Maharashtra MLC Polls Fallout - विधान परिषद चुनाव में हार के बाद महायुति में घमासान, बीजेपी और शिवसेना में भीतरघात के आरोप
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में हार के बाद महायुति में दरार बढ़ गई है। बीजेपी और शिवसेना के बीच भीतरघात के आरोपों के बाद आलाकमान ने सुलह के निर्देश दिए हैं।

महाराष्ट्र विधान परिषद के हालिया द्विवार्षिक चुनावी नतीजों के बाद सत्ताधारी गठबंधन 'महायुति' के भीतर सियासी भूचाल आ गया है। चुनाव में गठबंधन को मिली अप्रत्याशित हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच अंदरूनी खींचतान खुलकर सड़कों और मीडिया के सामने आ गई है। दोनों ही दलों के वरिष्ठ और स्थानीय नेताओं ने एक-दूसरे पर गठबंधन धर्म का पालन न करने और चुनाव के दौरान रणनीतिक भीतरघात (क्रॉस-वोटिंग) करने के खुले आरोप लगाए हैं।
सार्वजनिक बयानबाजी से असहज हुआ गठबंधन
चुनावी नतीजों की घोषणा के तुरंत बाद दोनों दलों के नेताओं की ओर से आई तल्ख प्रतिक्रियाओं ने गठबंधन में दरार को गहरा कर दिया। भाजपा नेताओं का आरोप है कि शिवसेना खेमे के विधायकों और स्थानीय संगठनात्मक तंत्र ने अधिकृत उम्मीदवारों को अपेक्षित समर्थन नहीं दिया, जिससे तय मतों का बिखराव हुआ। दूसरी ओर, शिवसेना नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के कुछ असंतुष्ट धड़ों ने जानबूझकर चुनावी गणित बिगाड़ने का प्रयास किया। दोनों दलों के प्रवक्ताओं और नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से चले इस वाकयुद्ध ने सरकार की कार्यप्रणाली और आगामी चुनावी रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली में भाजपा आलाकमान का सख्त रुख
महाराष्ट्र की इस अभूतपूर्व राजनीतिक रार पर देश की राजधानी नई दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। शीर्ष राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य से आ रही लगातार बयानबाजी और गुटबाजी की घटनाओं का तत्काल संज्ञान लिया है। आलाकमान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह के टकराव से गठबंधन की छवि धूमिल हो रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गलतफहमियां दूर करने और एकजुटता का अल्टीमेटम
केंद्रीय नेतृत्व ने महाराष्ट्र के दोनों प्रमुख दलों के शीर्ष नेताओं को निर्देश दिया है कि वे तत्काल एक संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित करें। दिल्ली से आए संदेश में कहा गया है कि दोनों दल आमने-सामने बैठकर आंतरिक मतभेदों, आंकड़ों के हेरफेर और शिकायतों की समीक्षा करें और हर स्तर पर पनपी गलतफहमी को फौरन समाप्त करें। आगामी स्थानीय निकाय और आम राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व ने नेताओं को चेतावनी दी है कि वे गठबंधन मर्यादा का उल्लंघन करने वाले बयानों से पूरी तरह परहेज करें और महायुति की एकता को प्राथमिकता दें।
What's Your Reaction?









