UAE राष्ट्रपति की दो घंटे की दिल्ली यात्रा, PM मोदी के साथ ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर बड़ी डील हुई।

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सिर्फ दो घंटे की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण यात्रा पर 19 जनवरी 2026 को दिल्ली पहुंचे

Jan 20, 2026 - 11:38
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UAE राष्ट्रपति की दो घंटे की दिल्ली यात्रा, PM मोदी के साथ ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर बड़ी डील हुई।
UAE राष्ट्रपति की दो घंटे की दिल्ली यात्रा, PM मोदी के साथ ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर बड़ी डील हुई।
  • दिल्ली एयरपोर्ट पर PM मोदी ने किया UAE राष्ट्रपति का स्वागत, दो घंटे में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य तय
  • UAE प्रेसिडेंट की संक्षिप्त भारत यात्रा में LNG सप्लाई, डिफेंस फ्रेमवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर समझौते

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सिर्फ दो घंटे की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण यात्रा पर 19 जनवरी 2026 को दिल्ली पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया और दोनों नेताओं ने व्यापक चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी, जिसमें ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और निवेश प्रमुख रहे।

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 19 जनवरी 2026 को भारत की आधिकारिक यात्रा पर दिल्ली पहुंचे। यह यात्रा महज दो घंटे की थी, जिसमें उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर पीएम मोदी से मुलाकात की, जो व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत करने पहुंचे। दोनों नेता एक ही कार में सवार होकर लोक कल्याण मार्ग पर पीएम के आधिकारिक निवास पर गए, जहां उन्होंने द्विपक्षीय वार्ता की। यह UAE राष्ट्रपति की पद संभालने के बाद भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा और पिछले दशक में पांचवीं यात्रा थी। यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की।

वार्ता में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, प्रौद्योगिकी और नवाचार शामिल थे। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया तथा क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता में साझा हित पर जोर दिया। दोनों ने बहुपक्षीय मंचों पर उत्कृष्ट सहयोग और पारस्परिक समर्थन की सराहना की। UAE ने भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता की सफलता के लिए पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। इसके अलावा UAE राष्ट्रपति ने फरवरी 2026 में भारत में होने वाले AI Impact Summit के लिए समर्थन जताया।

ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौता हुआ, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा में UAE के योगदान की सराहना की। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और ADNOC Gas के बीच 10 वर्षीय LNG सप्लाई समझौता हुआ, जिसके तहत 2028 से प्रतिवर्ष 0.5 मिलियन टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होगी। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने पर सहमति जताई तथा 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा। Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA), स्थानीय मुद्रा निपटान प्रणाली और द्विपक्षीय निवेश संधि जैसे ढांचों का उल्लेख किया गया।

रक्षा सहयोग में Letter of Intent पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत रणनीतिक रक्षा साझेदारी फ्रेमवर्क स्थापित करने की दिशा में काम होगा। दोनों नेताओं ने क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद की निंदा की तथा अपराधियों, समर्थकों और फाइनेंसर्स के खिलाफ न्याय सुनिश्चित करने पर सहमति जताई। इंफ्रास्ट्रक्चर में गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन के विकास के लिए गुजरात सरकार और UAE के निवेश मंत्रालय के बीच निवेश सहयोग समझौता हुआ। इस साझेदारी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पायलट ट्रेनिंग स्कूल, MRO सुविधा, ग्रीनफील्ड पोर्ट, स्मार्ट अर्बन टाउनशिप, रेलवे कनेक्टिविटी और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। पीएम मोदी ने UAE के सॉवरेन वेल्थ फंड्स को 2026 में लॉन्च होने वाले दूसरे NIIF इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।

दोनों नेताओं ने प्रौद्योगिकी और नवाचार में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों में। उन्होंने UAE और भारत के बीच 'डिजिटल एम्बेसी' स्थापित करने की संभावना तलाशने के लिए टीमों को निर्देश दिया। भारत ने UAE द्वारा 2026 के अंत में सह-मेजबानी किए जाने वाले UN Water Conference का समर्थन व्यक्त किया, जो SDG 6 पर फोकस करेगा। दोनों ने India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) की शुरुआत को याद किया, जो 2023 में दिल्ली G20 समिट के दौरान लॉन्च हुआ था।

यात्रा के दौरान कई दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ, जिसमें रक्षा, निवेश और अन्य क्षेत्रों के समझौते शामिल थे। विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने इसे छोटी लेकिन अत्यंत प्रभावी यात्रा बताया, जिसमें उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल था। यात्रा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुई, जिसमें ईरान-अमेरिका संबंधों में गिरावट, गाजा में अस्थिरता और यमन संघर्ष प्रमुख थे। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार साझा किए।

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