोड़ी कम है। इसी तरह, चेन्नई में त्योहारों के कारण कीमतें थोड़ी ऊंची हैं।

अब हम सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले कारकों पर विस्तार से चर्चा करते हैं। सबसे पहले, वैश्विक बाजार। कॉमेक्स पर सोने की कीमत डॉलर इंडेक्स से जुड़ी होती है। अगर डॉलर मजबूत होता है, तो सोना सस्ता हो जाता है। 16 जनवरी 2026 को डॉलर इंडेक्स 105 के आसपास था, जिससे सोने पर दबाव पड़ा। दूसरा, भारत में आयात शुल्क। सरकार ने हाल ही में सोने पर 15% शुल्क लगाया है, जो कीमतों को बढ़ाता है। तीसरा, स्थानीय मांग। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में, जहां लखनऊ, कानपुर, बरेली आदि शहर हैं, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के कारण किसान सोने में निवेश करते हैं। जनवरी में फसल बिक्री के बाद मांग बढ़ती है।

राजस्थान में जयपुर जैसे शहर सोने के व्यापार के केंद्र हैं। यहां कीमतें दिल्ली से थोड़ी अलग होती हैं क्योंकि स्थानीय ज्वैलर्स एसोसिएशन अपनी दरें निर्धारित करती है। मध्य प्रदेश में भोपाल में औद्योगिक विकास के कारण चांदी की मांग अधिक है, लेकिन कीमतें राष्ट्रीय औसत के करीब रहती हैं। असम में गुवाहाटी जैसे शहरों में चाय बागानों के मजदूर सोने को बचत का साधन मानते हैं, लेकिन कीमतें पूर्वी भारत के समान होती हैं।

तमिलनाडु और चेन्नई में पोंगल त्योहार के कारण 16 जनवरी को मांग पीक पर थी। यहां 22 कैरेट सोने की कीमत 1,33,020 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई, जो उत्तर भारत से अधिक है। मुंबई और पुणे में शेयर बाजार के प्रभाव से कीमतें स्थिर रहीं, क्योंकि निवेशक स्टॉक और सोने के बीच संतुलन बनाते हैं। कोलकाता में बंगाली संस्कृति में सोने का महत्व है, इसलिए कीमतें थोड़ी ऊंची रहती हैं।

चांदी की कीमतों पर नजर डालें तो यह 2,91,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास स्थिर है। चांदी का उपयोग सौर पैनलों में बढ़ रहा है, क्योंकि भारत 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य हासिल करने की दिशा में है। वैश्विक स्तर पर चांदी की कमी के कारण कीमतें ऊपर हैं। भारत में चांदी के सिक्के और बर्तन त्योहारों में लोकप्रिय हैं, खासकर मकर संक्रांति पर।

निवेशकों के लिए सलाह: अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो लंबी अवधि के लिए निवेश करें। कीमतें 2026 के अंत तक और बढ़ सकती हैं, क्योंकि वैश्विक मंदी की आशंका है। चांदी में भी पोटेंशियल है, लेकिन यह अधिक जोखिमपूर्ण है। हमेशा प्रमाणित विक्रेताओं से खरीदें और जीएसटी बिल लें।

सोने की कीमतों के इतिहास पर नजर डालें। 2020 में महामारी के दौरान सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा था। तब से यह निवेशकों का सुरक्षित आश्रय बना हुआ है। 2025 में यूक्रेन-रूस संघर्ष के प्रभाव से कीमतें बढ़ीं। 2026 में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें कम होने से सोना और मजबूत हुआ। भारत में आरबीआई ने सोना भंडार बढ़ाया, जो कीमतों को सपोर्ट करता है।

उत्तर प्रदेश के शहरों जैसे शाहजहांपुर, बाराबंकी, हरदोई में स्थानीय बाजार दिल्ली या लखनऊ पर निर्भर हैं। यहां ज्वैलरी बनाने की परंपरा है, इसलिए 22 कैरेट सोना अधिक लोकप्रिय है। मुरादाबाद पीतल शहर के रूप में जाना जाता है, लेकिन सोने-चांदी का व्यापार भी फलफूल रहा है। आगरा में ताजमहल पर्यटन के कारण विदेशी खरीदार आते हैं, जो कीमतों को प्रभावित करता है।

पश्चिम भारत में मुंबई वित्तीय केंद्र है। यहां एमसीएक्स पर सोने के फ्यूचर्स ट्रेड होते हैं, जो स्पॉट प्राइस निर्धारित करते हैं। पुणे आईटी हब है, जहां युवा सोने में डिजिटल निवेश पसंद करते हैं। पूर्व में कोलकाता में दुर्गा पूजा के बाद जनवरी में भी मांग रहती है। असम में चाय उद्योग सोने की खरीद को बढ़ावा देता है।

दक्षिण में चेन्नई और तमिलनाडु में सोना सांस्कृतिक धरोहर है। महिलाएं सोने के गहने पहनती हैं। मध्य भारत में मध्य प्रदेश औद्योगिक राज्य है, जहां चांदी की मांग फैक्टरियों से आती है। राजस्थान में जयपुर जेम्स और ज्वैलरी का हब है, इसलिए कीमतें प्रतिस्पर्धी रहती हैं।

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