Jammu Varanasi Special Train: जम्मू-वाराणसी स्पेशल ट्रेन चलाने की अधिसूचना रद, जानें इस रूट की नियमित ट्रेनों का शेड्यूल
रेलवे प्रशासन ने जम्मू तवी से वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्पेशल ट्रेन की अधिसूचना तकनीकी कारणों से रद कर दी है। जानें इस रूट पर चलने वाली नियमित ट्रेनों का समय।

- जम्मू-वाराणसी समर स्पेशल ट्रेन का आदेश रेलवे ने लिया वापस, माता वैष्णो देवी और काशी जाने वाले यात्री देखें समय-सारिणी
- जम्मू-वाराणसी स्पेशल ट्रेन का नोटिफिकेशन रद, काशी और जम्मू के बीच यात्रा करने से पहले जान लें मौजूदा ट्रेनों का समय
- जम्मू-वाराणसी स्पेशल ट्रेन चलाने की अधिसूचना रेलवे ने की रद, रूट की नियमित गाड़ियां पूर्ववत रहेंगी
उत्तर रेलवे द्वारा जम्मू तवी और वाराणसी जंक्शन के बीच प्रस्तावित स्पेशल ट्रेन चलाने की अधिसूचना को तकनीकी व प्रशासनिक कारणों के चलते तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। उत्तर भारत के दो प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों मां वैष्णो देवी के आधार शिविर जम्मू और भगवान शिव की नगरी काशी को सीधे जोड़ने के मकसद से इस ग्रीष्मकालीन विशेष सेवा की रूपरेखा तैयार की गई थी। पूर्व में जारी किए गए आदेश के तहत ट्रेन संख्या 04664/04663 को निर्धारित फेरों के साथ संचालित किया जाना था। हालांकि, रेलवे बोर्ड और संबंधित रेलवे जोनों के बीच रूट क्षमता, कोच संयोजन और परिचालन संबंधी व्यावहारिक समीक्षा के उपरांत इस स्पेशल ट्रेन के संचालन आदेश को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। इस आदेश के बाद अब इस रूट के यात्रियों को पूर्व से संचालित नियमित रेल सेवाओं पर ही निर्भर रहना होगा।
- स्पेशल ट्रेन की पूर्व अधिसूचना और उसके रद होने का प्रशासनिक कारण
रेलवे प्रशासन द्वारा जारी प्रारंभिक सूचना में कहा गया था कि जम्मू तवी और वाराणसी के मध्य यात्रियों के अतिरिक्त दबाव और प्रतीक्षा सूची को नियंत्रित करने के लिए एक विशेष गाड़ी चलाई जाएगी। इस गाड़ी को जम्मू से रवाना होकर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक व मंडल मुख्यालयों से होते हुए वाराणसी तक का सफर तय करना था।
रेलवे परिचालन विभाग के सूत्रों के अनुसार, किसी भी नई स्पेशल ट्रेन को पटरी पर उतारने से पहले संबंधित रेल खंडों (ब्लॉक सेक्शन) में लाइन क्षमता, टर्मिनल स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म और वाशिंग लाइन की उपलब्धता तथा इंजन और रेक के फेरे (टर्नअराउंड टाइम) का गहन विश्लेषण किया जाता है। जम्मू-वाराणसी रेल मार्ग उत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के सर्वाधिक व्यस्त और सघन माल एवं यात्री यातायात वाले गलियारों में शामिल है। विशेष रूप से पंजाब और उत्तर प्रदेश के खंडों में चल रहे दोहरीकरण, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के बुनियादी कार्यों के चलते अतिरिक्त स्लॉट आवंटित करने में परिचालन संबंधी बाधाएं सामने आईं। इसी कारण सक्षम प्राधिकारी ने प्रस्तावित स्पेशल ट्रेन की अधिसूचना को फिलहाल निरस्त करने का आदेश जारी किया।
- दोनों शहरों के बीच यात्रा का धार्मिक महत्व
