असम की राजनीति में बड़ा उलटफेर, कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने को तैयार भूपेन बोरा, राहुल गांधी की फोन कॉल के बावजूद नहीं माने।
असम की राजनीति में एक बड़ा ट्विस्ट आया है जहां असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी

- हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात के बाद लिया फैसला, 22 फरवरी को गुहावटी में होगा औपचारिक प्रवेश, कई अन्य कांग्रेस नेता भी साथ देंगे
असम की राजनीति में एक बड़ा ट्विस्ट आया है जहां असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला कर लिया है। यह फैसला असम विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है जो 2026 में होने वाले हैं। भूपेन बोरा ने 16 फरवरी 2026 को कांग्रेस से इस्तीफा दिया था और कुछ घंटों बाद इसे वापस ले लिया था लेकिन 17 फरवरी को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात के बाद उन्होंने इस्तीफा वापस न लेने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने खुद इसकी पुष्टि की है कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में शामिल होंगे।
भूपेन बोरा ने कांग्रेस में 32 वर्षों से अधिक समय तक सेवा की है और वे असम कांग्रेस के प्रमुख पदों पर रहे हैं। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे इस्तीफे में पार्टी की आंतरिक समस्याओं का जिक्र किया था। इस्तीफे में उन्होंने गौरव गोगोई की चुप्पी पर सवाल उठाया था जो पाकिस्तान से जुड़े आरोपों पर थी। भूपेन बोरा ने कहा था कि पार्टी में उनकी भूमिका सीमित हो गई थी और वे एक कठपुतली बनकर रह गए थे।
राहुल गांधी ने भूपेन बोरा को मनाने की कोशिश की थी। उन्होंने फोन पर लंबी बातचीत की और इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया। गौरव गोगोई ने भी भूपेन बोरा से बात की थी। लेकिन इन प्रयासों के बावजूद भूपेन बोरा ने अपना फैसला नहीं बदला। उन्होंने कहा कि पार्टी में संगठनात्मक कमजोरियां हैं और नेतृत्व में असंतुलन है जो चुनावों में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाएगा।
17 फरवरी 2026 को हिमंता बिस्वा सरमा भूपेन बोरा के गुहावटी स्थित आवास पर पहुंचे और करीब एक घंटे की बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि भूपेन बोरा ने इस्तीफा वापस न लेने का फैसला किया है और वे बीजेपी में शामिल होंगे। सरमा ने यह भी कहा कि भूपेन बोरा कांग्रेस में अंतिम प्रमुख हिंदू नेता थे जिनका कोई पारिवारिक बैकग्राउंड नहीं था।
22 फरवरी को गुहावटी में भूपेन बोरा का बीजेपी में औपचारिक प्रवेश होगा। असम बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया इसकी व्यवस्था करेंगे। सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा के साथ कई अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी बीजेपी में शामिल होंगे। इसमें गुहावटी और उत्तर लखीमपुर के नेता शामिल हैं। लखीमपुर जिले में भी अलग से कार्यक्रम होगा जहां कांग्रेस के कई सदस्य बीजेपी में आएंगे।
भूपेन बोरा की पत्नी मौसमी बोरा ने कहा कि पिछले आठ महीनों से भूपेन बोरा बहुत उदास थे। उन्होंने मुख्यमंत्री के घर आने को सम्मान बताया। मौसमी बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भूपेन बोरा को परिवार की तरह समझा और उनके फैसले का समर्थन किया।
भूपेन बोरा पर पहले टिकट बेचने के आरोप लगे थे। पार्टी के कई नेताओं ने उनके खिलाफ चिट्ठियां लिखी थीं। वे पिछले तीन चुनावों में हार चुके हैं लेकिन असम कांग्रेस में उनका प्रभाव रहा है। हिमंता बिस्वा सरमा और भूपेन बोरा कॉलेज के दिनों के दोस्त हैं। सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा को टिकट के लिए नहीं बल्कि पार्टी में योगदान के लिए शामिल किया जा रहा है।
असम विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और बीजेपी के बीच वोट शेयर में ज्यादा अंतर नहीं है। 2021 के चुनावों में बीजेपी को 33.21 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि कांग्रेस को 29.67 प्रतिशत। भूपेन बोरा के जाने से कांग्रेस को झटका लग सकता है। सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा के आने से बीजेपी को 100 सीटें जीतने में मदद मिलेगी।
भूपेन बोरा ने एक साक्षात्कार में कहा कि गौरव गोगोई चेहरा हैं जबकि रकीबुल हुसैन बेस हैं। उन्होंने कहा कि अगर गोगोई जारी रहे तो कांग्रेस विपक्ष के रूप में भी नहीं पहचानी जाएगी। भूपेन बोरा ने कांग्रेस की जमीन पर कमजोरी का जिक्र किया।
यह घटना असम की राजनीति में बदलाव का संकेत है। कांग्रेस से कई नेता पहले भी बीजेपी में गए हैं। हिमंता बिस्वा सरमा खुद कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे। भूपेन बोरा का फैसला चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान है।
सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा गंभीर अवसाद से गुजर रहे थे जिसके कारण उन्होंने कांग्रेस छोड़ी। उन्होंने चुनावों पर चर्चा नहीं की। सरमा ने भूपेन बोरा को अपना एजेंट होने से इनकार किया और कहा कि उन्होंने कांग्रेस की आंतरिक बातें बताईं जो भूपेन बोरा को चौंकाने वाली थीं।
भूपेन बोरा के इस्तीफे ने कांग्रेस में हलचल मचा दी। पार्टी ने उनके फैसले पर अफसोस जताया लेकिन अब बीजेपी में उनके शामिल होने की पुष्टि हो गई है। 22 फरवरी का कार्यक्रम बड़ा होगा जहां कई नेता शामिल होंगे।
असम में चुनावों की तैयारी चल रही है। बीजेपी मजबूत स्थिति में है जबकि कांग्रेस आंतरिक कलह से जूझ रही है। भूपेन बोरा का जाना कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर असर डालेगा।
सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा को अगर चुनाव लड़ना है तो सुरक्षित सीट दी जाएगी। लेकिन अभी चुनाव पर फोकस नहीं है। भूपेन बोरा ने कांग्रेस में नेपोटिज्म और साइडलाइनिंग का आरोप लगाया था।
यह मामला असम की राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर देगा। कांग्रेस को नए नेतृत्व की तलाश करनी होगी जबकि बीजेपी को मजबूती मिलेगी।
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