ट्रंप का यूक्रेन पर तीखा तंज- जेलेंस्की ने शांति प्रस्ताव पढ़ा तक नहीं, क्या अब युद्ध खत्म करना नहीं चाहते?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका द्वारा तैयार शांति प्रस्ताव पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर

Dec 8, 2025 - 12:43
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ट्रंप का यूक्रेन पर तीखा तंज- जेलेंस्की ने शांति प्रस्ताव पढ़ा तक नहीं, क्या अब युद्ध खत्म करना नहीं चाहते?
ट्रंप का यूक्रेन पर तीखा तंज- जेलेंस्की ने शांति प्रस्ताव पढ़ा तक नहीं, क्या अब युद्ध खत्म करना नहीं चाहते?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका द्वारा तैयार शांति प्रस्ताव पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की प्रतिक्रिया पर निराशा जताई है। 7 दिसंबर 2025 को वाशिंगटन में केनेडी सेंटर ऑनर्स समारोह से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने आठ युद्ध समाप्त किए हैं, लेकिन रूस-यूक्रेन संघर्ष को रोकना अपेक्षा से कठिन साबित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि जेलेंस्की ने अभी तक प्रस्ताव नहीं पढ़ा है, जबकि उनके सहयोगी इसे पसंद कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि रूस को इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जेलेंस्की की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जेलेंस्की अब युद्ध समाप्त नहीं करना चाहते। यह बयान मियामी में तीन दिनों की अमेरिकी-यूक्रेनी वार्ताओं के ठीक बाद आया, जो प्रस्ताव पर मतभेदों को कम करने के लिए आयोजित की गई थीं, लेकिन कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

ट्रंप का यह बयान यूक्रेन-रूस युद्ध के समाधान के लिए अमेरिकी प्रयासों की पृष्ठभूमि में आया है, जो नवंबर 2025 से तेज हो गए हैं। अमेरिकी प्रशासन ने 20 नवंबर को एक 28-सूत्री शांति प्रस्ताव का ड्राफ्ट तैयार किया, जो रूस के प्रमुख मांगों को पूरा करता प्रतीत होता है। इस प्रस्ताव में यूक्रेन को पूर्वी क्षेत्रों में अतिरिक्त क्षेत्र रूस को सौंपना होगा, सेना का आकार सीमित करना होगा और कभी भी नाटो में शामिल न होने का वादा करना शामिल है। हालांकि, इसमें यूक्रेन के लिए नाटो-शैली की सुरक्षा गारंटी भी है, जिसके तहत अमेरिका और उसके सहयोगी रूस के किसी भी हमले पर सैन्य प्रतिक्रिया दे सकेंगे। यह प्रस्ताव ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो की सलाह से तैयार किया। प्रस्ताव की शुरुआती ड्राफ्ट को रूस के पक्ष में झुका हुआ माना गया, जिससे यूक्रेन में चिंता बढ़ गई। प्रस्ताव की पहली प्रस्तुति 21 नवंबर 2025 को कीव में हुई, जहां अमेरिकी अधिकारियों ने जेलेंस्की के वरिष्ठ सहयोगी रुस्तेम उमेरोव से चर्चा की। उमेरोव ने अधिकांश बिंदुओं पर सहमति जताई, लेकिन कुछ संशोधन सुझाए। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, उमेरोव ने इसे जेलेंस्की को सौंपा, लेकिन राष्ट्रपति ने इसे अभी तक विस्तार से नहीं पढ़ा। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेनी टीम को प्रस्ताव पसंद आया है, लेकिन जेलेंस्की की अनिच्छा वार्ता को बाधित कर रही है। ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने कहा कि मॉस्को प्रस्ताव से सहमत है। हालांकि, पुतिन ने पिछले सप्ताह कुछ प्रावधानों को अमान्य बताया था, लेकिन प्रारंभिक ड्राफ्ट रूस के अनुकूल था। ट्रंप ने जोर दिया कि युद्ध को लंबा खींचना अमेरिका के लिए महंगा पड़ रहा है, जहां अरबों डॉलर और कई जिंदगियां खर्च हो चुकी हैं।