जम्मू और वाराणसी के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी केवल दो शहरों को जोड़ने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उत्तर भारत की विशाल धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा का केंद्रीय अक्ष है। जम्मू जहां माता वैष्णो देवी, अमरनाथ यात्रा और कश्मीर घाटी का मुख्य प्रवेश द्वार है, वहीं वाराणसी पूर्वांचल, बिहार और झारखंड के सीमावर्ती जिलों का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र है।
हर वर्ष पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश से लाखों श्रद्धालु जम्मू पहुंचते हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और पंजाब के श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा स्नान के लिए बनारस का रुख करते हैं। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान, छात्र और छोटे व्यापारी इस मार्ग पर यात्रा करते हैं। स्पेशल ट्रेन के रद होने से तत्काल अतिरिक्त बर्थ मिलने की जो उम्मीद बंधी थी, उसे झटका लगा है, लेकिन रूट पर नियमित रूप से चलने वाली स्थापित ट्रेनें अपने पूर्व निर्धारित समय के अनुसार दौड़ती रहेंगी।
- रूट की सबसे प्रमुख जीवनरेखा: 12238/12237 बेगमपुरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस
जम्मू और वाराणसी के बीच नियमित दैनिक सफर के लिए सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय ट्रेन 12238/12237 बेगमपुरा एक्सप्रेस मानी जाती है। यह गाड़ी दोनों शहरों के बीच सबसे कम समय में यात्रा पूरी करने वाली दैनिक सुपरफास्ट सेवा है।
गाड़ी संख्या 12238 (जम्मू तवी से वाराणसी): यह ट्रेन जम्मू तवी से प्रतिदिन दोपहर 14:00 बजे (दोपहर 2 बजे) प्रस्थान करती है। पठानकोट कैंट, जालंधर कैंट, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ और सुल्तानपुर होते हुए यह गाड़ी अगले दिन दोपहर 12:30 बजे वाराणसी जंक्शन पहुंचती है। लगभग 1,260 किलोमीटर की यह दूरी तय करने में इसे करीब 22 घंटे 30 मिनट का समय लगता है।
गाड़ी संख्या 12237 (वाराणसी से जम्मू तवी): वापसी दिशा में यह ट्रेन वाराणसी जंक्शन से प्रतिदिन दोपहर 12:40 बजे रवाना होती है। सुल्तानपुर, निहालगढ़, लखनऊ, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, अंबाला कैंट, लुधियाना, जालंधर कैंट और पठानकोट कैंट के रास्ते होते हुए यह अगले दिन सुबह 10:50 बजे जम्मू तवी पहुंचती है। इस गाड़ी में फर्स्ट एसी, सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और सामान्य द्वितीय श्रेणी के कोच उपलब्ध रहते हैं।
- वैकल्पिक दैनिक व नियमित ट्रेनें: सियालदह, कोलकाता और जम्मूतवी एक्सप्रेस
बेगमपुरा सुपरफास्ट के अलावा यात्रियों के पास इस रूट पर अन्य नियमित लंबी दूरी की गाड़ियां भी उपलब्ध हैं, जो जम्मू और वाराणसी दोनों को आपस में जोड़ती हैं:
1. 13152/13151 कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस (सियालदह एक्सप्रेस): यह ट्रेन जम्मू तवी से प्रतिदिन शाम को रवाना होती है और पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, लखनऊ, अयोध्या कैंट, शाहगंज, जौनपुर के रास्ते वाराणसी पहुंचती है। इसमें ठहरावों की संख्या अधिक होने के कारण यात्रा का समय लगभग 30 से 32 घंटे का होता है, लेकिन छोटे स्टेशनों और कस्बों के यात्रियों के लिए यह गाड़ी बेहद उपयोगी साबित होती है।
