बढ़ती उम्र के थपेड़ों से त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए बेहद कारगर हैं ये घरेलू चीजें, रात भर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करने से मिलेगा बेदाग निखार।
आधुनिक जीवनशैली में अत्यधिक मानसिक तनाव, असंतुलित खान-पान, नींद की कमी और लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण का सबसे पहला
- एंटी-एजिंग क्रीम और महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की जगह प्राकृतिक उपायों को अपनाएं, रात को पानी में भीगे सुपरफूड्स त्वचा की झुर्रियों और ढीलेपन को करेंगे दूर।
- स्वस्थ, चमकदार और जवां त्वचा पाने का सबसे आसान और प्राकृतिक घरेलू नुस्खा, रोजाना सुबह भीगी हुई प्राकृतिक चीजों के सेवन से अंदरूनी रूप से महकेगा चेहरा।
आधुनिक जीवनशैली में अत्यधिक मानसिक तनाव, असंतुलित खान-पान, नींद की कमी और लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण का सबसे पहला और गहरा नकारात्मक प्रभाव मनुष्य की त्वचा पर दिखाई देने लगता है। समय से पहले चेहरे पर बारीक रेखाएं, झुर्रियां, कालापन और त्वचा का ढीला पड़ जाना आजकल एक बेहद आम समस्या बन चुकी है, जिससे न केवल महिलाएं बल्कि पुरुष भी समान रूप से परेशान रहते हैं। बाजार में उपलब्ध तरह-तरह के रासायनिक एंटी-एजिंग क्रीम, सीरम और महंगे कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट अस्थाई रूप से तो त्वचा को चमका देते हैं, लेकिन लंबे समय में इनके इस्तेमाल से त्वचा की प्राकृतिक नमी और कोमलता पूरी तरह नष्ट हो जाती है। ऐसे में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के अनुसार, शरीर को अंदरूनी रूप से पोषण देना ही त्वचा को लंबे समय तक जवां और चमकदार बनाए रखने का एकमात्र और सबसे सुरक्षित तरीका है, जिसके लिए हमारे किचन में मौजूद कुछ खास चीजें बेहद मददगार साबित होती हैं।
त्वचा की कोशिकाओं को नया जीवन देने और बढ़ती उम्र के लक्षणों को रोकने के लिए बादाम को एक बेहद शक्तिशाली और सर्वोत्तम सुपरफूड माना जाता है। बादाम में प्रचुर मात्रा में विटामिन ई, स्वस्थ वसा और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो त्वचा की कोशिकाओं को मुक्त कणों यानी फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। जब बादाम को रात भर के लिए पानी में भिगोकर रख दिया जाता है, तो इसके छिलके में मौजूद टैनिन नामक तत्व पूरी तरह से निकल जाता है, जो शरीर को पोषक तत्वों को सोखने से रोकता है। सुबह उठकर भीगे हुए बादाम का छिलका उतारकर खाने से शरीर को सीधे तौर पर शुद्ध विटामिन ई प्राप्त होता है, जो त्वचा के भीतर कोलाजन के उत्पादन को तेजी से बढ़ाता है। कोलाजन एक ऐसा महत्वपूर्ण प्रोटीन है जो त्वचा के लचीलेपन और कसावट को बनाए रखने का काम करता है, जिससे चेहरे पर महीन रेखाएं और झुर्रियां उभरने की प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाती है।
बादाम के साथ-साथ भीगी हुई किशमिश और मुनक्के का नियमित सेवन भी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए एक वरदान की तरह काम करता है। किशमिश और मुनक्के में प्रचुर मात्रा में आयरन, पोटैशियम और फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं, जो शरीर के भीतर जाकर रक्त के शुद्धिकरण की प्रक्रिया को अत्यंत तीव्र कर देते हैं। रात भर पानी में भीगने के कारण इनके भीतर मौजूद प्राकृतिक शर्करा और एंटीऑक्सीडेंट अधिक सक्रिय हो जाते हैं, और जब सुबह खाली पेट इस पानी और भीगी हुई किशमिश का सेवन किया जाता है, तो यह शरीर के भीतर मौजूद विषाक्त पदार्थों यानी टॉक्सिन्स को पूरी तरह