प्रयागराज बाढ़ पर अखिलेश यादव और केशव प्रसाद मौर्य के बीच तीखी बयानबाजी- सपा ने सरकार पर साधा निशाना, बीजेपी ने दिया करारा जवाब।
Political: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के उफान पर आने से बाढ़ की स्थिति ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इस आपदा ...
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के उफान पर आने से बाढ़ की स्थिति ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इस आपदा को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर तंज कसते हुए सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, “एक अरब की पावन डुबकी का कर दिया प्रबंध, तीर्थराज क्यों डूब रहा है? पूछो तो, मुंह बंद।” इस पोस्ट का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश पर पलटवार किया और उन्हें “सत्ता से बाहर होने के कारण बौखलाया हुआ” बताया। मौर्य ने कहा कि बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है और सरकार ने राहत कार्यों के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। इस बयानबाजी ने उत्तर प्रदेश में सियासी माहौल को गरमा दिया है।
- अखिलेश यादव का तंज
अखिलेश यादव ने X पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने बीजेपी सरकार पर राहत कार्यों में नाकामी का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, “उप्र की भाजपा सरकार जब बड़े-बड़े लोगों की ‘सुपर वीवीआईपी’ रैली या सभा का आयोजन कर सकती है तो बाढ़ में राहत-बचाव का काम क्यों नहीं कर रही है? प्रयागराज ही नहीं, पूरे उप्र में बाढ़ की वजह से भयावह स्थिति है।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “प्रयागराज में 20 हजार करोड़ खर्च करने के बाद प्रयागवासियों को जलभराव के सिवा और क्या मिला? स्मार्ट सिटी की संकल्पना पर पानी फेरने वाले भाजपाई अपनी-अपनी नाव लेकर कहां गायब हो गए हैं।” अखिलेश ने इन पोस्ट्स में सरकार की तैयारियों और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए, खासकर महाकुंभ 2025 के आयोजन के लिए किए गए खर्च पर।
अखिलेश ने यह भी कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग भोजन, पीने के पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा कि बाढ़ के पानी में चूहे, जहरीले कीड़े और बिजली के झटके का खतरा बना हुआ है। कई लोगों के घर ढह गए हैं और उनके सामान बह गए हैं।
- केशव प्रसाद मौर्य का जवाब
05 अगस्त 2025 को केशव प्रसाद मौर्य ने अपने गृह जिले कौशांबी में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की और अखिलेश के बयानों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने अखिलेश की तुलना “दूध मांगने वाले बच्चे” से की और कहा, “अखिलेश यादव सत्ता से बाहर होने के कारण विचलित और बौखलाए हुए हैं। वे इधर-उधर घूमकर बेतुके बयान दे रहे हैं। बाढ़, भूकंप और सुनामी प्राकृतिक आपदाएं हैं, और इनका सामना करने के लिए सरकार ने सभी जरूरी इंतजाम किए हैं।” मौर्य ने यह भी कहा कि अगर अखिलेश को बाढ़ प्रभावित लोगों की थोड़ी भी चिंता होती, तो वे उनकी सेवा में समय बिताते। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा, “उनके पास सेवा करने वाले कार्यकर्ता नहीं, बल्कि गुंडे, माफिया और भ्रष्ट लोग हैं। बयानबाजी से सेवा नहीं होती।”
मौर्य ने कौशांबी में शीतला गेस्ट हाउस में राहत कार्यों की समीक्षा के बाद अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परिवारों के घर बाढ़ में ढह गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मदद दी जाए। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाने और बिजली विभाग को बिजली की शिकायतों का तुरंत समाधान करने का आदेश दिया।
उत्तर प्रदेश सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 05 अगस्त 2025 को आगरा से औरैया तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बताया कि पिछले 10-15 दिनों की भारी बारिश के कारण 21 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी है। राहत कार्यों के लिए 16 एनडीआरएफ टीमें, 18 एसडीआरएफ टीमें और 31 पीएसी बाढ़ इकाइयां तैनात की गई हैं। 1,250 से अधिक नावों का इस्तेमाल बचाव कार्यों के लिए किया जा रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 343 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, और 327 परिवारों को मुआवजा दिया गया है। 4,015 हेक्टेयर से अधिक भूमि प्रभावित हुई है। 6,536 खाद्य पैकेट और 76,632 भोजन पैकेट वितरित किए गए हैं, और 29 सामुदायिक रसोई (लंगर) शुरू किए गए हैं। पशुओं के लिए 500 क्विंटल चारे की व्यवस्था की गई है, और जलजनित रोगों से बचाव के लिए 1,29,571 क्लोरीन टैबलेट और 37,089 ओआरएस पैकेट बांटे गए हैं।
प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 04 अगस्त 2025 को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और नाव से सर्वेक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह बाढ़ 2013 की बाढ़ से भी गंभीर है, और सरकार प्रभावित लोगों की हर संभव मदद कर रही है।
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ने का कारण राजस्थान के धौलपुर में चंबल नदी का उफान और लगातार बारिश है। बाढ़ ने न केवल प्रयागराज, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में 402 गांवों को प्रभावित किया है। लोग भोजन, स्वच्छ पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझ रहे हैं। सलोरी और छोटा बघारा जैसे इलाकों में जलभराव ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। बिजली के झटके, जहरीले कीड़े और चूहों का खतरा भी बढ़ गया है।
अखिलेश यादव के बयानों ने बीजेपी और सपा के बीच तीखी बयानबाजी को हवा दी है। अखिलेश ने सरकार पर महाकुंभ 2025 के लिए भारी खर्च करने, लेकिन बाढ़ राहत में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का उदाहरण बताया। जवाब में, केशव मौर्य ने सपा पर माफिया और गुंडों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी सरकार और कार्यकर्ता बाढ़ पीड़ितों की सेवा में जुटे हैं।
मौर्य ने यह भी कहा कि अखिलेश 2014 से अपनी पार्टी की हार से बौखलाए हुए हैं और 2024 व 2027 में भी सपा को हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सपा पर जातिवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, अखिलेश ने सरकार की नाकामी को उजागर करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया और बाढ़ पीड़ितों की दुर्दशा को सामने रखा।
यह बयानबाजी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल को गरमा रही है। अखिलेश यादव ने बाढ़ की स्थिति को सरकार की नाकामी का सबूत बताया, जबकि बीजेपी ने इसे प्राकृतिक आपदा करार देते हुए अपने राहत कार्यों को पर्याप्त बताया। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा चर्चा में है। X पर एक यूजर ने लिखा, “अखिलेश यादव ने बाढ़ पीड़ितों की बात उठाकर सही किया, लेकिन बीजेपी सरकार को भी राहत कार्यों की पूरी जानकारी देनी चाहिए।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि पीड़ितों की मदद का है।”
प्रयागराज की बाढ़ ने एक बार फिर पर्यावरण और शहरी नियोजन की कमियों को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अवैज्ञानिक निर्माण, नदियों के किनारे अतिक्रमण और जलवायु परिवर्तन के कारण बाढ़ की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकार को भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं बनानी होंगी, जैसे बांध निर्माण और बाढ़ प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करना।
प्रयागराज में बाढ़ ने न केवल लोगों का जीवन प्रभावित किया, बल्कि सपा और बीजेपी के बीच सियासी जंग को भी हवा दी। अखिलेश यादव ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए, तो केशव प्रसाद मौर्य ने राहत कार्यों का बचाव करते हुए सपा पर पलटवार किया।
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