बिहार उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का विवादास्पद बयान: काफिले पर हमले के बाद बॉडीगार्ड से कहा, फायरिंग नहीं कर सकता तो रहने का क्या फायदा। 

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में लखीसराय जिले के खोरियारी गांव में एक बड़ा हंगामा हो गया। उपमुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा का काफिला

Nov 7, 2025 - 13:43
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बिहार उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का विवादास्पद बयान: काफिले पर हमले के बाद बॉडीगार्ड से कहा, फायरिंग नहीं कर सकता तो रहने का क्या फायदा। 
बिहार उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का विवादास्पद बयान: काफिले पर हमले के बाद बॉडीगार्ड से कहा, फायरिंग नहीं कर सकता तो रहने का क्या फायदा। 

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में लखीसराय जिले के खोरियारी गांव में एक बड़ा हंगामा हो गया। उपमुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा का काफिला 6 नवंबर को गांव में घुसते ही भीड़ ने घेर लिया। भीड़ ने चप्पलें फेंकीं, पत्थर मारे, गोबर उछाला और मुर्दाबाद के नारे लगाए। सिन्हा ने इसे राजद के गुंडों की साजिश बताया और मौके पर ही लखीसराय एसपी अजय कुमार को फोन कर फटकार लगाई। इस दौरान सिन्हा का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वे अपने बॉडीगार्ड से गुस्से में कहते सुनाई दे रहे हैं, "जब फायरिंग नहीं कर सकता है, तो बॉडीगार्ड रहने का क्या फायदा?" यह बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। विपक्ष ने इसे पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों का अपमान बताया, जबकि भाजपा ने इसे गुस्से का क्षणिक प्रस्फुटन करार दिया। चुनाव आयोग ने बिहार डीजीपी को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। यह घटना बिहार चुनावों में हिंसा और तनाव की एक और मिसाल बन गई, जहां सिन्हा खुद लखीसराय सीट से मैदान में हैं।

घटना की शुरुआत दोपहर करीब 1 बजे हुई। सिन्हा मतदान केंद्रों का दौरा कर रहे थे। खोरियारी गांव के बूथ नंबर 404 और 405 पर पहुंचते ही कुछ लोग सड़क पर आ गए। वे सिन्हा के काफिले को आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे। भीड़ में महिलाएं और बच्चे भी थे, जो शिकायतें कर रहे थे। सिन्हा ने दावा किया कि राजद समर्थकों ने उनके पोलिंग एजेंट को बूथ से भगाया और मतदाताओं को डराया। जैसे ही काफिला रुका, चप्पलें और पत्थर आने लगे। एक चप्पल सिन्हा की गाड़ी पर लगी। गोबर भी फेंका गया। सिन्हा गाड़ी से उतरे और एसपी को फोन लगाया। फोन पर वे चिल्लाते हुए कहते सुनाई दिए, "एसपी साहब, स्पेशल फोर्स भेजिए। मैं धरने पर बैठूंगा। मेरी गाड़ी पर पत्थर और चप्पल फेंके गए। बॉडीगार्ड्स पर हमला हुआ।" फिर बॉडीगार्ड की ओर मुड़कर बोले, "फायरिंग नहीं कर सकता तो बॉडीगार्ड का क्या फायदा?" यह वाक्य कैमरे में कैद हो गया। सिन्हा ने कहा कि राजद वाले जंगलराज लाना चाहते हैं, लेकिन एनडीए की सरकार में गुंडों की छाती पर बुलडोजर चलेगा।

सिन्हा लखीसराय से भाजपा उम्मीदवार हैं। वे 2010 से इस सीट से विधायक हैं और जनवरी 2024 से उपमुख्यमंत्री हैं। एनडीए में नीतीश कुमार के साथ उनकी जोड़ी मजबूत मानी जाती है। सिन्हा ने प्रेस को बताया कि राजद हार के डर से हिंसा कर रही है। उन्होंने कहा, "ये राजद के गुंडे हैं। मेरे एजेंट को भगाया। मतदाताओं को रोका। एनडीए सत्ता में आ रही है, इसलिए इनकी छाती पर बुलडोजर चलेगा।" सिन्हा ने चुनाव आयोग से शिकायत की और केंद्रीय बलों की मांग की। उन्होंने एसपी को कमजोर और कायर बताया। दूसरी ओर, राजद एमएलसी अजय सिंह ने पलटवार किया। वे भी मौके पर थे। अजय सिंह ने सिन्हा पर मतदाताओं को डराने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं के बीच गाली-गलौज तक बात पहुंच गई। अजय सिंह ने कहा, "सिन्हा शराब पीकर आए थे। वे महिलाओं को धमका रहे थे।" सिन्हा ने जवाब दिया, "राजद वाले नशे में थे। ये हार की बौखलाहट है।"

पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे। मौके पर पुलिस थी, लेकिन फायरिंग नहीं हुई। सिन्हा के बॉडीगार्ड पैरामिलिट्री फोर्स के जवान थे, जो चुनाव ड्यूटी पर तैनात थे। पैरामिलिट्री जवानों को सख्त ट्रेनिंग मिलती है। वे तभी फायर करेंगे जब जान का खतरा हो या आदेश हो। गोबर और चप्पल फेंकना अपराध है, लेकिन फायरिंग का आधार नहीं। सिन्हा का बयान सुनकर जवानों का मनोबल गिरा। सोशल मीडिया पर पैरामिलिट्री जवानों के समर्थन में पोस्ट्स आए। एक जवान ने लिखा, "हम वर्दी का सम्मान करते हैं। मंत्री जी ने गलत कहा।" चुनाव आयोग ने डीजीपी विनय कुमार को तुरंत एक्शन लेने को कहा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, "कानून अपने हाथ में कोई नहीं लेगा।" डीजी मुनger राकेश कुमार गांव पहुंचे और जांच शुरू की। जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्रा ने कहा, "शिकायतें जांचेंगे। शांति बहाल है।"

यह घटना बिहार चुनावों में हिंसा की याद दिलाती है। पहले चरण में 71 सीटों पर मतदान हुआ। लखीसराय में मतदान प्रतिशत 55 रहा। सिन्हा की सीट पर राजद से अजय सिंह के भाई प्रतिद्वंद्वी हैं। राजद ने इसे भाजपा की हार का संकेत बताया। तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, "जनता जंगलराज नहीं, भाजपा राज नहीं चाहती।" भाजपा ने पलटवार किया। अमित शाह ने कहा, "बिहार में एनडीए की लहर है। गुंडे बौखलाए हैं।" नीतीश कुमार ने शांति की अपील की। घटना के वीडियो यूट्यूब और एक्स पर वायरल हो गए। एनडीटीवी, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडिया टुडे और द हिंदू ने कवर किया। वीडियो में सिन्हा का गुस्सा साफ दिखा। बॉडीगार्ड खामोश खड़े रहे।

सिन्हा का बयान विवादास्पद है। पैरामिलिट्री जवानों को ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि फायरिंग आखिरी विकल्प है। चुनाव में फ्री एंड फेयर वोटिंग के लिए बल प्रयोग सीमित है। सिन्हा ने बाद में सफाई दी कि वे गुस्से में थे। उन्होंने कहा, "पुलिस निष्क्रिय थी। गुंडों पर एक्शन होना चाहिए।" लेकिन विपक्ष ने इसे जवानों का अपमान बताया। कांग्रेस ने कहा, "भाजपा नेता अहंकार में हैं।" राजद ने वीडियो शेयर कर पूछा, "क्या यही सुशासन है?" सोशल मीडिया पर #GobarKeBadleGoli और #VijaySinha ट्रेंड किए। एक यूजर ने लिखा, "मंत्री जी, जवान गोबर से गोली नहीं चलाते।" पैरामिलिट्री एसोसिएशन ने बयान पर ऐतराज जताया।

घटना से बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठे। एनडीए सरकार बुलडोजर एक्शन की बात करती है, लेकिन यहां पुलिस पर सवाल। चुनाव आयोग ने सभी जिलों को अलर्ट किया। दूसरे चरण में हिंसा न हो, इसके लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए। सिन्हा ने गांव वालों से माफी नहीं मांगी, बल्कि कहा, "गुंडों पर कार्रवाई होगी।" राजद ने एफआईआर की मांग की। पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया। जांच में पता चलेगा कि हमला प्लान्ड था या स्पॉन्टेनियस।

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