हैदराबाद का 'राजीव गांधी स्टेडियम' बना SRH का अभेद्य किला: लगातार 9वीं जीत के साथ तोड़ा धोनी की CSK का सालों पुराना रिकॉर्ड।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 49वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने न केवल पंजाब किंग्स (PBKS) को करारी
- पैट कमिंस की सेना ने रचा इतिहास: एक ही मैदान पर किसी टीम के खिलाफ सबसे लंबी विनिंग स्ट्रीक का नया कीर्तिमान स्थापित।
- पंजाब किंग्स की शर्मनाक हार: हैदराबाद में हार का 'नौवां' सिलसिला, आईपीएल इतिहास के सबसे खराब रिकॉर्ड की लिस्ट में शामिल हुई प्रीति जिंटा की टीम।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 49वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने न केवल पंजाब किंग्स (PBKS) को करारी शिकस्त दी, बल्कि आंकड़ों की दुनिया में भी अपनी बादशाहत कायम कर ली है। बुधवार रात हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में सनराइजर्स ने पंजाब किंग्स को 33 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ ही हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, जिसे तोड़ना अब तक नामुमकिन माना जा रहा था। हैदराबाद ने अपने घरेलू मैदान पर पंजाब किंग्स के खिलाफ लगातार नौवीं जीत दर्ज की है। यह आईपीएल इतिहास में किसी भी टीम द्वारा एक विशेष प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक ही स्थान पर सबसे लंबी जीत का सिलसिला (विनिंग स्ट्रीक) बन गया है। इससे पहले यह गौरवशाली रिकॉर्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम था, जिन्होंने चेपॉक स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ लगातार आठ मैच जीते थे। मैच की शुरुआत से ही सनराइजर्स हैदराबाद का इरादा साफ नजर आ रहा था। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद की टीम ने बोर्ड पर 235 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। हेनरिक क्लासेन और ईशान किशन की धमाकेदार बल्लेबाजी ने पंजाब के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी। क्लासेन ने जहां 43 गेंदों में 69 रनों की पारी खेली, वहीं ईशान किशन ने 55 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस विशाल स्कोर के जवाब में पंजाब किंग्स की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 202 रन ही बना सकी। हालांकि, पंजाब की ओर से युवा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कूपर कोनोली ने नाबाद 107 रनों की शतकीय पारी खेलकर सबका दिल जीता, लेकिन वे अपनी टीम को हार की शर्मिंदगी से नहीं बचा सके। इस जीत के साथ ही हैदराबाद की टीम आईपीएल 2026 की अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है, जबकि पंजाब किंग्स को अपना नंबर वन का ताज गंवाना पड़ा है।
हैदराबाद की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने चेन्नई सुपर किंग्स के वर्चस्व को चुनौती दी है। चेन्नई ने 2010 से 2024 के बीच बेंगलुरु के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर अजय रहने का जो रिकॉर्ड बनाया था, उसे हैदराबाद ने साल 2015 से 2026 के बीच पंजाब को लगातार हराकर पार कर लिया है। हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में पंजाब किंग्स का रिकॉर्ड इतना खराब है कि उन्होंने यहां पिछले कई सालों से जीत का स्वाद नहीं चखा है। सनराइजर्स ने अब इस मैदान पर पंजाब के खिलाफ खेले गए कुल 11 मुकाबलों में से 10 में जीत हासिल की है, जो किसी भी टीम के लिए एक डरावने आंकड़े जैसा है। यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि हैदराबाद ने अपनी परिस्थितियों का फायदा उठाने में महारत हासिल कर ली है और उनका घरेलू मैदान अब किसी भी विपक्षी टीम के लिए 'मौत की घाटी' साबित हो रहा है। आईपीएल के इतिहास में अब तक मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स को वानखेड़े में 7 बार और चेन्नई ने दिल्ली को चेपॉक में 7 बार लगातार हराया था। लेकिन अब हैदराबाद की यह 9वीं लगातार जीत इस सूची में सबसे ऊपर पहुंच गई है। यह किसी भी टीम के लिए मानसिक मजबूती का एक बड़ा उदाहरण है। दूसरी ओर, पंजाब किंग्स के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है जिसे कोई भी टीम अपने नाम नहीं करना चाहेगी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब किंग्स की टीम अब आईपीएल इतिहास की ऐसी टीम बन गई है जिसे किसी एक विशेष स्टेडियम में सबसे अधिक बार लगातार हार का सामना करना पड़ा है। पंजाब की टीम साल 2015 के बाद से हैदराबाद में एक भी मैच नहीं जीत पाई है। लगातार नौ हार के इस शर्मनाक आंकड़े ने टीम के मनोबल पर गहरा असर डाला है। पंजाब के लिए यह हार इसलिए भी ज्यादा चुभने वाली है क्योंकि वे इस मैच से पहले अंक तालिका में पहले स्थान पर थे और इस हार ने उन्हें सीधे दूसरे स्थान पर धकेल दिया है। टीम की खराब फील्डिंग और महत्वपूर्ण मौकों पर कैच छोड़ना उनकी हार का मुख्य कारण बना।
हैदराबाद के बल्लेबाजों का दबदबा इस कदर रहा कि उन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ एक पारी में 17 छक्के जड़े, जो इस सीजन का एक और रिकॉर्ड है। अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड की सलामी जोड़ी ने पावरप्ले में ही तबाही मचाते हुए 54 रन जोड़ दिए थे। इसके बाद हेनरिक क्लासेन ने अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखा और इस सीजन में अपने 494 रन पूरे कर ऑरेंज कैप की रेस में भी सबसे आगे निकल गए हैं। हैदराबाद की बल्लेबाजी यूनिट इस समय इतनी घातक नजर आ रही है कि वे किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। पंजाब के गेंदबाजों ने कई जीवनदान दिए, जिसका खामियाजा उन्हें स्कोरबोर्ड पर लगे 235 रनों के रूप में भुगतना पड़ा। युजवेंद्र चहल जैसे अनुभवी स्पिनर भी इस रन-फेस्ट में बेअसर साबित हुए। पंजाब किंग्स की बल्लेबाजी के दौरान कूपर कोनोली का संघर्ष काबिल-ए-तारीफ था। उन्होंने महज 22 साल की उम्र में आईपीएल शतक जड़कर एक नया कीर्तिमान बनाया। वे आईपीएल इतिहास में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के विदेशी खिलाड़ी बन गए हैं, उन्होंने क्विंटन डी कॉक के पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त किया। कोनोली ने अपनी पारी में कई आकर्षक शॉट लगाए और अंत तक टिके रहे, लेकिन पैट कमिंस की चतुर कप्तानी और सटीक गेंदबाजी बदलावों ने पंजाब को कभी भी लक्ष्य के करीब नहीं पहुंचने दिया। हैदराबाद के लिए कप्तान पैट कमिंस ने शुरुआती सफलताएं दिलाकर पंजाब की कमर तोड़ दी थी, जिसके बाद मध्यक्रम के बल्लेबाज दबाव में बिखर गए और मार्कस स्टोइनिस जैसे बड़े हिटर भी कुछ खास नहीं कर सके।
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