27th Kargil Vijay Diwas: कारगिल के 527 अमर शहीदों को नमन, पीएम मोदी से लेकर रक्षा मंत्री और विपक्ष ने दी श्रद्धांजलि
27वें कारगिल विजय दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राहुल गांधी ने 'ऑपरेशन विजय' के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी।

- Kargil Vijay Diwas 2026: 27वें कारगिल विजय दिवस पर पीएम मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी ने वीर जवानों को किया नमन
- Kargil Vijay Diwas: 'दुश्मन को घुटने टेकने पर किया मजबूर', कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर दिग्गजों ने किया नमन
- 27th Kargil Vijay Diwas: कारगिल विजय दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और राहुल गांधी का देश को संदेश
भारत आज वर्ष 1999 के ऐतिहासिक कारगिल युद्ध में मिली शानदार जीत की याद में कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस खास मौके पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत देश की तमाम बड़ी हस्तियों ने 'ऑपरेशन विजय' के दौरान देश की संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। यह दिन पाकिस्तान द्वारा की गई घुसपैठ को नाकाम कर रणनीतिक ऊंचाइयों पर तिरंगा फहराने वाले 527 वीर शहीदों की गाथा को याद करने और सेना के अद्भुत शौर्य को नमन करने का प्रतीक है। देश भर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में वीर शहीदों के परिजनों और जांबाज सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है।
कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को 'ऑपरेशन विजय' की सफल समाप्ति की स्मृति में मनाया जाता है। वर्ष 1999 में लद्दाख के कारगिल, द्रास, बटालिक और तुर्तुक सेक्टरों में पाकिस्तानी सेना और घुसपैठियों ने धोखे से भारत की रणनीतिक चोटियों पर कब्जा कर लिया था। भारतीय सशस्त्र बलों ने विषम परिस्थितियों, माइनस तापमान और खड़ी पहाड़ियों के बावजूद अद्भुत रणनीति और साहस का परिचय देते हुए करीब दो महीने चले इस युद्ध में दुश्मन को मार भगाया था। इस युद्ध में देश के 527 बहादुर सैनिकों ने अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। आज देश अपनी इस ऐतिहासिक जीत की 27वीं वर्षगांठ मना रहा है।
रविवार को कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व और सैन्य कमान ने सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को स्मरण किया। लद्दाख स्थित द्रास कारगिल वॉर मेमोरियल से लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक देश भर में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपने आधिकारिक संदेश के जरिए जवानों के योगदान की सराहना की। इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी भारतीय सेना के पराक्रम, त्याग और शौर्य पर अपने विचार साझा किए। 'ऑपरेशन विजय' में भाग लेने वाले पूर्व सैनिकों, सेवारत जवानों और शहीदों के परिवारों के सम्मान में सैन्य प्रतिष्ठानों पर विशेष स्मारक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर देश के नेताओं ने सेना के त्याग को रेखांकित करते हुए अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं:
-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: पीएम मोदी ने 'एक्स' पर लिखा कि कारगिल विजय दिवस पर देश भारत की सुरक्षा के लिए बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करता है। उन्होंने कहा, "बेहद कठिन परिस्थितियों में भी उनका अदम्य साहस हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य-निष्ठा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।"
-
गृह मंत्री अमित शाह: गृह मंत्री ने 'ऑपरेशन विजय' को भारतीय सेना के अदम्य शौर्य का प्रतीक बताया। उन्होंने लिखा, "वर्ष 1999 में हिमालय की दुर्गम बर्फीली चोटियों पर विषम परिस्थितियों और शत्रु के ऊंचाई पर स्थित मोर्चों के बावजूद, हमारे वीर जवानों ने 'ऑपरेशन विजय' के माध्यम से दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उन सभी वीर सपूतों को नमन जिन्होंने देश की अखंडता को अक्षुण्ण रखा।"
-
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: रक्षा मंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस कोई सामान्य दिन नहीं है, बल्कि यह हर उस युवा के लिए प्रेरणा का दिन है जो व्यक्तिगत सफलता और राष्ट्रीय कर्तव्य के बीच का अंतर समझना चाहता है। उन्होंने आगे कहा कि यह दिन सिखाता है कि बलिदान और सेवा का भाव ही किसी भी राष्ट्र की मजबूत रीढ़ होता है।
-
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी: राहुल गांधी ने भी अमर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, "भारत की सीमा की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर जवानों को कारगिल विजय दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। देश आपके साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।"
27वां कारगिल विजय दिवस देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्र सेवा और देशभक्ति का संदेश देता है। 1999 का कारगिल युद्ध न केवल भारतीय सैन्य इतिहास में एक मील का पत्थर था, बल्कि इसने आधुनिक सैन्य रणनीति और दुर्गम क्षेत्रों में युद्ध कौशल के मामले में वैश्विक स्तर पर भारतीय सशस्त्र बलों का लोहा मनवाया। यह दिन देशवासियों में राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा जागरूकता और रक्षा बलों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करता है।
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में सैन्य आयोजनों, रन फॉर कारगिल, एनसीसी कैडेट्स की रैलियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर जारी रहेगा। इसके अलावा, सरकार द्वारा रक्षा बलों के आधुनिकीकरण और सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया जा रहा है ताकि आने वाले समय में सीमा सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
What's Your Reaction?