2. 12332/12331 हिमगिरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (साप्ताहिक/त्रैसाप्ताहिक): यह ट्रेन जम्मू तवी से हावड़ा के बीच चलती है और रास्ते में वाराणसी जंक्शन पर इसका नियमित व्यावसायिक ठहराव है। जम्मू से यह ट्रेन मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को रात 22:45 बजे प्रस्थान करती है और तीसरे दिन सुबह वाराणसी पहुंचती है। सुपरफास्ट श्रेणी की होने के कारण पूर्वांचल जाने वाले यात्रियों की यह पहली प्राथमिकताओं में रहती है।
3. 12356/12355 अर्चना सुपरफास्ट एक्सप्रेस: जम्मू तवी से पटना के बीच चलने वाली अर्चना सुपरफास्ट सप्ताह में दो दिन (बुधवार और रविवार) संचालित होती है। यह गाड़ी भी लखनऊ, रायबरेली, अमेठी और प्रतापगढ़ के वैकल्पिक रूट से होते हुए वाराणसी कैंट स्टेशन को जोड़ती है।
- प्रमुख स्टेशनों पर मौजूदा समय और ठहराव
जम्मू से वाराणसी की यात्रा के दौरान ट्रेनें उत्तरी मैदानों के जिन प्रमुख जंक्शनों से होकर गुजरती हैं, उनकी समय-सारिणी और रूट नेटवर्क यात्रियों के लिए जानना अनिवार्य है।
बेगमपुरा एक्सप्रेस और अन्य नियमित गाड़ियों का मुख्य ठहराव नेटवर्क निम्नलिखित प्रमुख स्टेशनों पर रहता है:
जम्मू तवी (प्रस्थान बिंदु): जम्मू संभाग का मुख्य रेलवे टर्मिनल।
पठानकोट कैंट: हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कांगड़ा घाटी क्षेत्र का संपर्क बिंदु।
जालंधर कैंट एवं लुधियाना जंक्शन: पंजाब के औद्योगिक हब और मालवा-दोआबा के प्रमुख स्टेशन।
अंबाला कैंट जंक्शन: हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल के यात्रियों के लिए मुख्य इंटरचेंज स्टेशन।
सहारनपुर जंक्शन: उत्तर रेलवे और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख रेलवे नोड।
मुरादाबाद एवं बरेली जंक्शन: रुहेलखंड क्षेत्र के प्रमुख प्रशासनिक केंद्र।
लखनऊ (चारबाग): उत्तर प्रदेश की राजधानी, जहां इंजन बदलने, पानी भरने और तकनीकी जांच के लिए पर्याप्त ठहराव दिया जाता है।
सुल्तानपुर / प्रतापगढ़ जंक्शन: मध्य अवध और पूर्वांचल का प्रवेश द्वार।
वाराणसी जंक्शन (कैंट): अंतिम गंतव्य और पूर्व मध्य रेलवे/पूर्वोत्तर रेलवे का इंटरचेंज।
नियमित गाड़ियों में टिकट की उपलब्धता और यात्रियों को परामर्श
स्पेशल ट्रेन की अधिसूचना रद होने का सीधा असर नियमित गाड़ियों में प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) पर देखा जा सकता है। विशेष रूप से त्योहारों, गर्मियों की छुट्टियों और वैवाहिक सीज़न के दौरान बेगमपुरा और हिमगिरी एक्सप्रेस में स्लीपर और थर्ड एसी श्रेणी में टिकट महीनों पहले बुक हो जाते हैं।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अनाधिकृत एजेंटों या स्पेशल ट्रेन चलने की पुरानी अपुष्ट खबरों के झांसे में न आएं। यात्रा की योजना बनाने से पहले भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट IRCTC, नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (NTES) अथवा 139 रेल मदद हेल्पलाइन नंबर से गाड़ियों की वास्तविक स्थिति, परिचालन दिवस और कोच कंपोजिशन की पुष्टि अवश्य करें। यदि सीधी ट्रेनों में कन्फर्म टिकट उपलब्ध न हो, तो यात्री दिल्ली, अंबाला या लखनऊ जैसे बड़े जंक्शनों पर कनेक्टिंग ट्रेनों के विकल्प का उपयोग कर सकते हैं, जहां से दोनों दिशाओं के लिए निरंतर अंतराल पर प्रीमियम और सुपरफास्ट ट्रेनें उपलब्ध रहती हैं।
What's Your Reaction?





