Supriya Shrinate Hits Out At Amit Shah - महापुरुषों के बीच अंतर करना और प्रतिस्पर्धा कराना भाजपा का गंदा खेल: सुप्रिया श्रीनेत
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि महापुरुषों के बीच प्रतिस्पर्धा कराना भाजपा की संकीर्ण राजनीति है।

देश के ऐतिहासिक महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर गहरा गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता और सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय नायकों के बीच कृत्रिम अंतर पैदा करना और उनके योगदानों की आपस में तुलना कराना सत्ताधारी दल का विभाजनकारी एजेंडा बन चुका है।
'महानायकों में प्रतिस्पर्धा कराना घिनौनी सोच'
सुप्रिया श्रीनेत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि देश के महान व्यक्तित्वों के बीच अंतर पैदा करना और उन्हें एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश करना भाजपा का "गंदा राजनीतिक खेल" है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र निर्माण में अपनी आहुति देने वाले सभी महानायक देशवासियों के लिए समान रूप से पूज्य और वंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि चाहे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हों, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू हों, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल हों, नेताजी सुभाष चंद्र बोस हों या पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी—इन सभी का योगदान अतुलनीय है और इनके बीच किसी प्रकार की तुलना या प्रतिस्पर्धा की सोच ही अनुचित है।
कृतज्ञ राष्ट्र सरदार पटेल और इंदिरा गांधी दोनों को करता है नमन
कांग्रेस प्रवक्ता ने रेखांकित किया कि 31 अक्टूबर का दिन देश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि का अवसर है। उन्होंने कहा कि यह पूरा कृतज्ञ देश आज सरदार पटेल और इंदिरा गांधी दोनों को समान श्रद्धा, कृतज्ञता और समर्पण भाव से याद कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह दोनों नेताओं ने अपने जीवन और बलिदान से भारत की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखा, उसे किसी संकीर्ण राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जा सकता।
इतिहास और विरासत के राजनीतिकरण का विरोध
सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार पर इतिहास को विकृत करने और स्वतंत्रता सेनानियों के बीच विभाजनकारी रेखाएं खींचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए देश के ऐतिहासिक नायकों का उपयोग करना और एक नेता को बड़ा दिखाने के लिए दूसरे को कमतर आंकना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने मांग की कि सत्ता में बैठे शीर्ष नेताओं को देश के साझा इतिहास और महापुरुषों के प्रति गरिमापूर्ण दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
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