Pakistan Fuel Price Hike: पाकिस्तान में फिर बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, जानिए प्रति लीटर कितनी हुई नई कीमत
पाकिस्तान में पेट्रोल 2.07 रुपये बढ़कर 264.61 रुपये और डीजल 2.99 रुपये बढ़कर 272.77 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वित्त मंत्रालय ने नई दरों का नोटिफिकेशन जारी किया।

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गंभीर आर्थिक चुनौतियों और मुद्रास्फीति के दबाव से जूझ रहे पाकिस्तान में आम जनता को ईंधन के मोर्चे पर एक और बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान की संघीय सरकार के वित्त मंत्रालय ने पाक्षिक समीक्षा के बाद पेट्रोलियम उत्पादों की खुदरा दरों में बढ़ोतरी की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। नई दरों के तहत पेट्रोल की कीमत में 2.07 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है, जिसके बाद अब एक लीटर पेट्रोल का भाव बढ़कर 264.61 पाकिस्तानी रुपये हो गया है। वहीं हाई-स्पीड डीजल की दरों में 2.99 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, जिससे इसका नया मूल्य 272.77 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। देर रात जारी यह आदेश देश भर के सभी पेट्रोल पंपों पर तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है।
पाकिस्तान में तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) की सिफारिशों पर अमल करते हुए संघीय वित्त मंत्रालय ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में संशोधन किया है। अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल पर 2.07 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 2.99 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी प्रभावी हो गई है।
इस बढ़ोतरी के बाद आम उपभोक्ताओं को अब पेट्रोल के लिए प्रति लीटर 264.61 रुपये और हाई-स्पीड डीजल के लिए 272.77 रुपये चुकाने होंगे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर लगाए गए पेट्रोलियम लेवी के चलते यह मूल्य वृद्धि की गई है, जिससे सीधे तौर पर दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं और परिवहन की लागत पर असर पड़ना तय है।
पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों की समीक्षा प्रत्येक 15 दिन के अंतराल पर की जाती है। नई मूल्य सूची जारी होने से पहले ही देश के बड़े शहरों कराची, लाहौर, रावलपिंडी और इस्लामाबाद में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतारें देखी गईं।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि वैश्विक कमोडिटी बाजार में पिछले दो हफ्तों के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों के आयात मूल्य में हुई वृद्धि और रुपये के विनिमय संतुलन को साधने के लिए यह निर्णय लेना आवश्यक था। सरकार ने राजस्व घाटे को पाटने के लिए प्रति लीटर ईंधन पर पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी (PDL) को भी अधिकतम सीमा के करीब बनाए रखा है, जिसके कारण खुदरा बाजार में आम नागरिकों को यह अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।
विपक्षी दलों ने पेट्रोल के भाव 264 रुपये और डीजल के 272 रुपये के पार जाने पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी प्रवक्ताओं का आरोप है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की शर्तों को पूरा करने के नाम पर जनता पर महंगाई का असहनीय बोझ लाद रही है।
वहीं सरकार के आर्थिक सलाहकारों का तर्क है कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव और ऊर्जा क्षेत्र के भारी वित्तीय घाटे को देखते हुए पेट्रोलियम सब्सिडी जारी रख पाना संभव नहीं है। व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों ने कीमतों में इस बढ़ोतरी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ऑल पाकिस्तान ट्रांसपोर्टर्स फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि डीजल महंगा होने से उनके पास माल ढुलाई और बस का किराया बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
पेट्रोलियम दरों में हुई इस ताजा वृद्धि का सबसे बड़ा असर परिवहन और कृषि क्षेत्र पर देखने को मिलेगा। हाई-स्पीड डीजल की कीमत 272.77 रुपये प्रति लीटर पहुंचने से ट्यूबवेल और ट्रैक्टरों के परिचालन का खर्च बढ़ जाएगा, जिससे आगामी फसलों की उत्पादन लागत में सीधा इजाफा होगा।
इसके साथ ही अंतरशहरी बसों, टैक्सियों और स्थानीय ऑटो रिक्शा के किरायों में उछाल आना तय है। आवश्यक खाद्य पदार्थों, फल, सब्जियों और दूध की ढुलाई महंगी होने से पाकिस्तान की खुदरा मुद्रास्फीति दर पर पुनः दबाव बढ़ेगा, जिससे आम कामकाजी परिवारों का घरेलू बजट और अधिक असंतुलित हो जाएगा।
ट्रांसपोर्ट यूनियनों द्वारा आगामी दिनों में नए किराया ढांचे की घोषणा किए जाने की संभावना है। वहीं व्यापारिक संगठनों ने सरकार से पेट्रोलियम लेवी घटाकर आम जनता को राहत देने की मांग की है।
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट नहीं आती है, तो आगामी पंद्रह दिनों के बाद होने वाली अगली समीक्षा बैठक में भी दरों में राहत मिलने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल ईंधन आयात बिल को नियंत्रित करने और बाजार में ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने पर रहेगा।
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