भारत में 24 सितम्बर 2025 को सोने एवं चांदी के दाम — शहरवार रिपोर्ट
भारत के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी, रुपये की कमजोरी और त्योहारी
24 सितम्बर 2025 को भारत के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी, रुपये की कमजोरी और त्योहारी मांग के कारण सोने और चांदी के दाम ऊँचे स्तर पर बने हुए हैं। इस रिपोर्ट में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, पटना, असम और तमिलनाडु जैसे प्रमुख शहरों के भाव दिए गए हैं, साथ ही इनके रुझान और भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण भी किया गया है।
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शहर |
24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) |
22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) |
चांदी (प्रति किलोग्राम) |
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दिल्ली |
₹1,15,873 |
₹1,06,233 |
₹1,40,000 |
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मुंबई |
₹1,15,727 |
₹1,06,087 |
₹1,40,000 |
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कोलकाता |
₹1,15,727 |
₹1,06,087 |
₹1,40,000 |
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चेन्नई |
₹1,16,111 |
₹1,06,431 |
₹1,50,100 |
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लखनऊ |
₹1,15,873 |
₹1,06,233 |
₹1,40,000 |
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नोएडा |
₹1,15,873 |
₹1,06,233 |
₹1,40,000 |
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आगरा |
₹1,15,873 |
₹1,06,233 |
₹1,40,000 |
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बरेली |
₹1,15,873 |
₹1,06,233 |
₹1,40,000 |
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असम (गुवाहाटी) |
₹1,15,873 |
₹1,06,233 |
₹1,40,000 |
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पटना |
₹1,15,873 |
₹1,06,233 |
₹1,40,000 |
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तमिलनाडु (मदुरै) |
₹1,16,111 |
₹1,06,431 |
₹1,50,100 |
- अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव
सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल, डॉलर-रुपया विनिमय दर और वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करती हैं। पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिका और यूरोप की आर्थिक नीतियों में बदलाव और डॉलर की मजबूती के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश जैसे सोना और चांदी की ओर बढ़ा है। इससे भारत में इन धातुओं के दाम लगातार ऊँचे बने हुए हैं।
- रुपये की कमजोरी
रुपये में डॉलर के मुकाबले कमजोरी देखी जा रही है। 24 सितम्बर 2025 को रुपया लगभग 83.20 प्रति डॉलर पर रहा। इससे आयातित सोना महंगा हो गया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोना आयातक है, इसलिए मुद्रा विनिमय दर में मामूली बदलाव भी घरेलू कीमतों को प्रभावित करता है।
- त्योहारी सीजन की मांग
सितम्बर से नवंबर तक भारत में त्योहारी सीजन शुरू होता है। नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों पर सोने-चांदी की खरीदारी परंपरागत रूप से ज्यादा होती है। इस साल भी मांग मजबूत रही है, जिसके कारण दामों में वृद्धि देखने को मिली।
- उपभोक्ताओं पर असर
सोने-चांदी के दाम बढ़ने से आम उपभोक्ता पर असर पड़ता है। जहां सोना निवेश और आभूषण दोनों के लिए पसंद किया जाता है, वहीं चांदी को छोटे निवेश के रूप में अधिक खरीदा जाता है। कीमतों के ऊँचे स्तर से कई उपभोक्ताओं को खरीदारी टालनी पड़ी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं और रुपया मजबूत होता है, तो आने वाले हफ्तों में सोना-चांदी की कीमतें कुछ हद तक स्थिर हो सकती हैं। हालांकि, अगर वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी रहती है, तो भाव और बढ़ सकते हैं।
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