Pahalgam Attack: जो हिंदू कलमा नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी, पहले पैंट उतरवाई और फिर.... पढ़िए आतंक की दर्दनाक दास्तां। 

हमलावरों ने सिर्फ पुरुषों को निशाना बनाया। खासतौर पर उन्होंने हिंदुओं को जबरन कलमा पढ़वाने की कोशिश की। जो नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी। मेरे ....

Apr 24, 2025 - 11:31
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Pahalgam Attack: जो हिंदू कलमा नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी, पहले पैंट उतरवाई और फिर.... पढ़िए आतंक की दर्दनाक दास्तां। 

Pahalgam Terror Attack Updates: हमलावरों ने सिर्फ पुरुषों को निशाना बनाया। खासतौर पर उन्होंने हिंदुओं को जबरन कलमा पढ़वाने की कोशिश की। जो नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी। मेरे सामने मेरे पापा को तीन गोलियां मारीं। 'महाराष्ट्र के पुणे की आसावरी पहलगाम (Pahalgam) में घूमने आई थीं और उन्होंने एक न्यूज चैनल को आपबीती सुनाते हुए ये कहा. हमले से जुड़े एक वायरल वीडियो में एक महिला ने रोते हुए कहा, 'हम भेलपूरी खा रहे थे, तभी साइड से दो लोग आए। उनमें से एक ने कहा कि ये मुसलमान नहीं लगता है। इसे गोली मार दो और उन्होंने मेरे पति को गोली मार दी। ' एक अन्य चैनल ने लिखा कि आतंकियों ने लोगों से कलमा पढ़ने को कहा, ताकि वे गोली चलाने से पहले ये जान सकें कि कौन किस धर्म का है। आतंकियों ने टूरिस्टों की पैंट उतरवाई और ID कार्ड भी चेक किया।'

न्यूज एजेंसी PTI को एक पीड़ित महिला ने बताया, 'मेरे पति को सिर पर गोली मारी गई। उन्हें मुसलमान न होने की वजह से गोली मारी गई। ' सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर मारे गए लोग पुरुष हैं। टूरिस्टों को शुरू में पता ही नहीं चला कि क्या हो रहा है, क्योंकि हमलावर सेना की वर्दी पहने हुए थे और मास्क लगाए हुए थे। मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि सेना की वर्दी और नकाब पहने आतंकियों ने टूरिस्टों से नाम पूछे, पहचान पत्र चेक किए, कलमा पढ़वाया, पैंट तक उतरवाई... और जो मुसलमान नहीं थे, उन्हें गोली मार दी।


पहलगाम (Pahalgam) आतंकी हमले में कोलकाता के पाटुली वैष्णवघाटा इलाके के रहने वाले बितान अधिकारी (36) की भी मौत हो गई। अपनी जान बचाने के लिए बितान ने खुद को आतंकियों से झूठ बोला। अमेरिका के फ्लोरिडा में काम करने वाले आइटी पेशेवर बितान इसी महीने छुट्टियों में घर आए थे तथा अपनी पत्नी सोहिनी और बच्चे के साथ कश्मीर घूमने गए थे। जम्मू कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam) में मंगलवार को आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी, जिसमें बंगाल के तीन लोग शामिल हैं।

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बितान के पड़ोसियों के मुताबिक, अधिकारी परिवार 16 अप्रैल को कश्मीर गया था और 24 अप्रैल को वापस कोलकाता लौटने वाले थे। धर्म पूछने पर आतंकियों से उन्होंने कहा कि वह मुसलमान हैं। इसके बाद आतंकियों ने उनको कलमा पढऩे के लिए कहा। जब वह कलमा नहीं बढ़ पाए तो आतंकियों ने उनकी पत्नी और तीन साल के बेटे के सामने उनको गोली मार दी। वहीं, पत्नी व बेटे सुरक्षित हैं। उनके चचेरे भाई दीपक अधिकारी ने रोते हुए कहा कि बितान आठ अप्रैल को अमेरिका से कोलकाता लौटे थे।

15 अप्रैल को बंगाली नववर्ष पर, हम जश्न मनाने के लिए बाहर गए थे और 16 अप्रैल को वे (बितान) कश्मीर के लिए रवाना हुए। उन्होंने मुझे अपने साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन मैंने मना कर दिया। हम रोज बात करते थे और मैं बार-बार उनसे कहता था कि वे घुड़सवारी पर न जाएं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बितान की पत्नी से फोन पर बात की और अपनी संवेदना जताते हुए शोक संतप्त परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इससे पहले बंगाल के वरिष्ठ मंत्री अरूप विश्वास ने बुधवार की सुबह बितान अधिकारी के घर जाकर उनके भाई और अन्य स्वजनों से मुलाकात की।

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