Prayagraj Poster War: राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे से पहले शहर में छिड़ा सियासी 'पोस्टर वार', NEET और झारखंड के मुद्दे पर घेरा
Rahul Gandhi Prayagraj Visit: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे से ठीक पहले शहर के प्रमुख चौराहों पर विवादित पोस्टर लगाकर NEET और झारखंड मुद्दे पर हमला बोला गया है।

- राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे से पहले पोस्टर वार, NEET और झारखंड मुद्दे पर तंज
- Prayagraj Poster War: राहुल गांधी के छात्र संवाद से पहले लगे विवादित पोस्टर, मचा सियासी बवाल
- "NEET पर Hypocrisy की सीमा होती है...": राहुल गांधी के प्रयागराज पहुंचने से पहले लगे तीखे पोस्टर
- Rahul Gandhi Prayagraj Visit: राहुल गांधी के दौरे से पहले प्रयागराज में पोस्टर वॉर, विपक्ष ने दागे तीखे सवाल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के शनिवार, 8 अगस्त 2026 को होने वाले प्रयागराज दौरे से पहले शहर में जोरदार राजनीतिक घमासान मच गया है। संगम नगरी प्रयागराज के प्रमुख चौराहों और इलाकों में राहुल गांधी के खिलाफ पोस्टर चस्पा किए गए हैं, जिनसे सियासी पारा चढ़ गया है। इन पोस्टरों के जरिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) और झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के मुद्दे उठाकर राहुल गांधी पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया गया है। 'गूंज' और 'छात्र संवाद' कार्यक्रम के तहत छात्रों से संवाद करने आ रहे राहुल गांधी के स्वागत में जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैनर-होर्डिंग्स लगाए थे, वहीं इन तीखे पोस्टरों ने दौरे की सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।
प्रयागराज में शनिवार को प्रस्तावित राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले शहर के कई व्यस्तम चौराहों, केपी ग्राउंड के आसपास और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर राहुल गांधी को लक्षित करते हुए कई विवादित पोस्टर देखे गए हैं। इन पोस्टरों में राहुल गांधी के बयानों और नीतियों पर सवाल खड़े किए गए हैं। विशेष रूप से देश भर में चर्चित NEET परीक्षा में अनियमितता के मुद्दे पर उनके रुख और झारखंड में गैर-भाजपा शासित राज्य के तहत छात्रों के प्रदर्शन पर उनकी चुप्पी को लेकर राजनीतिक हमला बोला गया है। हालांकि, इन पोस्टरों पर किसी राजनीतिक दल, संगठन या व्यक्ति के नाम का उल्लेख नहीं है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन्हें किसने लगवाया है।
राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और युवाओं से बातचीत करने वाले हैं। इस कार्यक्रम से पहले प्रशासन और केपी ट्रस्ट के बीच अनुमति रद्द करने व दोबारा बहाल करने को लेकर काफी हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ था। अनुमति मिलने के बाद जब कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे थे, तभी शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के शहर के कई स्थानों पर ये विवादित पोस्टर लगा दिए गए।
इन पोस्टरों पर लिखे स्लोगन काफी तीखे हैं। एक पोस्टर में लिखा गया है, "NEET पर HYPOCRISY की भी सीमा होती है! प्रयागराज में वाह... झारखंड में छी!"। दूसरे पोस्टर में तंज कसते हुए लिखा गया है, "कब आओगे मेरे राहुल? तुम्हें झारखंड बुलाता है"। एक अन्य बैनर पर सवाल पूछा गया है कि "जो भाग कर प्रयागराज आए, वह झारखंड जाने से क्यों घबराए?"।
यह पूरा घटनाक्रम उस समय आया है जब झारखंड में भी हाल ही में राज्य स्तरीय परीक्षाओं के पेपर लीक और धांधली के खिलाफ छात्रों का बड़ा विरोध प्रदर्शन चल रहा है। विरोधियों का आरोप है कि राहुल गांधी जहां केंद्र सरकार के अधीन परीक्षाओं पर मुखर रहते हैं, वहीं विपक्षी गठबंधन शासित राज्यों के मुद्दों पर चुप्पी साधे रहते हैं। पोस्टर वार पर कांग्रेस पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सत्तारूढ़ दल राहुल गांधी के छात्रों और युवाओं से मिल रहे व्यापक समर्थन से बौखला गया है। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का कहना है कि प्रशासन और विरोधी दल किसी भी तरह राहुल गांधी के इस कार्यक्रम को असफल बनाना चाहते हैं, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की अनिश्चितता और पेपर लीक से परेशान युवा राहुल गांधी के साथ खड़े हैं।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जनता और छात्र खुद राहुल गांधी की चुनिंदा राजनीति (Selectivity) से वाकिफ हैं। भाजपा का तर्क है कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आकर तो प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच जाते हैं, लेकिन झारखंड में जब छात्र सड़कों पर लाठियां खाते हैं, तो वे वहां झांकने तक नहीं जाते।
प्रयागराज में अचानक हुए इस पोस्टर वार का सीधा असर शहर के राजनीतिक वातावरण और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ा है। केपी ग्राउंड और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह के आमने-सामने के टकराव की स्थिति को टाला जा सके। इसके साथ ही, इस घटना ने छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है। प्रयागराज में देश भर से लाखों छात्र आकर सिविल सर्विसेज, एसएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, इसलिए यहां इस तरह की राजनीतिक गुटबाजी से माहौल काफी गरमा गया है।
राहुल गांधी का छात्र संवाद कार्यक्रम पूर्व निर्धारित समय के अनुसार केपी ग्राउंड में आयोजित हो रहा है। देखना यह होगा कि राहुल गांधी अपने संबोधन में इन पोस्टरों में उठाए गए सवालों और विरोधी दलों के आरोपों पर क्या जवाब देते हैं। प्रशासनिक स्तर पर विवादित पोस्टरों को हटाने की कवायद शुरू कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि देर रात शहर में यह पोस्टरबाजी किसने की। इस राजनीतिक खींचतान के बीच उत्तर प्रदेश में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर आने वाले दिनों में बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
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