मियामी में 4 से 6 दिसंबर तक चली वार्ताओं में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने यूक्रेनी अधिकारियों के साथ प्रस्ताव के बिंदुओं पर चर्चा की। वार्ता में स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर शामिल थे, जबकि यूक्रेनी पक्ष से रुस्तेम उमेरोव और आंद्रिय ह्नातोव ने हिस्सा लिया। यूक्रेनी राजदूत ओल्गा स्टेफानिशिना ने कहा कि क्षेत्रीय मुद्दे और सुरक्षा गारंटी मुख्य चुनौतियां बनी हुई हैं। वार्ता के अंत में जेलेंस्की ने विटकॉफ और कुश्नर के साथ फोन पर लंबी बातचीत की, जहां उन्होंने कहा कि अमेरिकी पक्ष के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई और शांति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अमेरिका के साथ अच्छे विश्वास में काम करने को प्रतिबद्ध है, लेकिन रूस को जवाबदेह ठहराना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि शांति रूस पर सामूहिक दबाव और मजबूत वार्ता स्थिति पर निर्भर करती है। ट्रंप ने अपने बयान में युद्ध समाप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि वे पुतिन और जेलेंस्की दोनों से बात कर रहे हैं, लेकिन जेलेंस्की की देरी से निराश हैं। ट्रंप ने कहा कि उनके सहयोगी प्रस्ताव से सहमत हैं, लेकिन राष्ट्रपति खुद तैयार नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जेलेंस्की अब युद्ध समाप्त नहीं करना चाहते। यह बयान ट्रंप की पुरानी नीति को दर्शाता है, जहां उन्होंने यूक्रेन को रूस को भूमि सौंपने का सुझाव दिया था। ट्रंप ने कहा कि युद्ध कभी नहीं होना चाहिए था और इसे जल्द समाप्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रूस पूरी यूक्रेन चाहता है, लेकिन प्रस्ताव से संतुष्ट है। ट्रंप ने अपनी दूसरी कार्यकाल की शुरुआत में ही इस मुद्दे को प्राथमिकता दी, जहां उन्होंने वादा किया था कि युद्ध को 24 घंटों में सुलझा देंगे।

यूक्रेन की ओर से प्रतिक्रिया में जेलेंस्की ने 7 दिसंबर को कहा कि उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों के साथ विस्तृत फोन वार्ता की और अपडेट प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन शांति के लिए अमेरिका के साथ काम करने को तैयार है, लेकिन यह गरिमापूर्ण और स्थायी होनी चाहिए। जेलेंस्की ने कहा कि रूस को उसके वादों का पालन करने के लिए दबाव डालना होगा, क्योंकि अतीत में कई बार ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मियामी से लौटने वाले प्रतिनिधिमंडल से व्यक्तिगत रिपोर्ट प्राप्त करेंगे, क्योंकि फोन पर सब कुछ चर्चा नहीं हो सकता। जेलेंस्की ने यूरोपीय सहयोगियों से समर्थन मांगा, जहां उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से सुरक्षा गारंटी पर बात की। मैक्रॉन ने कहा कि प्रस्ताव में यूरोपीय हितों जैसे रूस के जमे हुए संपत्ति और यूक्रेन की यूरोपीय संघ सदस्यता शामिल हैं, इसलिए व्यापक परामर्श जरूरी है। रूस की प्रतिक्रिया में क्रीमलिन ने ट्रंप प्रशासन की नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का स्वागत किया। क्रीमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि यह रणनीति रूस को वैश्विक खतरे के रूप में वर्णित करने वाली पुरानी नीतियों को छोड़ती है। पुतिन ने पिछले सप्ताह प्रस्ताव के कुछ हिस्सों को अमान्य बताया था, लेकिन प्रारंभिक ड्राफ्ट मॉस्को के अनुकूल था। पुतिन ने कहा कि युद्ध का मुख्य लक्ष्य यूक्रेन को नाटो से दूर रखना और नाटो को यूक्रेन से दूर रखना था। रूस ने किसी भी पश्चिमी शांति सेना को यूक्रेन में तैनात करने का विरोध किया है। ट्रंप ने कहा कि पुतिन युद्ध समाप्त करना चाहते हैं, लेकिन क्षेत्रीय मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।