से बाहर निकाल फेंकता है। रक्त साफ होने का सीधा असर चेहरे पर दिखाई देता है, जिससे चेहरे के मुंहासे, काले धब्बे और आंखों के नीचे होने वाले डार्क सर्कल्स धीरे-धीरे पूरी तरह समाप्त हो जाते हैं और त्वचा में एक प्राकृतिक गुलाबी चमक और सादगी लौट आती है। प्राकृतिक चीजों को भिगोने के लिए हमेशा कांच या मिट्टी के बर्तनों का ही उपयोग करना चाहिए, क्योंकि प्लास्टिक या धातु के बर्तनों में रासायनिक प्रतिक्रिया होने का खतरा रहता है जो पोषक तत्वों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
त्वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखने और रूखेपन के कारण होने वाली झुर्रियों को रोकने में चिया सीड्स और अलसी के बीज (फ्लैक्स सीड्स) बेहद चमत्कारी परिणाम देते हैं। इन दोनों ही बीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड की बहुत भारी मात्रा पाई जाती है, जिसे त्वचा की सेहत के लिए अमृत माना जाता है। रात भर पानी में भीगने के बाद चिया सीड्स एक जेल जैसा रूप ले लेते हैं, जो शरीर के भीतर जाकर पानी के स्तर को बनाए रखता है और त्वचा को अंदर से हाइड्रेटेड रखता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड त्वचा की बाहरी परत को मजबूती प्रदान करता है, जिससे बाहरी धूप, धूल-मिट्टी और प्रदूषण के हानिकारक प्रभाव त्वचा के भीतर प्रवेश नहीं कर पाते हैं। जिन लोगों की त्वचा अत्यधिक सूखी होती है और समय से पहले बूढ़ी दिखने लगती है, उनके लिए भीगे हुए बीजों का यह मिश्रण त्वचा में नई जान फूंकने और उसे कोमल व चमकदार बनाने का सबसे सटीक इलाज है।
अखरोट को केवल दिमाग तेज करने के लिए ही नहीं, बल्कि त्वचा की रंगत सुधारने और बढ़ती उम्र को थामने के लिए भी एक बेहतरीन एंटी-एजिंग टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। अखरोट के भीतर विटामिन बी5, विटामिन ई और जिंक जैसे महत्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा की मरम्मत यानी सेल रिपेयरिंग की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सूखे अखरोट की तासीर काफी गर्म होती है, जिसके कारण कुछ लोगों को इसके सेवन से चेहरे पर दाने निकलने की समस्या हो जाती है, लेकिन जब इसे रात भर पानी में भिगो दिया जाता है, तो इसकी अत्यधिक गर्मी पूरी तरह शांत हो जाती है और यह पचने में बेहद आसान हो जाता है। सुबह भीगे हुए अखरोट का सेवन करने से त्वचा की झाइयां दूर होती हैं और यह चेहरे की क्षतिग्रस्त त्वचा की मरम्मत करके उसे एक समान और बेदाग रंगत प्रदान करने में पूरी तरह सक्षम है।
इन सभी सुपरफूड्स के अलावा, भीगी हुई मेथी के दाने और सौंफ का पानी भी पेट की कतरनों को साफ करके त्वचा को चमकाने का एक प्राचीन और बेहद असरदार नुस्खा है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, हमारी त्वचा की सेहत का सीधा संबंध हमारे पाचन तंत्र और पेट की सफाई से होता है; यदि पेट में कब्ज या गैस की समस्या होगी, तो चेहरा कभी भी साफ और चमकदार नहीं दिख सकता। रात भर भीगी हुई मेथी के दाने शरीर में हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने का काम करते हैं, जो विशेष रूप से महिलाओं में बढ़ती उम्र के कारण होने वाले त्वचा के बदलावों को नियंत्रित करता है। सुबह उठकर मेथी और सौंफ के भीगे हुए पानी का सेवन करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म सुधरता है और पेट पूरी तरह साफ होता है, जिससे चेहरे पर एक अनोखा और स्थाई निखार आता है जो किसी भी बाहरी फेशियल या ब्लीच से कहीं अधिक बेहतर और दीर्घकालिक होता है।
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