यह प्रस्ताव पिछले महीने सार्वजनिक हुआ था, जिससे यूक्रेन में चिंता बढ़ गई। यूक्रेनी अधिकारियों ने इसे रूस के पक्ष में झुका हुआ बताया। जेनेवा में अमेरिका-यूक्रेन वार्ता के बाद संशोधित किया गया, जहां जेलेंस्की ने कहा कि यह काम करने योग्य हो सकता है। पुतिन ने इसे भविष्य के समझौते का आधार बताया। ट्रंप ने थैंक्सगिविंग तक सहमति की समयसीमा तय की थी, लेकिन वह बीत चुकी है। ट्रंप ने कहा कि प्रस्ताव अंतिम नहीं है और बदलाव संभव हैं। यूरोपीय नेता जैसे जर्मनी के फ्रेडरिक मर्ज और ब्रिटेन के नेता जेलेंस्की के साथ लंदन में मिलेंगे, जहां अमेरिकी मध्यस्थता पर चर्चा होगी। यूक्रेन ने कहा कि क्षेत्रीय और सुरक्षा मुद्दे मुख्य बाधाएं हैं। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि युद्ध लंबा खींचना अमेरिका के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को कुछ स्वीकार करना होगा। ट्रंप ने पुतिन के साथ अच्छे संबंधों का जिक्र किया और कहा कि दो पक्षों की सहमति जरूरी है। जेलेंस्की ने कहा कि शांति रूस पर दबाव से आएगी। यूक्रेन ने कहा कि प्रस्ताव में संशोधन की गुंजाइश है। रूस ने कहा कि डोनबास क्षेत्र पर नियंत्रण उनका लक्ष्य है। वार्ता में अमेरिकी दूत कीथ केलॉग ने कहा कि प्रयास अंतिम चरण में हैं। ट्रंप ने कहा कि यूरोप को यूक्रेन की सहायता का बोझ उठाना चाहिए। जेलेंस्की ने यूरोपीय समर्थन मांगा। प्रस्ताव में रूस को जी8 में वापसी का प्रावधान है।

यह प्रयास युद्ध के लगभग चार वर्ष बाद आया है, जहां रूस ने फरवरी 2022 में आक्रमण शुरू किया। यूक्रेन ने कहा कि क्षेत्रीय हानि अस्वीकार्य है। ट्रंप ने कहा कि युद्ध से कई जिंदगियां गई हैं। जेलेंस्की ने कहा कि गरिमापूर्ण शांति जरूरी है। रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नष्ट किया, जिससे लाखों लोग ठंड में हैं। यूक्रेन ने कहा कि रूस को जवाबदेह ठहराना होगा। ट्रंप ने कहा कि प्रस्ताव शांति का रास्ता है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा कि आक्रमण को पुरस्कार देना खतरनाक होगा। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन कठिन सर्दी का सामना कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की को प्रस्ताव पढ़ना चाहिए। वार्ता में प्रगति न होने से दबाव बढ़ा है। ट्रंप ने कहा कि वे पुतिन और जेलेंस्की से मिल सकते हैं, लेकिन प्रगति के बाद। यूक्रेन ने कहा कि विस्तृत रिपोर्ट की प्रतीक्षा है। रूस ने अमेरिकी रणनीति का स्वागत किया। जेलेंस्की ने फोन पर विवरण मांगे। ट्रंप ने कहा कि रूस संतुष्ट है। प्रस्ताव में सैन्य सीमा और नाटो प्रतिबंध शामिल हैं। यूक्रेन ने कहा कि सुरक्षा गारंटी मजबूत होनी चाहिए। ट्रंप ने निराशा जताई। जेलेंस्की ने सहयोग का आश्वासन दिया। रूस ने डोनबास पर जोर दिया। यह प्रयास युद्ध समाप्ति की दिशा में है, लेकिन मतभेद बने हुए हैं।

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